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बाराबंकी :- शासन-प्रशासन भले ही पंचायतों को ओडीएफ घोषित कराने की जद्दोजहद कर रहा हो, लेकिन हकीकत लक्ष्य से अभी काफी दूर है। त्रिवेदीगंज क्षेत्र की ग्राम पंचायत मंझार में लक्ष्य के सापेक्ष अब तक महज तीन ही शौचालय बनवाए जा सके हैं।
ग्राम पंचायत मंझार के बेहटा गांव में करीब 140 परिवार रहते हैं। ग्रामीण विजय बहादुर, धर्मराज, झगडू, रामलखन, छंगालाल, कैलाश, नौमीलाल, राकेश आदि का कहना है कि हमारे यहां के प्रधान का कहते हैं कि बालू खुद खरीद लाओ, गड्ढा खोदो, ईंट हमारे भट्ठे से उठा लाओ, तब मिस्त्री भेजकर जोड़ाई करवा दूंगा। प्रधान से जब पैसा खाते में भेजवाने को कहा गया तो तो कहते हैं कि खाते में नहीं दूंगा। यदि शौचालय लेना है तो जितना कहा जाए उतना करना होगा। नहीं तो शौचालय का पैसा वापस कर दूंगा। गांव में हरीराम, हरिप्रसाद व रामसनेही के शौचालय प्रधान ने बनवाए हैं। ग्रामीणों के सामग्री में मात्र औपचारिकता निभाई गई है। यह शौचालय कितने दिन चलेंगे, भगवान जाने। आरोप है कि शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस संबंध में एडीओ पंचायत विनोद कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि गांवों का निरीक्षण करता हूं।
बाराबंकी से मोहित वर्मा ब्यूरो चीफ की खाश रिपोर्ट
बाराबंकी :- शासन-प्रशासन भले ही पंचायतों को ओडीएफ घोषित कराने की जद्दोजहद कर रहा हो, लेकिन हकीकत लक्ष्य से अभी काफी दूर है। त्रिवेदीगंज क्षेत्र की ग्राम पंचायत मंझार में लक्ष्य के सापेक्ष अब तक महज तीन ही शौचालय बनवाए जा सके हैं।
ग्राम पंचायत मंझार के बेहटा गांव में करीब 140 परिवार रहते हैं। ग्रामीण विजय बहादुर, धर्मराज, झगडू, रामलखन, छंगालाल, कैलाश, नौमीलाल, राकेश आदि का कहना है कि हमारे यहां के प्रधान का कहते हैं कि बालू खुद खरीद लाओ, गड्ढा खोदो, ईंट हमारे भट्ठे से उठा लाओ, तब मिस्त्री भेजकर जोड़ाई करवा दूंगा। प्रधान से जब पैसा खाते में भेजवाने को कहा गया तो तो कहते हैं कि खाते में नहीं दूंगा। यदि शौचालय लेना है तो जितना कहा जाए उतना करना होगा। नहीं तो शौचालय का पैसा वापस कर दूंगा। गांव में हरीराम, हरिप्रसाद व रामसनेही के शौचालय प्रधान ने बनवाए हैं। ग्रामीणों के सामग्री में मात्र औपचारिकता निभाई गई है। यह शौचालय कितने दिन चलेंगे, भगवान जाने। आरोप है कि शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस संबंध में एडीओ पंचायत विनोद कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि गांवों का निरीक्षण करता हूं।
बाराबंकी से मोहित वर्मा ब्यूरो चीफ की खाश रिपोर्ट

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