*वर्चुअल कार्यशाला में संस्कृत व्याकरण सीख रहे शिक्षक*
*अमौली/फतेहपुर*
संस्कृत भाषा विश्व की प्रथम भाषा मानी जाती है। स्पष्ट व्याकरण और वर्णमाला की वैज्ञानिकता के कारण इसे सर्व श्रेष्ठ भाषा कहा जाता है।
संस्कृत भाषा को लोकप्रियता प्रदान करने के लिए जन जन तक जन-जन की भाषा बनाने के लिए शासन के निर्देशानुसार उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थानम् लखनऊ एवं स्टेट काउंसिल आफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग लखनऊ के संयुक्त तत्वाधान में 14 दिवसीय संस्कृत भाषा प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्चुअल कार्यशाला में जनपद फतेहपुर के प्रत्येक विकास खंड से चयनित संदर्भदाताओं को संस्कृत भाषा की व्याकरण का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है संस्कृत भाषा को सरल और शुद्ध उच्चारण करने के उद्देश्य से संस्कृत भाषा की व्याकरण पर विशेष सत्र प्रारंभ कर शिक्षकों को व्याकरण की मूल नियमों एवं प्रयोग करने की विधा पर विशेष रुप से प्रशिक्षण दिया गया। महोदय ओमदत्त द्विवेदी और महोदय गणेश दत्त द्विवेदी जी के द्वारा संस्कृत भाषा की व्याकरण का ज्ञान शिक्षकों को प्रदान किया गया। संस्कृत में अनुवाद करने के नियम, उपसर्ग ,प्रत्यय ,शब्द रूप, धातु रूप , माहेश्वर सूत्र आदि के बारे में विशेष ज्ञानार्जन कराया गया । सभी शिक्षकों ने इस ऑनलाइन कक्षा के माध्यम से संस्कृत भाषा के व्याकरण संबंधी नियमों के बारे में जानकारी ले रहे हैं जो निश्चित रूप से बच्चों को संस्कृत विषय को पढ़ाने में बहुत ही उपयोगी सिद्ध होगा।जिला एवं प्रशिक्षण संस्थान जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्रवक्ता श्री विनय कुमार मिश्र जी ने संस्कृत भाषा के लिए कहा कि संस्कृत एक विचार है। संस्कृत एक संस्कार है। संस्कृत में विश्व का कल्याण शांति सहयोग और वसुधैव कुटुंबकम की भावना निहित है । इसलिए संस्कृत भाषा को लोकप्रिय बनाने के लिए आभासी कार्य शाला का आयोजन किया जा रहा है । जो विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के लिए इस प्रशिक्षण को बहुत ही उपयोगी एवं समय अनुकूल बताया । इस आभासी प्रशिक्षण में प्रत्येक दिवस शिक्षकों से फीडबैक लिया जाता है जिसमें प्रशिक्षण के दौरान बताए गए विषय पर आधारित प्रश्नों को पूछा जाता है प्रतिदिन प्रत्येक दिन की पीडीएफ भी व्यवस्थित रूप से पहुंचाई जाती है संस्कृत में शब्द रूप याद करने की बहुत ही सरस शैली में महोदय गणेश दत्त द्विवेदी जी ने गायन विधा के माध्यम से सभी को बताया । इस प्रकार यह प्रशिक्षण बहुत ही सारगर्भित एवं उपयोगी है जिसमें जिले के प्रत्येक विकास खंड से चयनित शिक्षक प्रशिक्षण ले रहे हैं।
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