Covid-19 जागरूकता अभियान टीम नजरा पर जानलेवा हमला
मो सज्जाद बिहार ब्यूरो
देश में लॉक डाउन की शुरुआत होते ही मैं तफ़्सीर आलम सज्जाद आकिब जावेद ,(ज़ीशान), तौसीफ मुस्तफा , इक़बाल हसन ने अपनी टीम बना कर बेनीपट्टी प्रशासन से अनुमति लेकर अपने क्षेत्र बेनीपट्टी के गांव गांव घूमकर लोगो को कोरोना से जागरूक करना , लॉक डाउन के पालन को लेकर लोगो को जागरूक करना शुरू कर दिया उसके बाद अपने गांव और आस पास के कुछ गांव के कुछ लाचार लोगो को चिन्हित कर राशन किट का बंटवारा भी किया और अभी बांट भी रहे हैं। और अपने गांव पंचायत के लोगों के राशन कार्ड बनवाने को लेकर भी हर संभव प्रयास किया हमारे इन तमाम प्रयासों का एक ही मक़सद था इस मुश्किल की घड़ी में लोगों की मदद करना।अपने समाज को कुछ लौटाना जिसने हमे इतना कुछ दिया और जब समाज सेवा का वक़्त आया औऱ हम उस क़ाबिल है तो कैसे छोड़ दें।परंतु हमारी ये कोशिशें हमारे ही गांव के कुछ असामाजिक तत्वों को चुभने लगी , हमारी ये सेवाएं उन्हें ऐसा महसूस करवाने लगा कि शायद हम सब अपनी राजनीति चमका रहे हैं जिसकी वजह से उन असामाजिक तत्वों की राजनीति को खत्म कर देंगे।
इसी को लेकर वो हमारे जागरूकता अभियान का शूरु से ही विरोध करता रहा।शुरुवाती दिन में ही उनलोगों ने एक बार अपने मोहल्ले में हमारी गाड़ी को घेर कर हमारी टीम के साथ बदतमीज़ी किया औऱ अगर हमलोग उसदिन खामोश नहीं रह जाते तो हमारे साथ मारपीट की घटना हो सकती थी लेकिन ह्मलोगों ने खामोशी व्यक्त कर लिया था ।इस घटना की सूचना ह्मलोगों ने थानाध्यक्ष महोदय को भी दिया था जिसके बाद उनकी उपस्थिति में ही मामले को रफा दफा कर दिया गया और हम सब बिना घबराए फिर से जागरूकता अभियान में लग गए।
अक्सर मौक़ो पे मैने इसी ग्रुप में अपने अभियान की वीडियो क्लीप शेयर भी किया ।
विगत 30 अप्रैल को मैं और मेरी टीम के सदसय आकिब जावेद मेघवंन गांव से क़रीब एक बजे अपने गाँव जागरूकता अभियान खत्म कर वापस आरहे थे , मेघवंन नजरा गाँव की सीमा पर तालाब के पास पहले से घात लगाए बैठे वही लड़को ने हम दोनों पे हमला कर दिया ।अचानक हुए इस हमले में हमलोग अपना बचाव तक नही कर पाए और बुरी तरह घायल हो गए ।किसी तरह गांव वालों की मदद से हमलोग बेनीपट्टी phc पहुंच कर प्राथमिक उपचार करवाया।और बेनीपट्टी थाने में उन पांचो के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई।और अब उन असामाजिक तत्वों की कारिस्तानी देखिए के उसने हमारे खिलाफ भी मार पीट और लूट पाट का झूठा मुक़दमा दर्ज करवा दिया है जिसमे ऐसे कई लोगों का नाम शामिल है जिनका इस पूरे मामले से कोई मतलब नहीं है।
ऐसी स्थिति में कोई क्या समाज के लिए करना चाहेगा।
मैं ग्रुप के लोगो को बस ये बताना चाहता हूँ कि आपलोग भी सतर्क रहिए औऱ ऐसे किसी भी मामले को हल्के में न लें ।क्योंकि अगर ह्मलोगों ने पहले ही प्राथिमिकी दर्ज करवाई होती तो शायद बेहतर हुआ होता ।
तमाम अच्छी सोच वाले लोगों से उम्मीद है कि वो इसका संज्ञान लेंगे और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए बेनीपट्टी प्रशासन पे दबाव डालेंगे ताकि सच सामने आसके और दोषियों पे सख्त करवाई हो!
मो सज्जाद बिहार ब्यूरो
देश में लॉक डाउन की शुरुआत होते ही मैं तफ़्सीर आलम सज्जाद आकिब जावेद ,(ज़ीशान), तौसीफ मुस्तफा , इक़बाल हसन ने अपनी टीम बना कर बेनीपट्टी प्रशासन से अनुमति लेकर अपने क्षेत्र बेनीपट्टी के गांव गांव घूमकर लोगो को कोरोना से जागरूक करना , लॉक डाउन के पालन को लेकर लोगो को जागरूक करना शुरू कर दिया उसके बाद अपने गांव और आस पास के कुछ गांव के कुछ लाचार लोगो को चिन्हित कर राशन किट का बंटवारा भी किया और अभी बांट भी रहे हैं। और अपने गांव पंचायत के लोगों के राशन कार्ड बनवाने को लेकर भी हर संभव प्रयास किया हमारे इन तमाम प्रयासों का एक ही मक़सद था इस मुश्किल की घड़ी में लोगों की मदद करना।अपने समाज को कुछ लौटाना जिसने हमे इतना कुछ दिया और जब समाज सेवा का वक़्त आया औऱ हम उस क़ाबिल है तो कैसे छोड़ दें।परंतु हमारी ये कोशिशें हमारे ही गांव के कुछ असामाजिक तत्वों को चुभने लगी , हमारी ये सेवाएं उन्हें ऐसा महसूस करवाने लगा कि शायद हम सब अपनी राजनीति चमका रहे हैं जिसकी वजह से उन असामाजिक तत्वों की राजनीति को खत्म कर देंगे।
इसी को लेकर वो हमारे जागरूकता अभियान का शूरु से ही विरोध करता रहा।शुरुवाती दिन में ही उनलोगों ने एक बार अपने मोहल्ले में हमारी गाड़ी को घेर कर हमारी टीम के साथ बदतमीज़ी किया औऱ अगर हमलोग उसदिन खामोश नहीं रह जाते तो हमारे साथ मारपीट की घटना हो सकती थी लेकिन ह्मलोगों ने खामोशी व्यक्त कर लिया था ।इस घटना की सूचना ह्मलोगों ने थानाध्यक्ष महोदय को भी दिया था जिसके बाद उनकी उपस्थिति में ही मामले को रफा दफा कर दिया गया और हम सब बिना घबराए फिर से जागरूकता अभियान में लग गए।
अक्सर मौक़ो पे मैने इसी ग्रुप में अपने अभियान की वीडियो क्लीप शेयर भी किया ।
विगत 30 अप्रैल को मैं और मेरी टीम के सदसय आकिब जावेद मेघवंन गांव से क़रीब एक बजे अपने गाँव जागरूकता अभियान खत्म कर वापस आरहे थे , मेघवंन नजरा गाँव की सीमा पर तालाब के पास पहले से घात लगाए बैठे वही लड़को ने हम दोनों पे हमला कर दिया ।अचानक हुए इस हमले में हमलोग अपना बचाव तक नही कर पाए और बुरी तरह घायल हो गए ।किसी तरह गांव वालों की मदद से हमलोग बेनीपट्टी phc पहुंच कर प्राथमिक उपचार करवाया।और बेनीपट्टी थाने में उन पांचो के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई।और अब उन असामाजिक तत्वों की कारिस्तानी देखिए के उसने हमारे खिलाफ भी मार पीट और लूट पाट का झूठा मुक़दमा दर्ज करवा दिया है जिसमे ऐसे कई लोगों का नाम शामिल है जिनका इस पूरे मामले से कोई मतलब नहीं है।
ऐसी स्थिति में कोई क्या समाज के लिए करना चाहेगा।
मैं ग्रुप के लोगो को बस ये बताना चाहता हूँ कि आपलोग भी सतर्क रहिए औऱ ऐसे किसी भी मामले को हल्के में न लें ।क्योंकि अगर ह्मलोगों ने पहले ही प्राथिमिकी दर्ज करवाई होती तो शायद बेहतर हुआ होता ।
तमाम अच्छी सोच वाले लोगों से उम्मीद है कि वो इसका संज्ञान लेंगे और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए बेनीपट्टी प्रशासन पे दबाव डालेंगे ताकि सच सामने आसके और दोषियों पे सख्त करवाई हो!

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