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*मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है नितिन श्रीवास्तव*

*-ब्यूरो प्रभारी-बीपीमिश्र*

गोरखपुर। मानव सेवा को अपना धर्म बनाकर चलने वाले  नितिन श्रीवास्तव अपने पूरे जीवन का केवल एक ही उद्देश्य मानते हैं मानव सेवा। उनके लिए मानव सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है जिसके लिए वह हमेशा ही तत्पर रहते हैं हैं उन्होंने चाहे किसी को रक्त की आवश्यकता हो किसी को भोजन की आवश्यकता हो या किसी को और किसी तरह का भी मदद  चाहिए होता है तो सर्वपरी नितिन जी अपनी सेवा के लिए तत्पर रहते हैं उन्होंने अभी 30 जुलाई 2023 को अपने जीवन का दसवां रक्तदान किया है। और कोशिश करते हैं कि किसी को भी और असुविधा न हो वो नर सेवा नारायण सेवा के तहत कार्य करते हैं उनके इस कार्य के लिए उन्हें कई संगठनों एवम कई एनजीओ से  बहुत सारे सम्मान मिलते रहे हैं और कई संगठन उनको अपने साथ जोड़ते रहे हैं और वह अपने मानव सेवा को आगे बढ़ाते रहे हैं वह शांतिप्रिय और शांति से अपना कार्य करते आए हैं ।गोरखपुर में चाहे लॉकडाउन के समय लोगों की सेवा करने का हो चाहे किसी भी मरीज को रक्त की आवश्यकता हो चाहे किसी भी गरीब को वस्त्र की आवश्यकता हो या भोजन की आवश्यकता हो किसी तरह की भी आवश्यकता की पूर्ति के लिए वह दिन-रात तट पर रहते हैं। वह कोई भी सेवा चाहे रात के 12:00 बजे 2:00 बजे 3 की:00 बजे या दिन में हमेशा के लिए वह मानव सेवा के लिए ही तत्पर रहते हैं। मानव सेवा करते हैं  साथ ही सब की मदद को ही निस्वार्थ भाव से करना ही जीवन का लक्ष्य बना लिया है।

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