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राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को राजद्रोह के मामले में मौत की सजा सुनाई गई है।पाकिस्तान के पूर्व सैन्य तानाशाह और राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को राजद्रोह के मामले में मौत की सजा सुनाई गई है। मुशर्रफ को देशद्रोह के लिए फांसी देने की सजा सुनाई गई है। मामला इस्लामाबाद की विशेष अदालत में चल रहा था। बता दें कि फिलहाल परवेज मुशर्रफ दुबई में हैं। पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ मामले की सुनवाई पेशावर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश वकार अहमद सेठ के नेतृत्व वाली विशेष अदालत की तीन सदस्यीय पीठ ने की है।यह है मामलापाक के पूर्व राष्ट्रपति मुशर्रफ संविधान को भंग करने और 2007 में आपात शासन लगाने के मामले में राजद्रोह के आरोपों का सामना कर रहे हैं। मुशर्रफ को 31 मार्च, 2014 को दोषी ठहराया गया था। अपीलीय मंचों पर याचिकाओं के कारण पूर्व सैन्य शासक के मुद्दकमे में देरी हुई और वह शीर्ष अदालतों और गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद मार्च 2016 में पाकिस्तान से बाहर चले गए। 76 साल के मुशर्रफ उपचार के लिए दुबई गए थे और तब से सुरक्षा व स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर वापस पाकिस्तान नहीं लौटे।अस्पताल से जारी किया वीडियोमुशर्रफ को 5 दिसंबर को बयान रिकॉर्ड कराने के लिए कहा गया था। इस पर पिछले हफ्ते दुबई में रह रहे मुशर्रफ ने समर्थकों के लिए संदेश जारी करते हुए कहा था कि वह काफी बीमार हैं और देश आकर बयान नहीं दर्ज कर सकते। पाकिस्तान मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुशर्रफ एक दुर्लभ बीमारी अमिलॉइडोसिस से पीड़ित हैं। इस बीमारी से पीड़ित मरीज के शरीर में बची हुई प्रोटीन अंगों में जमा होने लगती है।

राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को राजद्रोह के मामले में मौत की सजा सुनाई गई है।

पाकिस्तान के पूर्व सैन्य तानाशाह और राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को राजद्रोह के मामले में मौत की सजा सुनाई गई है। मुशर्रफ को देशद्रोह के लिए फांसी देने की सजा सुनाई गई है। मामला इस्लामाबाद की विशेष अदालत में चल रहा था। बता दें कि फिलहाल परवेज मुशर्रफ दुबई में हैं। पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ मामले की सुनवाई पेशावर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश वकार अहमद सेठ के नेतृत्व वाली विशेष अदालत की तीन सदस्यीय पीठ ने की है।
यह है मामला
पाक के पूर्व राष्ट्रपति मुशर्रफ संविधान को भंग करने और 2007 में आपात शासन लगाने के मामले में राजद्रोह के आरोपों का सामना कर रहे हैं। मुशर्रफ को 31 मार्च, 2014 को दोषी ठहराया गया था। अपीलीय मंचों पर याचिकाओं के कारण पूर्व सैन्य शासक के मुद्दकमे में देरी हुई और वह शीर्ष अदालतों और गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद मार्च 2016 में पाकिस्तान से बाहर चले गए।  76 साल के मुशर्रफ उपचार के लिए दुबई गए थे और तब से सुरक्षा व स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर वापस पाकिस्तान नहीं लौटे।
अस्पताल से जारी किया वीडियो
मुशर्रफ को 5 दिसंबर को बयान रिकॉर्ड कराने के लिए कहा गया था। इस पर पिछले हफ्ते दुबई में रह रहे मुशर्रफ ने समर्थकों के लिए संदेश जारी करते हुए कहा था कि वह काफी बीमार हैं और देश आकर बयान नहीं दर्ज कर सकते। पाकिस्तान मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुशर्रफ एक दुर्लभ बीमारी अमिलॉइडोसिस से पीड़ित हैं। इस बीमारी से पीड़ित मरीज के शरीर में बची हुई प्रोटीन अंगों में जमा होने लगती है।

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