कोई कुंठा का शिकार है तो किसी पर बदले का जुनून सवार है। केंद्रीय कारागार के कैदियों में नकारात्मकता है। इसको सकारात्मक ऊर्जा में बदलने और उनके दिलों में सामाजिक, धार्मिक भाव जगाने के लिए बजरंग दल जुटा है। संगठन के युवा सप्ताह में दो दिन केंद्रीय कारागार में सुंदरकांड का पाठ करते हैं
बजरंग दल द्वारा एक वर्ष से हर मंगलवार और शनिवार के दिन केंद्रीय कारागार में सुंदर कांड पाठ कराया जाता है। विभिन्न अपराधों की सजा काट रहे कैदियों में परिजनों से बिछड़ने का दर्द है, तो कृत्य का अपराध बोध भी है। कुछ में बदलने तो कुछ में बदला लेने का जुनून है। कुछ देर उनके साथ बिताने से उनके भाव चेहरे पर नजर आ जाते हैं। जेल में कार्यक्रम करने गए बजरंग दल के महानगर मिलन प्रमुख मनीष पाराशर ने इनको समझा और कैदियों की नकारात्मक ऊर्जा को सकारात्मक में बदलने का मन बनाया। डीआइजी जेल की पहल पर जेल में सप्ताह में दो बार सुंदर कांड का पाठ आयोजित कराया जाने लगा। कभी मुख्य मंदिर, कभी सर्किल में मौजूद मंदिर पर पाठ का आयोजन होता है, जिसमें 200 से 300 कैदियों से अधिक हिस्सा लेते हैं। बजरंग दल की यह पहल उन कैदियों में नई ऊर्जा का संचार कर रही है, जो जीवन से निराश हो चुके हैं। कैदियों में नकारात्मक भाव देखा तो उनमें सकारात्मक ऊर्जा के संचार के लिए सुंदर कांड का पाठ आयोजित कराया। नकारात्मक भाव से कैदी डिप्रेशन में चले जाते हैं या उग्र हो जाते हैं। ये प्रयास सार्थक हो रहे है। इसके लिए बाहर से टीम बुलाई जाती है।
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