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*सीआरसी गोरखपुर में ऑनलाइन मनाया गया विश्व स्वालीनता जागरूकता दिवस*
*रिपोर्टर-बीपीमिश्र*
गोरखपुर ।सी.आर.सी.  विश्व स्वालीनता  जागरूकता दिवस का आयोजन ऑनलाइन माध्यम से किया गया। बता दें हर वर्ष 2 अप्रैल को विश्व स्वालीनता जागरूकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी बात को ध्यान में रखकर सीआरसी गोरखपुर में ई-परामर्श श्रृंखला 177 का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देश के प्रख्यात पुनर्वास व्यावसायिक श्री पंकज बाजपेई, पूर्व प्रभारी निदेशक, एन आई एल डी कोलकाता और डॉ पारुल प्रसाद, मनोरोग चिकित्सक, लखनऊ ने अपने विचार व्यक्त किए। अपनी बात कहते हुए डॉ पारुल प्रसाद ने कहा कि स्वलीनता एक प्रकार का विकार है जिसमें बच्चे का सामाजिक विकास कम होता है। जिसके लिए बच्चे को उचित पुनर्वास सेवाएं दिलवाने की जरूरत होती है। श्री पंकज बाजपेई ने अपनी बात कहते हुए कहा कि स्वालीन बच्चों की पढ़ाई और कैरियर का चुनाव करते समय विशेष सावधानी रखने की जरूरत होती है। सीआरसी गोरखपुर के नैदानिक मनोविज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक श्री राजेश कुमार ने स्वलीनता के लक्षण पहचान तथा बचाव की चर्चा करते हुए कहा कि हमें स्वालीन बच्चों को ज्यादा से ज्यादा अवसर प्रदान करना चाहिए। जिससे उनका सामाजिक विकास हो सके। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण  संस्थान के निदेशक डॉ हिमांग्शु दास के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। सीआरसी गोरखपुर के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर श्री रवि कुमार ने कार्यक्रम के प्रति अपनी शुभकामनाएं व्यक्त की।  विशेष शिक्षा विभाग के सहायक प्राध्यापक श्री नीरज मधुकर ने सभी प्रतिभागियों एवं वक्ता गणों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन विशेष शिक्षक अरविंद कुमार पांडेय ने कियाव्यवसायिक चिकित्सा विभाग के प्रवक्ता श्री अमित कुमार कच्छप ने प्रश्नोत्तर काल का संचालन किया तथा तकनीकी सहयोग राजेश कुमार यादव, पुनर्वास अधिकारी ने दिया । अंत में सहायक प्राध्यापक श्री राजेश कुमार ने सबके प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। ऑनलाइन माध्यम से इस कार्यक्रम में 100 से ज्यादा लोगों ने प्रतिभाग किया।

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