Skip to main content

संडे स्पेशल कहानी

 संडे स्पेशल कहानी




( प्रस्तुतकर्ता :  ठाकुर पवन सिंह )

अवधेश कुमार सिंह रिपोर्टर कानपुर मण्डल की औरैया से रिपोर्ट

ईश्वर और विश्वास 


एक पंडित जी समुद्री जहाज से यात्रा कर रहे थे, रास्ते में एक रात तुफान आने से जहाज को एक द्वीप के पास लंगर डालना पडा। सुबह पता चला कि रात आये तुफान में जहाज में कुछ खराबी आ गयी है, जहाज को एक दो दिन वहीं रोक कर उसकी मरम्मत करनी पडेगी।


पंडित जी  नें सोचा क्यों ना एक छोटी बोट से द्वीप पर चल कर घूमा जाये, अगर कोई मिल जाये तो उस तक प्रभु का संदेश पहँचाया जाय और उसे

प्रभु का मार्ग बता कर प्रभु से मिलाया जाये।


तो वह जहाज के कैप्टन से इज़ाज़त ले कर एक छोटी बोट से द्विप पर गये, वहाँ इधर उधर घूमते हुवे तीन द्वीपवासियों से मिले। जो बरसों से उस सूने

द्विप पर रहते थे। पंडित जी उनके पास जा कर बातचीत करने लगा।


उन्होंने उनसे ईश्वर और उनकी आराधना पर चर्चा की । उन्होंने उनसे पूछा- “क्या आप ईश्वर को मानते हैं ?” 


वे सब बोले- “हाँ..।“


फिर उन्होंने  ने पूछा- “आप ईश्वर की आराधना कैसे करते हैं ?"


उन्होंने बताया- ''हम अपने दोनो हाथ ऊपर करके कहते हैं "हे ईश्वर हम आपके हैं, आपको याद करते हैं, आप भी हमें याद रखना ''


पंडित जी  ने कहा- "यह प्रार्थना तो ठीक नही है।"


एक ने कहा- "तो आप हमें सही प्रार्थना सिखा दीजिये।"

उन्होंने ने उन सबों को धार्मिक पुस्तके पढना और प्रार्थना करना सिखाया। तब तक जहाज बन गया। पंडित जी अपने सफर पर आगे बढ गये।


तीन दिन बाद पंडित जी ने जहाज के डेक पर टहलते हुवे देखा, वह तीनो द्वीपवासी जहाज के पीछे-पीछे पानी पर दौडते हुवे आ रहे हैं। उन्होने हैरान होकर जहाज रुकवाया, और उन्हे ऊपर चढवाया। 


फिर उनसे इस तरह आने का कारण पूछा- “वे बोले - ''!! आपने हमें जो प्रार्थना सिखाई थी, हम उसे अगले दिन ही भूल गये। इसलिये आपके पास उसे दुबारा सीखने आये हैं, हमारी मदद कीजिये।"


उन्होंने कहा- " ठीक है, पर यह तो बताओ तुम लोग पानी पर कैसे दौड सके?"


उसने कहा- " हम आपके पास जल्दी पहुँचना चाहते थे, सो हमने ईश्वर से विनती करके मदद माँगी और कहा - "हे ईश्वर!! दौड तो हम लेगें बस आप हमें गिरने मत देना ! और बस दौड पडे।“


अब पंडित जी सोच में पड गये.. उन्होने कहा- " आप लोग और ईश्वर पर आपका विश्वास धन्य है। आपको अन्य किसी प्रार्थना की आवश्यकता नहीं है। आप पहले कि तरह प्रार्थना करते रहें।"


ये कहानी बताती है कि ईश्वर पर विश्वास, ईश्वर की आराधना प्रणाली से अधिक महत्वपूर्ण है॥


संत कबीरदास ने कहा है - 

“माला फेरत जुग गया, फिरा ना मन का फेर, कर का मन का डारि दे, मनका-मनका फेर॥“



 संकलनकर्ता : ठाकुर पवन सिंह

Comments

Popular posts from this blog

अलीराजपुर यूनिकेयर हॉस्पिटल यहां पर सभी प्रकार

अलीराजपुर यूनिकेयर हॉस्पिटल यहां  पर सभी प्रकार के चर्म रोग स्त्री रोग इलाज किया जाता है सभी को फायदा पहुंचता है दांत खाद खुजली मासा सभी प्रकार का इलाज किया जाता है आबिद हुसैन कुरेशी

DlightNews

बामनपुरी रामलीला में धनुष यज्ञ लीला का हुआ मनमोहक मंचन , बरेली से जिला , संवाददाता अभिनय रस्तोगी की रिपोर्ट बरेली। बमनपुरी में चल रही 166 वीं श्री रामलीला के पाचवें दिन कलाकारों ने सीता स्वयंवर व धनुष यज्ञ की लीला का शानदार मंचन किया। सीता स्वयंवर में भगवान श्री राम ने शिव धनुष को उठाया तो पूरा पंडाल जय श्रीराम के जयकारे से गूंज उठा। रामलीला की शुरूआत में दिखाया गया कि जनकपुर में जनक जी अपनी पुत्री सीता के स्वयंवर के लिए देश देशांतर के राजाओं को बुलवाते हैं और शिव धनुष को उठाने व प्रत्यंचा चढ़ाने की शर्त रखते हैं, कोई भी राजा धनुष को हिला नहीं पाता है। राजा जनक के अभिनय ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इस दौरान रावण -बाणासुर के ओजस्वी संवादों को सुनकर श्रद्धालु रोमांचित हो उठे। अंततः रावण स्वयंवर सभा छोड़कर लंका वापस लौट जाता है उधर जब सारे राजा धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाना तो दूर, उसे तिल भर हिला तक नहीं पाते हैं तो यह देखकर राजा जनक अधीर हो उठते हैं और करुण विलाप करते हैं वो इस आशंका से भयभीत हो जाते हैं कि उनके इस कठिन प्रण के चलते सीता जी जीवन भर कुंवारी ना रह जाएं, वह हताशा...

DlightNews

शाह समाज महासम्मेलन के पदाधिकारीयों आज राजधानी लखनऊ में बैठक अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री से करेंगे मुलाकात संक्षेप: Lucknow News - लखनऊ में उत्तर प्रदेश शाह अल्वी समाज की आगामी महासम्मेलन की तैयारी में पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री से मुलाकात करने का निर्णय लिया और प्रशासन से सहयोग की मांग की। बैठक विक्रमादित्य मार्ग स्थित लखनऊ मंत्री दानिश आजाद जी के आवास पर हुई। इस दौरान पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश भाषा विभाग के पूर्व अध्यक्ष श्री तुरज जैदी से भी औपचारिक मुलाकात की इस संबंध में शाह समाज के पदाधिकारियों ने मंत्री दानिश आजाद अंसारी जी से मुलाकात करने की बात कही। राष्ट्रीय सह संयोजक जियारत अली शाह मलंग ने कहा कि हमारा मकसद है कि बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश के लोंगो को एक मंच पर लाया जाए बैठक में प्रदेश अध्यक्ष शोहरत अली शाह मलंग,राष्ट्रीय सह संयोजक जियारत अली शाह मलंग राष्ट्रीय संयोजक ताहिर शाह, मारूफ,दानिश आदि रहे।