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*भील आदिवासी समाज की बालिका महिला अपने 3 वर्ष के मासूम बच्चे से 43 दिन लॉक डाउन में फंसकर मासूम बच्चे से दूर रही* रिपोर्टर-राकेश शर्मा,मनासाकुकड़ेश्वर-स्थित सहस्त्र मुक्तेश्वर भोलेनाथ मंदिर से 10 किलोमीटर दूर सुवासरा बुजुर्ग में भील आदिवासी महिला ने 14 दिन सोशल डिस्टेंस का पालन कर जंगल में गांव से 2 किलोमीटर दूर खेत पर बच्चे से अलग रही अपने 3 वर्ष के मासूम बच्चे से अलग सोशल डिस्टेंस का पालन कर आदिवासी भील समाज की बालिका महिला को सम्मान पूर्वक उसके घर पर ला कर रखा पत्रकार एवं मध्य प्रदेश आदर्श ग्रामीण राजस्व वसूली पटेल के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र पटेल ग्राम वासियों की मौजूदगी में नींबू का जूस पिलाकर पटेल ने ग्राम वासियों को समझाइश दी बीमारी से भेदभाव करना मरीज से छुआछूत ना करें एवं ऐसे पैदल चलकर आने वाले मजदूरों एवं स्टूडेंट सभी की मदद करके उन्हें राशन पानी की व्यवस्था करें एवं उन सभी का जो भी नागरिक बाहर से आते हैं उनका सहयोग करें आदिवासी बालिका महिला से जब पत्रकार द्वारा पूछा गया कि आपका 3 वर्ष का मासूम बच्चा 14 दिन तक एवं 43 दिन आप इंदौर में जनता कर्फ्यू लोक डाउन में फंस गई थी आपसे दूर है और आपने सोशल डिस्टेन्स का पालन किया इसमें आप ग्राम वासियों एवं नागरिकों को क्या मैसेज देना चाहोगी तो आदिवासी बालिका महिला सुगना भील ने कहा मैंने 14 दिन का वनवास क्यों काटा है इससे पहले मैं इंदौर में डेढ़ महीने तक लॉक डाउन जनता कर्फ्यू में फंसी हुई थी मैंने मध्य प्रदेश शासन के पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी जी से मदद मांगी थी कि मैं मेरे घर मेरे बच्चे के पास जाना चाह रही हूं आप कुछ भी करके मेरे घर तक जाने की कलेक्टर महोदय से परमिशन करा दीजिए मध्य प्रदेश शासन के पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा जी के सामने भी मैंने मेरी गुहार लगाई थी पत्रकार राजू भैया को फोन लगाएं भैया ने मध्य प्रदेश शासन के पूर्व मंत्री पूर्व शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी जी से और पूर्व उद्योग मंत्री नरेंद्र नाहटा जी से मैं आपकी बात करता हूं आप सभी ने मेरी पीड़ा दुख दर्द समझ कर जो मेरी मदद की मैं सभी का मेरे आदिवासी भील समाज की ओर से मैं सभी का धन्यवाद और आभार मानती हूं आदिवासी भीलद्वारा हम हमारे गरीबों की मदद कर हमें हमारे घर तक पहुंचाया आगे महिला सुगना भील ने कहा मेरे साथ कुछ लोगों ने छुआछूत भेदभाव भी किया लेकिन मैंने उन की और ध्यान नहीं दिया और मैं पीड़ा दर्द सहन करती रही नहीं देखते हुए मैंने मेरे बच्चे एवं मेरे गांव के लोगों का दुख-दर्द देखते हुए मैंने 14 दिन का वनवास काटा और मैं एकदम स्वस्थ हूं मैंने इन दिनों के अंतराल में तीन बार मेरी थर्मल स्कैन जांच कार्रवाई एवं आज भी मैंने कुकड़ेश्वर मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर हेमंत पाटीदार जी से थर्मल स्क्रीन कराई और मैं एकदम स्वस्थ और मेरे बच्चे के साथ मेरे गांव में सुरक्षित घर के अंदर हूं।
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