परिवार नियोजन से संबन्धित पाँच दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न
परिवार नियोजन के लिए घर घर सेवाएं देंगी एएनएम व स्टाफ नर्स, सवाल जवाब के आधार पर होगा परिवार नियोजन विधि का चुनाव।
कानपुर देहात। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं हिंदुस्तान लेटेक्स फैमिली प्लानिंग प्रमोशन ट्रस्ट (एचएलएफपीपीटी) के सहयोग से जिला महिला चिकित्सालय, अकबरपुर में परिवार नियोजन से संबन्धित एएनएम एवं स्टाफ नर्स की पाँच दिवसीय प्रशिक्षण का समापन शनिवार को किया गया। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कल्याण के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अर्चना श्रीवास्तव ने प्रमाण पत्र वितरण किया। इस प्रशिक्षण में प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों की एएनएम एवं स्टाफ नर्सों को परिवार नियोजन की अस्थायी विधियों के बारे में जागरूक किया गया जिससे वह अपने क्षेत्र में जाकर लोगों को सही सेवाएँ दे सकें।
इस प्रशिक्षण में डॉ अर्चना श्रीवास्तव ने एएनएम एवं स्टाफ नर्सों से कहा कि यहाँ पर पाँच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान जो कुछ भी सिखाया गया है उसके अनुसार अपने क्षेत्र में गुणवत्ता पूर्वक कार्य करें जिससे परिवार नियोजन की अस्थायी विधियों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ सकें और मातृ मृत्यु एवं शिशु मृत्यु दर में और कमी लायी जा सकें।
डॉ श्रीवास्तव ने सभी को बताया कि परिवार नियोजन की अस्थायी व स्थायी विधियों के बारे में काउंसलिंग व फालोंअप करना बहुत जरूरी है। उन्होंने परिवार नियोजन की अस्थायी विधियो में पीपीआईयूसीडी पर ज़ोर देते हुये बताया कि अभी तक यह विधि जिला, पीएचसी, सीएचसी तक ही थी जिसको अब सभी उप-केन्द्रों और समुदाय तक बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि महिलाएं इस विधि का लाभ ले सके।
एचएलएफपीपीटी के क्षेत्रीय समन्वयक और संचार अधिकारी, नरेंद्र दुबे ने बताया कि उनकी संस्था प्रदेश के सभी जिलों में परिवार नियोजन के अस्थायी विधियों पर एएनएम एवं स्टाफ नर्सों को प्रशिक्षण करा रही है जिससे गुणवत्ता में सुधार हो सकें और अधिक से अधिक लोग परिवार नियोजन के अस्थायी विधियों को अपना सकें।
उपस्थित डॉक्टर एवं ट्रेनर डॉ शिखा श्रीवास्तव और पूनम पटेल ने आईयूसीडी एवं पीपीआईयूसीडी को कैसे लगाना है उसके बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही इसका अभ्यास भी करवाया। एएनएम एवं स्टाफ नर्सों को बताया गया कि आईयूसीडी एवं पीपीआईयूसीडी को लगाते समय स्वास्थ्य कार्यकर्ता को महिला के बारे में पहले पूरी जानकारी करनी होगी की उसे किसी तरह का संक्रमण तो नहीं है यदि है तो पहले संक्रमण दूर करें, फिर आईयूसीडी एवं पीपीआईयूसीडी को लगाए।
इस दौरान एएनएम एवं स्टाफ नर्स इत्यादि मौजूद रही।
परिवार नियोजन के लिए घर घर सेवाएं देंगी एएनएम व स्टाफ नर्स, सवाल जवाब के आधार पर होगा परिवार नियोजन विधि का चुनाव।
कानपुर देहात। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं हिंदुस्तान लेटेक्स फैमिली प्लानिंग प्रमोशन ट्रस्ट (एचएलएफपीपीटी) के सहयोग से जिला महिला चिकित्सालय, अकबरपुर में परिवार नियोजन से संबन्धित एएनएम एवं स्टाफ नर्स की पाँच दिवसीय प्रशिक्षण का समापन शनिवार को किया गया। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कल्याण के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अर्चना श्रीवास्तव ने प्रमाण पत्र वितरण किया। इस प्रशिक्षण में प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों की एएनएम एवं स्टाफ नर्सों को परिवार नियोजन की अस्थायी विधियों के बारे में जागरूक किया गया जिससे वह अपने क्षेत्र में जाकर लोगों को सही सेवाएँ दे सकें।
इस प्रशिक्षण में डॉ अर्चना श्रीवास्तव ने एएनएम एवं स्टाफ नर्सों से कहा कि यहाँ पर पाँच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान जो कुछ भी सिखाया गया है उसके अनुसार अपने क्षेत्र में गुणवत्ता पूर्वक कार्य करें जिससे परिवार नियोजन की अस्थायी विधियों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ सकें और मातृ मृत्यु एवं शिशु मृत्यु दर में और कमी लायी जा सकें।
डॉ श्रीवास्तव ने सभी को बताया कि परिवार नियोजन की अस्थायी व स्थायी विधियों के बारे में काउंसलिंग व फालोंअप करना बहुत जरूरी है। उन्होंने परिवार नियोजन की अस्थायी विधियो में पीपीआईयूसीडी पर ज़ोर देते हुये बताया कि अभी तक यह विधि जिला, पीएचसी, सीएचसी तक ही थी जिसको अब सभी उप-केन्द्रों और समुदाय तक बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि महिलाएं इस विधि का लाभ ले सके।
एचएलएफपीपीटी के क्षेत्रीय समन्वयक और संचार अधिकारी, नरेंद्र दुबे ने बताया कि उनकी संस्था प्रदेश के सभी जिलों में परिवार नियोजन के अस्थायी विधियों पर एएनएम एवं स्टाफ नर्सों को प्रशिक्षण करा रही है जिससे गुणवत्ता में सुधार हो सकें और अधिक से अधिक लोग परिवार नियोजन के अस्थायी विधियों को अपना सकें।
उपस्थित डॉक्टर एवं ट्रेनर डॉ शिखा श्रीवास्तव और पूनम पटेल ने आईयूसीडी एवं पीपीआईयूसीडी को कैसे लगाना है उसके बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही इसका अभ्यास भी करवाया। एएनएम एवं स्टाफ नर्सों को बताया गया कि आईयूसीडी एवं पीपीआईयूसीडी को लगाते समय स्वास्थ्य कार्यकर्ता को महिला के बारे में पहले पूरी जानकारी करनी होगी की उसे किसी तरह का संक्रमण तो नहीं है यदि है तो पहले संक्रमण दूर करें, फिर आईयूसीडी एवं पीपीआईयूसीडी को लगाए।
इस दौरान एएनएम एवं स्टाफ नर्स इत्यादि मौजूद रही।

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