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**MP जितेन्द्र वर्मा खास रिपोर्ट**

**MP जितेन्द्र वर्मा खास रिपोर्ट**
*नई सरकार में 'मीसाबंदी' पेंशन बंद करने की तैयारी, भाजपा ने दी आंदोलन की चेतावनी*

भोपाल। मध्य प्रदेश में नई सरकार के फैसलों ने भाजपा और संघ से जुड़े लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है| संघ की शाखाओं को सरकारी परिसरों में बैन लगाने के वचन के बाद अब कांग्रेस सरकार मीसाबंदियों पर शिकंजा कसने जा रही है| कमलनाथ सरकार मीसाबंदी सम्मान निधि से मिलने वाली पेंशन बंद करने जा रही है। इसको लेकर बवाल खड़ा हो गया है| भाजपा ने आंदोलन की चेतावनी दी है| वहीं सरकार तयारी में जुटी है और मीसाबंदी सम्मान निधि विधेयक को निरस्त करने के लिए मसौदा तैयार कर लिया है। कांग्रेस के प्रदेश सचिव राकेश सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मीसाबंदियों की पेंशन बंद करने की मांग की थी। वहीं विदिशा जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष अर्पित उपाध्याय ने भी सीएम को पत्र लिखा था| जिसके बाद प्रदेश में इस मुद्दे पर सियासत गरमा गई है|

पत्र में लिखा है कि प्रदेश की पूर्व भाजपा सरकार द्वारा मीसाबंदी पेंशन के जरिए भाजपा के लोगों को उपकृत किया जा रहा था। इससे प्रदेश पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। मीसाबंदियों की पेंशन को बंद कर उक्त राशि प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता के रूप में देने की मांग की है। इस मांग के बाद बीजेपी ने भी कडा रुख दिखाया है| भाजपा ने चेतावनी दी है कि अगर ऐसा हुआ तो बड़ा आंदोलन होगा|

पेंशन पर गहमा गहमी के बीच सरकार तैयारी में जुट गई है| यह मसौदा फिलहाल मुख्यमंत्री कार्यालय में है। इसे कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद विधानसभा में निरसन विधेयक के रूप में पहले सत्र में ही प्रस्तुत किया जाएगा। कांग्रेस सरकार ने इसे फिजूलखर्ची बताकर कानून निरस्त करने की तैयारी की है। कांग्रेस का मानना है कि इस पेंशन का फायदा संघ पृष्ठभूमि के बड़े नेताओं को मिल रहा है।

दरअसल, मीसाबंदी पेंशन आपातकाल के दौरान मीसा कानून के तहत जेल गए लोगों को दी जाती है। अभी दो हजार से ज्यादा मीसाबंदिओं को पेंशन मिल रही है इन्हें वर्तमान में 25 हजार रुपए मासिक पेंशन दे जा रही है, इस पर  70 करोड़ रुपए सालाना खर्च आता है| वहीं इस पेंशन को अगर बंद किया गया तो सियासी बवाल मचना भी तय है, क्यूंकि प्रदेश में मीसाबंदी पेंशन का फायदा लेने वालों में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पृष्ठभूमि के बड़े नेताओं के नाम भी हैं।

*भाजपा की चेतावनी*

मीसाबंदी पेंशन बंद होने की अटकलों के बीच भाजपा ने कहा है कि यदि पेंशन बंद की गई तो आंदोलन किया जाएगा और कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष तपन भौमिक ने रविवार को कहा कि यदि राज्य सरकार ने पेंशन बंद की तो हम आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा है कि देश में दो बार स्वतंत्रता के लिए लड़ाई हुई है। भाजपा सरकार स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और आपातकाल का विरोध करने वाले लोकतंत्र सेनानियों दोनों को सम्मान निधि दे रही थी। अब सरकार यदि लोकतंत्र सेनानियों की सम्मान निधि बंद हुई तो यह ठीक नहीं होगा।

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