*तैलिक समरसता कार्यक्रम में राजनीतिक भागेदारी पर बल*
अमौली-फतेहपुर
23 जनवरी को विकास खण्ड अमौली के गांव मदरी में महासभा सम्मेलन का आयोजन किया गया इसकी अध्यक्षता गंगा प्रसाद साहू की अध्यक्षता में संपन्न हुआ जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री जय किशन साहू,शिक्षक एमएलसी का चुनाव लड़ चुके अशोक साहू प्रदेश अध्यक्ष सहित अनेक विशिष्ट लोग उपस्थित रहे।इस मौके पर डॉ एस के साहू समाज का कार्यवाहक जिला अध्यक्ष बनाया गया।कवि एवं शायर साहू शिव शरण बंधु की कविताओं का लोगों ने आनंद लिया।संचालन प्रेम लाल साहू ने किया।
मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी सरकार में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री रहे जय किशन साहू बलिया ने कहा कि हमें राजनीतिक अधिकारों को प्राप्त करने के लिए संघर्ष करना होगा और हमेशा एकजुट रहना पड़ेगा।हमें साहू समाज को एक राजनीतिक शक्ति प्रदान करनी होगी।सामाजिक कुरीतियों से दूर रहते हुए साहू समाज पंचायत चुनाव से लेकर लोकसभा चुनाव तक अपनी राजनीतिक भागीदारी के लिए संघर्ष में आगे आएं।तैलिक महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार राठौर ने कहा कि सामाजिक एकता के लिए धर्म एवं संविधान में से धर्म आस्था एवं संविधान सामाजिक समरसता के लिए आवश्यक है। हमें अपने संवैधानिक अधिकार के लिए आगे आना होगा जिसकी जितनी भागीदारी है उसके हिसाब से उसकी हिस्सेदारी तय होनी चाहिए।आज हमें राजनीतिक हिस्सेदारी के लिए पंचायत चुनाव से लेकर विधानसभा लोकसभा तक का सफर तय करना होगा।
कन्नौज से ही आए पूर्व चेयरमैन सुनील गुप्ता मुन्ना भैया ने कहा कि हम व्यापार से लेकर शिक्षा तक आगे बढ़े हैं लेकिन राजनीतिक स्थिति ठीक ठीक करनी होगी।साहू राठौर सब एकजुट रहें।साधना साहू ले संविधान का हवाला देते हुए कहा कि संविधान ने हमें कुर्सी पर बैठने और कुर्सी हथियाने का अवसर दिया है लेकिन मुट्ठी भर लोग हमें फिर जमीन पर लाना चाहते हैं।हमें मनुवादियों से सावधान रहना है।
ब्लॉक प्रमुख तेलियानी राजू साहू ने कहा कि हमें अंगूर का गुच्छा बनना है तभी हमारा मूल्य है।हमें शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़कर बड़े-बड़े पदों पर स्थान बनाना होगा।डॉ डी सी गुप्ता लखनऊ ने कुछ पंक्तियों में सब कुछ कह दिया - इस दौरे गमे - हस्ती से गुजर क्यों नहीं जाते,जीना नहीं आता है तो मर क्यों नहीं जाते।कैलाशनाथ साहू लखनऊ ने कहा कि पाखंड छोड़कर हमें संविधान के अनुसार चलना है।बेटा और बेटी में भेद न करें।शादी विवाह में अंगली मंगली के चक्कर में कभी न पड़ें।अमृत लाल साहू ने समाज के जागरूक करने पर बल दिया।
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