फटी सड़कें, पलटी गाड़ियां...देखें- PoK में भूकंप से तबाही की पहली तस्वीर
राजधानी दिल्ली समेत पूरा उत्तर भारत भूकंप के तेज झटके से दहल गया. भूकंप की वजह से पाकिस्तान में भारी तबाही मची है. भूकंप की वजह से पांच लोगों के मरने की खबर भी सामने आई है. भूकंप के झटके 4 बजकर 35 मिनट पर महसूस किए गए हैं. भूकंप का झटका महसूस करते ही लोगों में दहशत फैल गई और वो अपने-अपने दफ्तर और घरों से बाहर निकल गए. हालांकि
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के मीरपुर में भूकंप के तेज झटकों की वजह से कई इमारतों के गिरने की खबर भी सामने आ रही है. पीओके में भूकंप की वजह से 58 लोगों के बुरी तरह घायल बताए जा रहे हैं. पाकिस्तान में कई जगह सड़कों में दरार भी नजर आने लगी है.
रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.3 नापी गई है, इसका केंद्र पीओके के जाटलान के पास बताया जा रहा है. यह जगह लाहौर से करीब से 173 किलोमीटर दूर था. भूकंप के झटके हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, कश्मीर, हिमाचल प्रदेश की अलग-अलग जगहों पर भी महसूस किया गया है.
अब तक भूकंप से भारत में जानमाल के किसी नुकसान की कोई सूचना नहीं आई है. भूकंप का केंद्र PoK का जाटलान इलाका बताया जा रहा है. यह इलाका सटे होने के चलते जम्मू-कश्मीर में भूकंप का असर ज्यादा महसूस किया गया है.
हालांकि जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजी ने साफ किया है कि जम्मू-कश्मीर में भूकंप से अब किसी नुकसान की खबर सामने नहीं आई है.
पीओके में भूकंप की वजह से मची तबाही में पांच लोगों के मौत की खबर भी सामने आ रही है. वहां सड़कें बीच से फट गई हैं. गाड़ियां पलट गईं.
पाक मीडिया का यह भी दावा है कि यहां एक इमारत पूरी तरह से जमींदोज हो गई है, जिसमें 50 से ज्यादा लोगों के जख्मी होने की खबर है.
इससे पहले 2005 में भी जम्मू-कश्मीर में ऐसा ही तेज भूकंप आया था. उसमें कश्मीर में काफी नुकसान हुआ था. उस समय 7.6 स्केल का भूकंप आया था, जिसमें काफी लोगों की मौत हुई थी.
डॉन न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में भूकंप के झटके जोरदार तरीके से आठ से 10 सेकंड तक महसूस किए गए. भूकंप का असर प्रमुख रूप से इस्लामाबाद, पेशावर, रावलपिंडी और लाहौर में देखने को मिला.
पाकिस्तान के जियो न्यूज चैनल के मुताबिक पीओके में नहर के किनारे करीब 20 गांव भी भूकंप की चपेट में आ गए हैं जिस वजह से वहां हजारों लोग मुश्किल में फंस सकते हैं. बता दें कि 8 अक्टूबर, 2005 में भी पीओके में भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी.
पीओके में भूकंप के झटके महसूस होने के बाद लोग अपने घरों से लेकर दफ्तरों की इमारत से बाहर की ओर भागते नजर आए.
बता दें कि झेलम नदी पर बने मंगला डैम से ही यह नहर निकलती है जिसके आसपास नुकसान की खबर है.
नहर पर बने पुल के भी क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आ रही है. आसपास के गांवों में अब नहर का पानी भरने का भी खतरा मंडरा रहा है.
राजधानी दिल्ली समेत पूरा उत्तर भारत भूकंप के तेज झटके से दहल गया. भूकंप की वजह से पाकिस्तान में भारी तबाही मची है. भूकंप की वजह से पांच लोगों के मरने की खबर भी सामने आई है. भूकंप के झटके 4 बजकर 35 मिनट पर महसूस किए गए हैं. भूकंप का झटका महसूस करते ही लोगों में दहशत फैल गई और वो अपने-अपने दफ्तर और घरों से बाहर निकल गए. हालांकि
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के मीरपुर में भूकंप के तेज झटकों की वजह से कई इमारतों के गिरने की खबर भी सामने आ रही है. पीओके में भूकंप की वजह से 58 लोगों के बुरी तरह घायल बताए जा रहे हैं. पाकिस्तान में कई जगह सड़कों में दरार भी नजर आने लगी है.
रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.3 नापी गई है, इसका केंद्र पीओके के जाटलान के पास बताया जा रहा है. यह जगह लाहौर से करीब से 173 किलोमीटर दूर था. भूकंप के झटके हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, कश्मीर, हिमाचल प्रदेश की अलग-अलग जगहों पर भी महसूस किया गया है.
अब तक भूकंप से भारत में जानमाल के किसी नुकसान की कोई सूचना नहीं आई है. भूकंप का केंद्र PoK का जाटलान इलाका बताया जा रहा है. यह इलाका सटे होने के चलते जम्मू-कश्मीर में भूकंप का असर ज्यादा महसूस किया गया है.
हालांकि जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजी ने साफ किया है कि जम्मू-कश्मीर में भूकंप से अब किसी नुकसान की खबर सामने नहीं आई है.
पीओके में भूकंप की वजह से मची तबाही में पांच लोगों के मौत की खबर भी सामने आ रही है. वहां सड़कें बीच से फट गई हैं. गाड़ियां पलट गईं.
पाक मीडिया का यह भी दावा है कि यहां एक इमारत पूरी तरह से जमींदोज हो गई है, जिसमें 50 से ज्यादा लोगों के जख्मी होने की खबर है.
इससे पहले 2005 में भी जम्मू-कश्मीर में ऐसा ही तेज भूकंप आया था. उसमें कश्मीर में काफी नुकसान हुआ था. उस समय 7.6 स्केल का भूकंप आया था, जिसमें काफी लोगों की मौत हुई थी.
डॉन न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में भूकंप के झटके जोरदार तरीके से आठ से 10 सेकंड तक महसूस किए गए. भूकंप का असर प्रमुख रूप से इस्लामाबाद, पेशावर, रावलपिंडी और लाहौर में देखने को मिला.
पाकिस्तान के जियो न्यूज चैनल के मुताबिक पीओके में नहर के किनारे करीब 20 गांव भी भूकंप की चपेट में आ गए हैं जिस वजह से वहां हजारों लोग मुश्किल में फंस सकते हैं. बता दें कि 8 अक्टूबर, 2005 में भी पीओके में भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी.
पीओके में भूकंप के झटके महसूस होने के बाद लोग अपने घरों से लेकर दफ्तरों की इमारत से बाहर की ओर भागते नजर आए.
बता दें कि झेलम नदी पर बने मंगला डैम से ही यह नहर निकलती है जिसके आसपास नुकसान की खबर है.
नहर पर बने पुल के भी क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आ रही है. आसपास के गांवों में अब नहर का पानी भरने का भी खतरा मंडरा रहा है.

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