आंखो से नजर कमजोर प्रशासन से उम्मीद की आस में बैठा लाचार बुजुर्ग
"घर जाने की उम्मीद में बैठा बुजुर्ग एक ही गांव रूकने को हैं मजबुर "
(रिपोर्टर-राकेश शर्मा,मनासा)
मनासा तहसील के गांव चुकनी में एक बुजुर्ग व्यक्ति जो राजस्थान का रहने वाला जो लॉक डाउन के चलते मध्यप्रदेश की सीमा में ही रह गया है इस दौरान भटकते भटकते चुकनी गांव में पहुंचा इस बुजुर्ग को संदिग्ध अवस्था में देखने से सनसनी फैल गई थी ग्रामीणों की जागरूकता से डायल हंड्रेड वं स्वास्थ्य विभाग टीम को सूचना दी गई डायल हंड्रेड भी मौके पर पहुंचे वह अपनी खानापूर्ति करके वापस चली गई जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां पहुंची मौके पर बुजुर्ग व्यक्ति का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया जो सामान्य था सामान्य पाया गया इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम भी वहां से चली गई बुजुर्ग व्यक्ति को प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिली घर जाने की उम्मीद में बैठा बुजुर्ग एक ही गांव रूकने को मजबुर है वहीं ना तो इस व्यक्ति के तन पर कपड़े है और ना कुछ खाने को, ग्रामीणों द्वारा उसके सुबह शाम के खाने की व्यवस्था की जा रही है उक्त बुजुर्ग व्यक्ति को आंखों से भी सही से नजर नहीं आता है और साथ में कोई साथी नहीं है बस अकेला मध्यप्रदेश की सीमा में गांव गांव में भटक रहा है ओर नम आंखो से मदद की आस लगाए बैठा है अपना नाम कनीराम पिता नींबू जी गांव जादारी तहसील पाली जिला पाली राजस्थान का बता रहा है और यह अपने घर तक जाना चाहता है अभी तक इस मामले को वरिष्ठ पदाधिकारियों ने संज्ञान में नहीं लिया है।
"घर जाने की उम्मीद में बैठा बुजुर्ग एक ही गांव रूकने को हैं मजबुर "
(रिपोर्टर-राकेश शर्मा,मनासा)
मनासा तहसील के गांव चुकनी में एक बुजुर्ग व्यक्ति जो राजस्थान का रहने वाला जो लॉक डाउन के चलते मध्यप्रदेश की सीमा में ही रह गया है इस दौरान भटकते भटकते चुकनी गांव में पहुंचा इस बुजुर्ग को संदिग्ध अवस्था में देखने से सनसनी फैल गई थी ग्रामीणों की जागरूकता से डायल हंड्रेड वं स्वास्थ्य विभाग टीम को सूचना दी गई डायल हंड्रेड भी मौके पर पहुंचे वह अपनी खानापूर्ति करके वापस चली गई जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां पहुंची मौके पर बुजुर्ग व्यक्ति का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया जो सामान्य था सामान्य पाया गया इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम भी वहां से चली गई बुजुर्ग व्यक्ति को प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिली घर जाने की उम्मीद में बैठा बुजुर्ग एक ही गांव रूकने को मजबुर है वहीं ना तो इस व्यक्ति के तन पर कपड़े है और ना कुछ खाने को, ग्रामीणों द्वारा उसके सुबह शाम के खाने की व्यवस्था की जा रही है उक्त बुजुर्ग व्यक्ति को आंखों से भी सही से नजर नहीं आता है और साथ में कोई साथी नहीं है बस अकेला मध्यप्रदेश की सीमा में गांव गांव में भटक रहा है ओर नम आंखो से मदद की आस लगाए बैठा है अपना नाम कनीराम पिता नींबू जी गांव जादारी तहसील पाली जिला पाली राजस्थान का बता रहा है और यह अपने घर तक जाना चाहता है अभी तक इस मामले को वरिष्ठ पदाधिकारियों ने संज्ञान में नहीं लिया है।

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