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*अब इंटर हिंदी स्कोरिंग विषय है।* यूपी बोर्ड इंटर की परीक्षाएं 18 फरवरी से प्रारंभ हो रही है।छात्रों को विषयों का रिवीजन,अनसोल्ड पेपर, पुराने वर्षों के पेपर,मॉडल पेपर को हल करना शुरू करें। इससे उनको तैयारी में मदद मिलेगी। *इस संबंध में पी पी एन इंटर कॉलेज के हिंदी शिक्षक सुनील कुमार पटेल* ने बताया कि हिंदी में हस्त एवं स्वच्छ लेख पर ध्यान देने से परीक्षार्थी अच्छे अंक प्राप्त करते हैं। हिंदी में योजनाबद्ध पढ़ाई, महत्वपूर्ण प्रश्नों की रूपरेखा बनाकर तथा व्याकरण में अधिक ध्यान देकर गणित जैसे अंक प्राप्त होते हैं। परीक्षार्थी संस्कृत अनुवाद,रूप, व्याकरण आदि को लिख- लिख कर अभ्यास करे तथा उनके नोट्स बनाकर प्रतिदिन रिवीजन करे। हिंदी का प्रश्न पत्र दो खंडों में बटा होता है। प्रथम खंड 50 अंक हिंदी गद्य का विकास में वस्तुनिष्ठ पाच प्रश्न,5 अंक। काव्य साहित्य का विकास पांच वस्तुनिष्ठ प्रश्न,5 अंक। पाठ्यक्रम में दिए गए गद्यांशो पर आधारित पांच प्रश्न प्रत्येक 2 अंक तथा पद्यांशो पर आधारित पांच प्रश्न प्रत्येक 2 अंक। संकलित पद्य के पाठों के लेखकों का साहित्य परिचय,कृतियां, भाषा शैली अधिकतम 80 शब्द,5 अंक।काव्य सौष्ठव, कवि परिचय,जीवनी कृतियां अधिकतम 80 शब्द, 5 अंक। कहानी चरित्र चित्रण अधिकतम 80 शब्द पांच अंक। खंडकाव्य पात्रों का चरित्र चित्रण अधिकतम 80 शब्द 5 अंक। खंड ख 50 अंक में पाठ्यपुस्तक में निर्धारित पाठों के संस्कृत गद्य एवं पद्य का संदर्भ सहित व्याख्या प्रत्येक 7-7 अंक। संस्कृत में उत्तर 4 अंक। रस, अलंकार, छंद,प्रत्येक 2-2 अंक।हिंदी निबंध नौ अंक। संस्कृत व्याकरण संधि, समास, शब्द रूप,धातु,प्रत्यय, विभक्ति परिचय 13अंक। हिंदी का संस्कृत में अनुवाद दो अंक। परीक्षार्थी यदि वर्तनी,त्रुटियों पर ध्यान दें, प्रश्नों के उत्तर देते समय स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें,समय सीमा के अंतर्गत पूछे गए प्रश्नों को हल करें तो निश्चित रूप से हिंदी में गणित जैसे अंक प्राप्त होते हैं। परीक्षार्थी ध्यान दें कि हिंदी केवल प्रश्नपत्र 100 अंक का है,जिसका 3 घंटा 15 मिनट समय निर्धारित है, जिसमें 15 मिनट पेपर पढ़ने का है।

*अब इंटर हिंदी स्कोरिंग विषय है।*                                यूपी बोर्ड इंटर की परीक्षाएं 18 फरवरी से प्रारंभ हो रही है।छात्रों को विषयों का रिवीजन,अनसोल्ड पेपर, पुराने वर्षों के पेपर,मॉडल पेपर को हल करना शुरू करें। इससे उनको तैयारी में मदद मिलेगी।                                                          *इस संबंध में पी पी एन इंटर कॉलेज के हिंदी शिक्षक सुनील कुमार पटेल* ने बताया कि हिंदी में हस्त एवं स्वच्छ लेख पर ध्यान देने से परीक्षार्थी अच्छे अंक प्राप्त करते हैं। हिंदी में योजनाबद्ध पढ़ाई, महत्वपूर्ण प्रश्नों की रूपरेखा बनाकर तथा व्याकरण में अधिक ध्यान देकर गणित जैसे अंक प्राप्त होते हैं। परीक्षार्थी संस्कृत अनुवाद,रूप, व्याकरण आदि को लिख- लिख कर अभ्यास करे तथा उनके नोट्स बनाकर प्रतिदिन रिवीजन करे। हिंदी का प्रश्न पत्र दो खंडों में बटा होता है। प्रथम खंड 50 अंक हिंदी गद्य का विकास में वस्तुनिष्ठ  पाच प्रश्न,5 अंक। काव्य साहित्य का विकास पांच वस्तुनिष्ठ प्रश्न,5 अंक। पाठ्यक्रम में दिए गए गद्यांशो पर आधारित पांच प्रश्न प्रत्येक 2 अंक तथा पद्यांशो पर आधारित पांच प्रश्न प्रत्येक 2 अंक। संकलित पद्य के पाठों के लेखकों का साहित्य परिचय,कृतियां, भाषा शैली अधिकतम 80 शब्द,5 अंक।काव्य सौष्ठव, कवि परिचय,जीवनी कृतियां अधिकतम 80 शब्द, 5 अंक। कहानी चरित्र चित्रण अधिकतम 80 शब्द पांच अंक। खंडकाव्य पात्रों का चरित्र चित्रण अधिकतम 80 शब्द 5 अंक। खंड ख 50 अंक में पाठ्यपुस्तक में निर्धारित पाठों के संस्कृत गद्य एवं पद्य का संदर्भ सहित व्याख्या प्रत्येक 7-7 अंक। संस्कृत में उत्तर 4 अंक। रस, अलंकार, छंद,प्रत्येक 2-2 अंक।हिंदी निबंध नौ अंक। संस्कृत व्याकरण संधि, समास, शब्द रूप,धातु,प्रत्यय, विभक्ति परिचय 13अंक। हिंदी का संस्कृत में अनुवाद दो अंक। परीक्षार्थी यदि वर्तनी,त्रुटियों पर ध्यान दें, प्रश्नों के उत्तर देते समय स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें,समय सीमा के अंतर्गत पूछे गए प्रश्नों को हल करें तो निश्चित रूप से हिंदी में गणित जैसे अंक प्राप्त होते हैं। परीक्षार्थी ध्यान दें कि हिंदी केवल प्रश्नपत्र 100 अंक का है,जिसका 3 घंटा 15 मिनट समय निर्धारित है, जिसमें 15 मिनट पेपर पढ़ने का है। 
 ब्यूरो रिपोर्ट संतोष कुमार मिश्रा

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