Skip to main content

DlightNews

*भारतीय सनातन धर्म के तहत शक्ति प्राप्ति हेतु नवरात्रि हिंदुओ का एक प्रमुख पर्व है*]
गोरखपुर 15 अक्टूबर। चित्रा देवी
क्षेत्रीय मंत्रीमहिला मोर्चा, भाजपा
गोरखपुर, परिक्षेत्र ने कहा नवरात्रि हिंदुओ का एक प्रमुख पर्व है।नवरात्रि एक संस्कृत शब्द है,जिसका अर्थ होता है नौ राते। इन नौ रातों और दस दिनों के दौरान, शक्ति/देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है।दसवाँ दिन दशहरा के नाम से प्रसिद्ध है । 
नवरात्रि वर्ष में चार बार आती है। माघ,चैत्र, आषाढ़, अश्विन मास में प्रतिपदा से नवमी तक मनाया जाता है।नवरात्रि के नौ रातों में तीन देवियों- महालक्ष्मी, महासरस्वती या सरस्वती और महाकाली के नौ स्वरूपों की पुजा होती है जिनके नाम और स्थान क्रमशः इस प्रकार हैं वैष्णो देवी कटरा जम्मु,ज्वाला देवी  शक्ति पीठ हिमांचल प्रदेश,कामाख्या देवीकामाख्या शक्ति पीठ,नंदा देवी योगमाया विंध्यवासिनी शक्तिपीठ, रक्तदंतिका सथूर,माता शाकुम्भरी देवी सिद्धपीठ सहारनपुर, दुर्गा काशी भीमा पिंजौर और भ्रामरी भ्रमराम्बा शक्तिपीठ नवदुर्गा कहते हैं। नवरात्रि   हिंदुओ का एक प्रमुख त्यौहार है जिसे समूचे भारत मे विशाल उत्साह के साथ मनाया जाता है।

Comments

Popular posts from this blog

अलीराजपुर यूनिकेयर हॉस्पिटल यहां पर सभी प्रकार

अलीराजपुर यूनिकेयर हॉस्पिटल यहां  पर सभी प्रकार के चर्म रोग स्त्री रोग इलाज किया जाता है सभी को फायदा पहुंचता है दांत खाद खुजली मासा सभी प्रकार का इलाज किया जाता है आबिद हुसैन कुरेशी

DlightNews

बामनपुरी रामलीला में धनुष यज्ञ लीला का हुआ मनमोहक मंचन , बरेली से जिला , संवाददाता अभिनय रस्तोगी की रिपोर्ट बरेली। बमनपुरी में चल रही 166 वीं श्री रामलीला के पाचवें दिन कलाकारों ने सीता स्वयंवर व धनुष यज्ञ की लीला का शानदार मंचन किया। सीता स्वयंवर में भगवान श्री राम ने शिव धनुष को उठाया तो पूरा पंडाल जय श्रीराम के जयकारे से गूंज उठा। रामलीला की शुरूआत में दिखाया गया कि जनकपुर में जनक जी अपनी पुत्री सीता के स्वयंवर के लिए देश देशांतर के राजाओं को बुलवाते हैं और शिव धनुष को उठाने व प्रत्यंचा चढ़ाने की शर्त रखते हैं, कोई भी राजा धनुष को हिला नहीं पाता है। राजा जनक के अभिनय ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इस दौरान रावण -बाणासुर के ओजस्वी संवादों को सुनकर श्रद्धालु रोमांचित हो उठे। अंततः रावण स्वयंवर सभा छोड़कर लंका वापस लौट जाता है उधर जब सारे राजा धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाना तो दूर, उसे तिल भर हिला तक नहीं पाते हैं तो यह देखकर राजा जनक अधीर हो उठते हैं और करुण विलाप करते हैं वो इस आशंका से भयभीत हो जाते हैं कि उनके इस कठिन प्रण के चलते सीता जी जीवन भर कुंवारी ना रह जाएं, वह हताशा...

DlightNews

शाह समाज महासम्मेलन के पदाधिकारीयों आज राजधानी लखनऊ में बैठक अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री से करेंगे मुलाकात संक्षेप: Lucknow News - लखनऊ में उत्तर प्रदेश शाह अल्वी समाज की आगामी महासम्मेलन की तैयारी में पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री से मुलाकात करने का निर्णय लिया और प्रशासन से सहयोग की मांग की। बैठक विक्रमादित्य मार्ग स्थित लखनऊ मंत्री दानिश आजाद जी के आवास पर हुई। इस दौरान पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश भाषा विभाग के पूर्व अध्यक्ष श्री तुरज जैदी से भी औपचारिक मुलाकात की इस संबंध में शाह समाज के पदाधिकारियों ने मंत्री दानिश आजाद अंसारी जी से मुलाकात करने की बात कही। राष्ट्रीय सह संयोजक जियारत अली शाह मलंग ने कहा कि हमारा मकसद है कि बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश के लोंगो को एक मंच पर लाया जाए बैठक में प्रदेश अध्यक्ष शोहरत अली शाह मलंग,राष्ट्रीय सह संयोजक जियारत अली शाह मलंग राष्ट्रीय संयोजक ताहिर शाह, मारूफ,दानिश आदि रहे।