गोरखपुर 28 दिसंबर 2019 समाजवादी पार्टी के निवर्तमान जिलाध्यक्ष प्रहलाद यादव दिन में 1:00 बजे समाजवादी पार्टी कार्यालय बेतियाहाता में प्रेस वार्ता किए। समाजवादी पार्टी का कहना है कि संपूर्ण प्रदेश वा देश मैं जाति आधारित गणना सरकार कराए और जिन जातियों की इतनी संख्या जिन प्रदेशों में है वहां प्रांतीय सरकारें जांच की संख्या के आधार पर उन्हें सरकारी व गैर सरकारी सभी स्तरों पर प्रतिनिधित्व दे और केंद्रीय बिभागों में गणना की गई संपूर्ण संख्या के अनुपात में सभी विभागों में प्रतिनिधित्व दें। इससे आरक्षण की आवश्यकता भी खत्म हो जाएगी और सभी जातियों के लोग अपनी ही जाति के इससे में आने वाले पद व कैटेगरी में चयनित हो सकेंगे और हर जात के सर्वोत्तम वा योग्य लोग कार्य करने का अवसर पाएंगे तब प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी । इधर विगत 20 दिसंबर 2019 को जनपद गोरखपुर के लिए कुछ शहरी इलाके में केंद्रीय सरकार द्वारा पारित नागरिक संशोधन कानून से असहमति जताने के लिए कुछ शहरी युवकों द्वारा कोतवाली क्षेत्र में एक विशेष मार्च निकालने का प्रयास किया जा रहा था ।उसी समय पुलिस बल के साथ सिविल लोग जो अपने हाथों में पुलिस की तरह लाठियां लिए हुए थे नारा लगाने वाले लोगों को गालियां देकर मारने लगे। जिससे भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई और भागते समय कुछ लोगों ने उन सिविल लठैतों के ऊपर इट के टुकड़े अपने बचाव में फ़ेका उसी समय पुलिस द्वारा लाठी चार्ज करने से सारे लोग भाग गए ।किसी भी तरह की कोई हिंसा भीड़ द्वारा नहीं की गई नाही किसी सरकारी व गैर सरकारी संपत का नुकसान हुआ ।किंतु मुख्यमंत्री के निर्देश पर बदला लेने की योजना बनाकर सैकड़ों बेकसूर लोगों का उत्पीड़न पुलिस द्वारा किया जा रहा है। दफा 151 भारतीय दंड विधान की ऐसी धारा है जो निषेधात्मक है दंडात्मक नहीं लेकिन करीब दो दर्जन लोगों को धारा 151 में जेल में रखा गया है ।प्रशासन उनकी जमानत के लिए मुचलका तक भरवाने को तैयार नहीं है ।इसमें दो लोग राशिद अली पुत्र शब्बीर अली मोहम्मद यासीन पुत्र मुंशी सीतापुर जिले के हैं और फेरी लगाकर कपड़ा बेचते हैं जिनकी बिक्री का 20000 रुपया बीसहजार)मोबाइल भी कोतवाली में जमा है तथा तीन युवकों को सादात हमजा अयूब खान को गंभीर धारा लगाकर हाई सिक्योरिटी बैरिक में रखा गया है ।।गोरखपुर के शहरी शांति प्रिय लोग हैं और गोरखपुर में किसी भी तरह की हिंसा जुलूस निकाल रहे लोगों ने नहीं किया है। शहर में कानून व्यवस्था के नाम पर मुख्यमंत्री के निर्देश पर एक धर्म विशेष के लोगों का उत्पीड़न बंद होना चाहिए पुलिस के पास जो भी वैज्ञानिक सबूत है उन सबूतों के आधार पर जिन पर कार्यवाही बनती हो वह किया जाए लेकिन किसी भी निर्दोष का उत्पीड़न उचित नहीं है उत्पीड़न बंद किया जाना चाहिए ।गोरखपुर के जिला प्रशासन से अपील है जो धारा 151 अनिरुद्ध कर जेल भेजे गए हैं उन्हें अबिलंब रिहा किया जाए ।और जिन लोगों पर अनावश्यक रूप से गंभीर धाराएं लगाई गई हैं उनकी जांच होने तक गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाए ।एवंअनावश्यक रूप से लगाई गई धाराएं खत्म किए जाएं। जिले में पड़ रही कड़ाके ठंड को देखते हुए सार्वजनिक जगहों पर अलाव जलाई जाए कंबल वितरण में तेजी लाई जाए और सभीअसहाय गरीबों को कंबल उपलब्ध कराया जाय । जिले में कानून व्यवस्था ध्वस्त है चोरी डकैती छीनओती हत्या एवं बलात्कार की घटनाएं बढ़ रही हैं प्रशासन का ध्यान ऐसी घटनाओं को रोकने पर होना चाहिए ।आवारा पशुओं एवं नील गायों से किसानों की फसल बर्बाद हो रही है इस कड़कती ठंड में आवारा पशुओं से अपनी फसल बचाने के लिए किसान रात को भी खेतों में जाने के लिए मजबूर है जिसमें उनकी असमय मृत्यु तक हो जा रही है।
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