*लखनऊ ब्यूरो।*
*प्रमोद तिवारी के चुनाव लड़ने की चर्चाओं के बीच लखनऊ से प्रतापगढ़ तक राजनीति गर्म।*
*प्रतापगढ़ के सम्भावित बसपा व भाजपा प्रत्याशियों की बढ़ी बेचैनी।*
प्रमोद तिवारी के प्रतापगढ़ से लोकसभा चुनाव लड़ने के कयासों के बीच राजनीतिक हल्को में सम्भावित प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ गयी है। कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में आम जनता में प्रमोद तिवारी के चुनाव लड़ने के जुबानी कयाशो ने पूरे जिले की राजनीति को गर्म कर दिया है। जिसका सीधा असर राजधानी लखनऊ तक है। कांग्रेस कार्यालय में आज कल प्रतापगढ़ सीट की चर्चा जोरों पर है। माना जा रहा कि न चाहते हुए भी पार्टी हाई कमान के आदेश को मानना प्रमोद तिवारी की मजबूरी होगी। पार्टी का एक खास पैनल प्रमोद तिवारी को चुनाव लड़ाने के लिए लगातार पार्टी नेतृत्व पर दबाव बना रहा है ताकि प्रतापगढ़ सीट हर हाल में जीती जा सके। रायबरेली व अमेठी से सटी इस लोकसभा सीट को पार्टी हाईकमान हर हाल में जीतना चाह रहा है। क्योकि रायबरेली सीट से सोनिया गांधी व अमेठी से राहुल गांधी चुनाव लड़ते आये है जिसका असर प्रतापगढ़ सीट पर भी पड़ता है। अमेठी रायबरेली से सटे होने के नाते भी प्रतापगढ़ सीट पर बड़े नेताओं को प्रचार में आना आसान होता है। सूत्रों द्वारा मिली खबर को माना जाय तो प्रमोद तिवारी का चुनाव लड़ना लगभग तय है। राजनीतिक पार्टियो द्वारा लगातार सर्वे में प्रमोद तिवारी प्रतापगढ़ जनपद के सबसे मजबूत प्रत्याशी साबित हो रहे है। सूत्रों ने बताया कि प्रमोद तिवारी की लोकप्रियता इतनी है कि बसपा व भाजपा के संभावित प्रत्याशियों की नींद उड़ गई है। उधर कांग्रेस हाई कमान उत्तर प्रदेश में सभी बड़े नेताओं को चुनाव लडाकर ज्यादा सीट जीतने की जुगत में है। जिसके चलते पार्टी हाईकमान ने गोपनीय सर्वे कराना शुरू कर दिया है सर्वे के अनुसार कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रमोद तिवारी को लड़ाने की मांग की है। प्रतापगढ़ से तीन बार कांग्रेस की सांसद रह चुकी रत्ना सिंह भी दिग्गज नेता प्रमोद तिवारी की करीबी है। लेकिन आम जनता के साथ ही साथ कांग्रेस कार्यकर्ता उन्हें इस बार जिताऊ प्रत्याशी के रूप में नही देख रहे। आम लोगो सहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर प्रमोद तिवारी कांग्रेस पार्टी से चुनाव लड़े तो प्रतापगढ़ का चुनाव एकतरफा हो जाएगा और लाखों वोट से जीत हासिल होगी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी व महासचिव प्रियंका गांधी भी उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर काफी उहापोह में है। खुद राहुल गांधी अमेठी से जबकि सोनिया गांधी रायबरेली से चुनाव लड़ेगी।इसीलिए प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद, श्री प्रकाश जायसवाल, आरपीएन सिंह, जितिन प्रसाद, प्रदीप जैन, राजेश मिश्रा, संजय सिंह, अन्नू टण्डन जैसे दिग्गजो को भी उत्तर प्रदेश से चुनाव मैदान में उतारा जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा सीटें जीती जा सके। बता दे कि प्रमोद तिवारी प्रतापगढ़ जिले के रामपुरखास विधानसभा से लगातार 9 बार कांग्रेस से विधायक रहे है और निर्विरोध राज्यसभा सांसद भी रहे। प्रतापगढ़ जिले में प्रमोद तिवारी काफी लोकप्रिय नेता है।
*प्रमोद तिवारी के चुनाव लड़ने की चर्चाओं के बीच लखनऊ से प्रतापगढ़ तक राजनीति गर्म।*
*प्रतापगढ़ के सम्भावित बसपा व भाजपा प्रत्याशियों की बढ़ी बेचैनी।*
प्रमोद तिवारी के प्रतापगढ़ से लोकसभा चुनाव लड़ने के कयासों के बीच राजनीतिक हल्को में सम्भावित प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ गयी है। कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में आम जनता में प्रमोद तिवारी के चुनाव लड़ने के जुबानी कयाशो ने पूरे जिले की राजनीति को गर्म कर दिया है। जिसका सीधा असर राजधानी लखनऊ तक है। कांग्रेस कार्यालय में आज कल प्रतापगढ़ सीट की चर्चा जोरों पर है। माना जा रहा कि न चाहते हुए भी पार्टी हाई कमान के आदेश को मानना प्रमोद तिवारी की मजबूरी होगी। पार्टी का एक खास पैनल प्रमोद तिवारी को चुनाव लड़ाने के लिए लगातार पार्टी नेतृत्व पर दबाव बना रहा है ताकि प्रतापगढ़ सीट हर हाल में जीती जा सके। रायबरेली व अमेठी से सटी इस लोकसभा सीट को पार्टी हाईकमान हर हाल में जीतना चाह रहा है। क्योकि रायबरेली सीट से सोनिया गांधी व अमेठी से राहुल गांधी चुनाव लड़ते आये है जिसका असर प्रतापगढ़ सीट पर भी पड़ता है। अमेठी रायबरेली से सटे होने के नाते भी प्रतापगढ़ सीट पर बड़े नेताओं को प्रचार में आना आसान होता है। सूत्रों द्वारा मिली खबर को माना जाय तो प्रमोद तिवारी का चुनाव लड़ना लगभग तय है। राजनीतिक पार्टियो द्वारा लगातार सर्वे में प्रमोद तिवारी प्रतापगढ़ जनपद के सबसे मजबूत प्रत्याशी साबित हो रहे है। सूत्रों ने बताया कि प्रमोद तिवारी की लोकप्रियता इतनी है कि बसपा व भाजपा के संभावित प्रत्याशियों की नींद उड़ गई है। उधर कांग्रेस हाई कमान उत्तर प्रदेश में सभी बड़े नेताओं को चुनाव लडाकर ज्यादा सीट जीतने की जुगत में है। जिसके चलते पार्टी हाईकमान ने गोपनीय सर्वे कराना शुरू कर दिया है सर्वे के अनुसार कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रमोद तिवारी को लड़ाने की मांग की है। प्रतापगढ़ से तीन बार कांग्रेस की सांसद रह चुकी रत्ना सिंह भी दिग्गज नेता प्रमोद तिवारी की करीबी है। लेकिन आम जनता के साथ ही साथ कांग्रेस कार्यकर्ता उन्हें इस बार जिताऊ प्रत्याशी के रूप में नही देख रहे। आम लोगो सहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर प्रमोद तिवारी कांग्रेस पार्टी से चुनाव लड़े तो प्रतापगढ़ का चुनाव एकतरफा हो जाएगा और लाखों वोट से जीत हासिल होगी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी व महासचिव प्रियंका गांधी भी उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर काफी उहापोह में है। खुद राहुल गांधी अमेठी से जबकि सोनिया गांधी रायबरेली से चुनाव लड़ेगी।इसीलिए प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद, श्री प्रकाश जायसवाल, आरपीएन सिंह, जितिन प्रसाद, प्रदीप जैन, राजेश मिश्रा, संजय सिंह, अन्नू टण्डन जैसे दिग्गजो को भी उत्तर प्रदेश से चुनाव मैदान में उतारा जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा सीटें जीती जा सके। बता दे कि प्रमोद तिवारी प्रतापगढ़ जिले के रामपुरखास विधानसभा से लगातार 9 बार कांग्रेस से विधायक रहे है और निर्विरोध राज्यसभा सांसद भी रहे। प्रतापगढ़ जिले में प्रमोद तिवारी काफी लोकप्रिय नेता है।

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