Skip to main content

Dlightnews

फोटो परिचय- शिवपाल व अखिलेश।
------------------
चाचा शिवपाल के आगे भतीजे का सरेंडर

- सपा के स्टार प्रचारको की सूची में चाचा शिवपाल शामिल 

- आजमगढ़ और रामपुर चुनावों में शिवपाल को प्रचार से रखा था दूर

कुलदीप पत्रकार

मैनपुरी। लोकसभा उपचुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने मंगलवार को स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी कर दी। इसमें अखिलेश यादव ने चाचा शिवपाल यादव को भी शामिल किया है। शिवपाल को रामपुर और आजमगढ़ उपचुनावों के दौरान प्रचार से दूर रखा गया था। यहां तक कि सपा की बैठकों में भी शिवपाल को नहीं बुलाया जाता था। डिंपल के नामांकन में भी शिवपाल नजर नहीं आए थे। अब दोबारा शिवपाल को प्रचारक बनाने के पीछे अखिलेश की रणनीति कम चाचा के आगे सरेंडर करने की ज्यादा चर्चा है। इस चर्चा के पीछे कारण भी कई हैं।
 ज्ञात हो कि अखिलेश यादव खुलेआम शिवपाल को प्रमासपा का नेता बताते रहे हैं। विधानसभा चुनाव के बाद सपा की हार की समीक्षा के लिए हुई बैठक में भी शिवपाल को नहीं बुलाया गया था। तब अखिलेश ने कहा था कि यह सपा विधायकों की मीटिंग थी। शिवपाल प्रमासपा के नेता हैं। गठबंधन की बैठक होगी तो उन्हें बुलाया जाएगा। जबकि शिवपाल सपा के टिकट पर ही विधायक चुने गए हैं। राष्ट्रपति चुनाव को लेकर हुई गठबंधन की बैठक में भी शिवपाल को नजरअंदाज किया गया। इससे नाराज होकर शिवपाल योगी के बुलावे पर एनडीए के आयोजन में भी पहुंच गए थे। अब जबकि डिंपल के चुनाव की बारी आई तो अखिलेश ने शिवपाल को सपा का नेता बताते हुए स्टार प्रचारकों में शामिल कर लिया है।

भाजपा ने बढ़ाई सपा की मुश्किलें
मैनपुरी का चुनाव सपा के लिए उतना आसान नहीं माना जा रहा है। शिवपाल को स्टार प्रचारक बनाने से ठीक पहले भाजपा ने सपा से ही दो बार सांसद और एक बार विधायक रहे रघुराज शाक्य को अपना प्रत्याशी बनाकर अखिलेश की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रघुराज शाक्य न केवल शिवपाल यादव बल्कि मुलायम सिंह यादव के करीबी माने जाते रहे हैं।

रघुराज को राजनीति में लाए थें मुलायम 
मुलायम ही रघुराज को 1999 में सरकारी नौकरी से इस्तीफा दिलाकर राजनीति में लाए थे। इटावा के रहने वाले रघुराज 1999 और 2004 में सपा से दो बार सांसद और 2012 में सपा से इटावा सदर से विधायक रहे। उनकी शाक्य मतदाताओं में काफी लोकप्रियता है। भाजपा ने इसी का फायदा उठाते हुए अखिलेश को घेरा है। मैनपुरी उपचुनाव का ऊंट किस करवट बैठेगा इसका फैसला आठ दिसंबर को होगा, पर मुलायम की विरासत वाली सीट पर उनकी पुत्रवधु डिंपल यादव के सामने भगवा खेमे ने शाक्य प्रत्याशी पर दांव खेलकर चुनाव को रोचक बना दिया है। 

रघुराज शाक्य कितनी बड़ी चुनौती
2012 में रघुराज शाक्य विधायक बने थे। 2017 के चुनाव में सपा ने रघुराज शाक्य को टिकट नहीं दिया तो वह नाराज हुए लेकिन सपा में ही रहे। 2022 का विधानसभा का टिकट सदर से उनको मिलने की पूरी संभावना थी, पर ऐन वक्त पर पूर्व सांसद राम सिंह शाक्य के बेटे सर्वेश शाक्य को टिकट दे दिया गया। इससे नाराज होकर उन्होंने भगवा चोला ओढ़ लिया। सपा छोड़ने के बाद भाजपा में शामिल होने पर विधानसभा चुनाव में खूब मेहनत की और इटावा सदर विधानसभा की सीट भाजपा प्रत्याशी सरिता भदौरिया ने जीती। इससे भी पार्टी में रघुराज का कद बढ़ गया।

Comments

Popular posts from this blog

DlightNews

थाना खुदागंज के ग्राम पंचायत जलालपुर में संदिग्ध परिस्थियों के चलते किया गया सरदार रंजीत सिंह उर्फ राजा का मर्डर पुलिस टीम कर रही है जांच -------------+----------------------------------------------------------------  थाना खुदागंज के ग्राम पंचायत जलालपुर तहसील तिलहर जिला शाहजहाँपुर उत्तर प्रदेश में कल रात्रि लगभाग 12 से 2:00 बजे बजे के बीच सरदार रंजीत सिंह उर्फ़ राजा का सन्दिग्घ परिस्थितियों में अज्ञात लोगों ने लोहे की राडे तथा लाठि दंदों से पीट कर हत्या कर दी गई राजा बहुत ही सरल स्वभाव का बा मिलनसर लड़का था उसके परिवार वालों से बातचीत करने के बाद बताया गया कि उसकी किसी से भी कोई दुश्मनी नहीं थी और न ही किसी से बुरी थी लेकिन फिर भी किसी ने उसके साथ बहुत ही निंदनीय व्यवहार किया हमारा बेटा हम सबको छोड़ कर चला गया है रंजीत सिंह की बीवी बच्चों का भी रो रोकर बुरा हाल है ये घाटना हर किसी के दिल को झकझोर रही है रिपोर्ट लिखने तक घटना का खुलासा थाना खुदागंज पुलिस नहीं कर सकी पुछने पर SHO खुदागंज सत्य प्रकाश के द्वारा बताया गया कि घाटना का जल्द से जल्द खुलासा किया जाएगा हमारा पूर...

DlightNews

 मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक संपन्न, 27 सितंबर को दिल्ली में होगा ऐतिहासिक राष्ट्रीय महासम्मेलन नई दिल्ली: देश की राजधानी नई दिल्ली के हरियाणा भवन में सोमवार को मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (एमआरएम) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बड़े उत्साह और एकजुटता के साथ संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में देश के विभिन्न हिस्सों से राष्ट्रीय संयोजक, राष्ट्रीय सह-संयोजक, क्षेत्रीय संयोजक और प्रकोष्ठ संयोजकों ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ नेता और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मार्गदर्शक इंद्रेश कुमार जी ने की, जिनके मार्गदर्शन में सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। 27 सितंबर को दिल्ली में भव्य राष्ट्रीय महासम्मेलन: बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि आगामी 27 सितंबर 2025 को नई दिल्ली में एक भव्य राष्ट्रीय महासम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस महासम्मेलन में देशभर से लाखों की संख्या में कार्यकर्ता एकत्र होंगे, जो सामाजिक एकता, भाईचारा और राष्ट्रीय विकास के लिए मं...

DlightNews

शाह समाज महासम्मेलन के पदाधिकारीयों आज राजधानी लखनऊ में बैठक अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री से करेंगे मुलाकात संक्षेप: Lucknow News - लखनऊ में उत्तर प्रदेश शाह अल्वी समाज की आगामी महासम्मेलन की तैयारी में पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री से मुलाकात करने का निर्णय लिया और प्रशासन से सहयोग की मांग की। बैठक विक्रमादित्य मार्ग स्थित लखनऊ मंत्री दानिश आजाद जी के आवास पर हुई। इस दौरान पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश भाषा विभाग के पूर्व अध्यक्ष श्री तुरज जैदी से भी औपचारिक मुलाकात की इस संबंध में शाह समाज के पदाधिकारियों ने मंत्री दानिश आजाद अंसारी जी से मुलाकात करने की बात कही। राष्ट्रीय सह संयोजक जियारत अली शाह मलंग ने कहा कि हमारा मकसद है कि बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश के लोंगो को एक मंच पर लाया जाए बैठक में प्रदेश अध्यक्ष शोहरत अली शाह मलंग,राष्ट्रीय सह संयोजक जियारत अली शाह मलंग राष्ट्रीय संयोजक ताहिर शाह, मारूफ,दानिश आदि रहे।