इसे आदि शंकराचार्य की शिक्षाओं को याद रखने के लिए तैयार कराया गया है। पहले प्रतिमा का अनावरण 18 सितंबर को किया जाना था, लेकिन भारी बारिश के चलते कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। आदि शंकराचार्य की यह प्रतिमा खंडवा जिला के मांधाता पहाड़ी पर है। यहां से लोग नर्मदा नदी के दर्शन कर पाएंगे। आदि शंकराचार्य की प्रतिमा आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास और मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (एमपीएसटीडीसी) के मार्गदर्शन में की गई है। आदि शंकराचार्य की प्रतिमा को बनाने में खर्च हुए 2,141.85 करोड़ रुपए सीपी कुकरेजा आर्किटेक्ट्स के मैनेजिंग प्रिंसिपल और इस परियोजना के दूरदर्शी दीक्षु कुकरेजा ने बताया है कि आदि शंकराचार्य के जीवन और दर्शन का सम्मान करने के लिए यह प्रतिमा बनाई गई है। यह महान संत की कृति 'भार्मसूत्र-भाष्य' पर श्रद्धांजलि है। आदि शंकराचार्य की प्रतिमा को बनाने में मध्य प्रदेश सरकार ने 2,141.85 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। इसके निर्माण के लिए "एकात्म यात्रा" निकाली गई थी। यह यात्रा मध्य प्रदेश के 23,000 ग्राम पंचायतों में गई। इस दौरान प्रतिमा के लिए धातु जमा किया गया। इस प्रति...
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