कानपुर. ट्रेनों में फर्जी टीटीई के पकड़े जाने की संख्या पर शिकंजा कसने के लिए रेलवे ने टेक्नोलॉजी का सहारा लिया है. जल्द लागू होने वाली इस नई व्यवस्था के तहत ट्रेनों में तैनात होने वाले टीटीई को क्यू आर कोड वाला आइडेंटी कार्ड देने का फैसला लिया है. आइडेंटी कार्ड में क्यू आर कोड से पैसेंजर असली व नकली टीटीई की पहचान अपने मोबाइल पर ही बड़ी आसानी से कर सकता है. जिससे कि पूरे उत्तर प्रदेश मैं कहीं पर भी तैनात टीटीई के असली और नकली होने की पहचान की जा सकती है. ब्यूरो चीफ संतोष कुमार मिश्रा
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