Skip to main content

*वैष्णाे देवी की साइकिल से जाने के लिए जत्था हुआ रवाना, जगह जगह फूल मालाओं से हुआ स्वागत*(रिपोर्ट-राकेश शर्मा-मनासा)नीमच। 29 दिसम्बर/ मां वैष्णोदेवी के दर्शनों के लिए नीमच से लगभग 40 साइकिल यात्रियों का दल वैष्णोदेवी धाम के लिए आज रवाना हुआ । प्रतिवर्षनुसार 15 दिवसीय वैष्णव देवी सायकल यात्रा विश्व शांति की प्रार्थना के लिए आज प्रातः 09 बजे बघाना के लोधा मोहल्ला स्तिथ भैरव मंदिर पठारी से पूजा-अर्चना के बाद ढोल धमाकों के साथ रवाना हुए जिनका शहरवासियों एवं सामाजिक संगठनों की ओर से जगह-जगह फूल मालाएं पहनाकर , पुष्पवर्षा कर व मुँह मीठा करवाकर इन साइकिल यात्रियों का स्वागत किया व बड़ी संख्या में लोगों द्वारा शहर की सीमा पर साइकिल यात्रियों को भावभीनी विदाई दी । इन यात्रियों के परिजनों के चेहरों पर खुसी ओर कईओ की आंखे नम के मील जुले भाव दिखे।ये यात्रा हर वर्ष इसी दिसम्बर माह की कड़ाके की ठंड में नीमच से करीब 1500 किलोमीटर की दूरी 11 दिन में तय करके यह साइकिल यात्री 09 जनवरी को जम्मू के कटरा स्तिथ वैष्णोदेवी धाम पहुंचेंगे। दल के नेतृत्व बिहारीलाल लोधा कर रहे है जिनकी देखरेख में लगभग 40 से 45 युवाओं की टोली वैष्णो देवी के लिए साइकिल यात्रा पर निकले हैं !ये दल नीमच से राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश , जम्मू कश्मीर के कई बड़े व छोटे शहरों से गुजरता हुआ यंहा स्तिथ कई धार्मिक स्थलों का भ्रमण व दर्शन करेगा। जिसमें स्वर्ण मंदिर, बाघा बॉर्डर, भाखड़ा नागल बांध, ज्वाला देवी, कांगड़ा देवी आदि प्रमुख दर्शनीय व धार्मिक स्थान रहेंगे। इस दल के सदस्यों में 17 साल से लेकर 40 साल तक के व्यक्ति शामिल है जो रोजाना 80 से 110 किमी की यात्रा प्रतिदिन कर रात्रि में विश्राम करते हुए अपनी ये कड़ाके की ठंड में तपस्या रूपी यात्रा को पूरा कर पुनः नीमच बस द्वारा लौटेंगे ।

*वैष्णाे देवी की साइकिल से जाने के लिए  जत्था हुआ रवाना, जगह जगह फूल मालाओं से हुआ स्वागत*

(रिपोर्ट-राकेश शर्मा-मनासा)
नीमच। 29 दिसम्बर/ मां वैष्णोदेवी के दर्शनों के लिए नीमच से लगभग 40 साइकिल यात्रियों  का दल वैष्णोदेवी धाम के लिए आज रवाना हुआ ।  
प्रतिवर्षनुसार 15 दिवसीय वैष्णव देवी सायकल यात्रा विश्व शांति की प्रार्थना के लिए आज प्रातः 09 बजे बघाना के लोधा मोहल्ला स्तिथ भैरव मंदिर पठारी से पूजा-अर्चना के बाद ढोल धमाकों के साथ रवाना हुए जिनका शहरवासियों एवं सामाजिक संगठनों की ओर से जगह-जगह फूल मालाएं पहनाकर , पुष्पवर्षा कर व मुँह मीठा करवाकर इन साइकिल यात्रियों का स्वागत किया व बड़ी संख्या में लोगों द्वारा शहर की सीमा पर साइकिल यात्रियों को भावभीनी विदाई दी । इन यात्रियों के परिजनों के चेहरों पर खुसी ओर कईओ की आंखे नम के मील जुले भाव दिखे।ये यात्रा हर वर्ष इसी दिसम्बर माह की कड़ाके की ठंड में नीमच से करीब 1500 किलोमीटर की दूरी 11 दिन में तय करके यह साइकिल यात्री 09 जनवरी को जम्मू के कटरा स्तिथ वैष्णोदेवी धाम पहुंचेंगे। दल के नेतृत्व बिहारीलाल लोधा कर रहे है जिनकी देखरेख में लगभग 40 से 45 युवाओं की टोली वैष्णो देवी के लिए साइकिल यात्रा पर निकले हैं !
ये दल नीमच से राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश , जम्मू कश्मीर के कई बड़े व छोटे शहरों से गुजरता हुआ यंहा स्तिथ कई धार्मिक स्थलों का भ्रमण व दर्शन करेगा। जिसमें स्वर्ण मंदिर, बाघा बॉर्डर, भाखड़ा नागल बांध, ज्वाला देवी, कांगड़ा देवी आदि प्रमुख दर्शनीय व धार्मिक स्थान रहेंगे। इस दल के सदस्यों में 17 साल से लेकर 40 साल तक के व्यक्ति शामिल है जो रोजाना 80 से 110 किमी की यात्रा प्रतिदिन  कर रात्रि में विश्राम करते हुए अपनी ये कड़ाके की ठंड में तपस्या रूपी यात्रा को पूरा कर पुनः नीमच बस द्वारा लौटेंगे ।

Comments

Popular posts from this blog

अलीराजपुर यूनिकेयर हॉस्पिटल यहां पर सभी प्रकार

अलीराजपुर यूनिकेयर हॉस्पिटल यहां  पर सभी प्रकार के चर्म रोग स्त्री रोग इलाज किया जाता है सभी को फायदा पहुंचता है दांत खाद खुजली मासा सभी प्रकार का इलाज किया जाता है आबिद हुसैन कुरेशी

DlightNews

बामनपुरी रामलीला में धनुष यज्ञ लीला का हुआ मनमोहक मंचन , बरेली से जिला , संवाददाता अभिनय रस्तोगी की रिपोर्ट बरेली। बमनपुरी में चल रही 166 वीं श्री रामलीला के पाचवें दिन कलाकारों ने सीता स्वयंवर व धनुष यज्ञ की लीला का शानदार मंचन किया। सीता स्वयंवर में भगवान श्री राम ने शिव धनुष को उठाया तो पूरा पंडाल जय श्रीराम के जयकारे से गूंज उठा। रामलीला की शुरूआत में दिखाया गया कि जनकपुर में जनक जी अपनी पुत्री सीता के स्वयंवर के लिए देश देशांतर के राजाओं को बुलवाते हैं और शिव धनुष को उठाने व प्रत्यंचा चढ़ाने की शर्त रखते हैं, कोई भी राजा धनुष को हिला नहीं पाता है। राजा जनक के अभिनय ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इस दौरान रावण -बाणासुर के ओजस्वी संवादों को सुनकर श्रद्धालु रोमांचित हो उठे। अंततः रावण स्वयंवर सभा छोड़कर लंका वापस लौट जाता है उधर जब सारे राजा धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाना तो दूर, उसे तिल भर हिला तक नहीं पाते हैं तो यह देखकर राजा जनक अधीर हो उठते हैं और करुण विलाप करते हैं वो इस आशंका से भयभीत हो जाते हैं कि उनके इस कठिन प्रण के चलते सीता जी जीवन भर कुंवारी ना रह जाएं, वह हताशा...

DlightNews

शाह समाज महासम्मेलन के पदाधिकारीयों आज राजधानी लखनऊ में बैठक अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री से करेंगे मुलाकात संक्षेप: Lucknow News - लखनऊ में उत्तर प्रदेश शाह अल्वी समाज की आगामी महासम्मेलन की तैयारी में पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री से मुलाकात करने का निर्णय लिया और प्रशासन से सहयोग की मांग की। बैठक विक्रमादित्य मार्ग स्थित लखनऊ मंत्री दानिश आजाद जी के आवास पर हुई। इस दौरान पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश भाषा विभाग के पूर्व अध्यक्ष श्री तुरज जैदी से भी औपचारिक मुलाकात की इस संबंध में शाह समाज के पदाधिकारियों ने मंत्री दानिश आजाद अंसारी जी से मुलाकात करने की बात कही। राष्ट्रीय सह संयोजक जियारत अली शाह मलंग ने कहा कि हमारा मकसद है कि बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश के लोंगो को एक मंच पर लाया जाए बैठक में प्रदेश अध्यक्ष शोहरत अली शाह मलंग,राष्ट्रीय सह संयोजक जियारत अली शाह मलंग राष्ट्रीय संयोजक ताहिर शाह, मारूफ,दानिश आदि रहे।