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बिहार कटिहार से पप्पू पोदार की रिपोर्ट

बलरामपुर कटिहार बलरामपुर प्रखंड के महिशाल पंचायत के अंतर्गत कौवाटोली में राजवंशी (सूर्यापूरी)भाषा सेवा परिषद द्वारा विश्व मातृभाषा दिवस समारोह का आयोजन किया गया ,जिसका उद्घाटन राजवंशी (सूर्यापूरी) का सेवा परिषद के अध्यक्ष बसंत कुमार दास सचिव व भाजयुमो  नेता जगन्नाथ दास बिहारी चंद्र दास ने संयुक्त रूप से किया। समारोह को संबोधित करते हुए अध्यक्ष बसंत कुमार दास ने कहा मां ,मातृभूमि एवं मातृभाषा के श्रेष्ठ बताया । उन्होंने कहा कि हमें हमेशा अपनी मातृभाषा का सम्मान करते हुए गर्व के साथ उसे बोलना चाहिए हम अपनी मातृभाषा को भूलते जा रहे हैं ऐसी स्थिति में हमारे देश में कई भाषाओं का ह्रास हो रहा है ।राजवंशी भाषा सेवा परिषद के सचिव व भाजयुमो नेता जगन्नाथ दास ने कहा राजवंशी सूर्यापुरी भाषा के इतिहास एवं वर्तमान स्थिति पर चर्चा की और उन्होंने कहा कि राजबंशी भाषा बिहार के अलावे बंगाल ,असम मेघालय ,त्रिपुरा ,में भी बोली जाती है, इसके अलावा विदेश नेपाल, भूटान, बांग्लादेश में भी बोली जाती है। यह राजवंशी भाषा अंतर्राष्ट्रीय भाषा है ।इस भाषा में साहित्य सृजन का  कार्य  भी  चलता आ रहा हैं । पूर्व  सांसद निखिल कुमार चौधरी ने  अष्टम सूची में शामिल करने के लिए सरकार से मांग की थी, लेकिन सरकार की उदासीनता से राजवंशी  सूर्यापुरी   भाषा को उचित स्थान नहीं मिला है। कार्यशाला में उपस्थित अतिथियों ने कहा कि पश्चिम  पाकिस्तान सरकार ने पूर्वी पाकिस्तान वर्तमान में बांग्लादेश पर बलपूर्वक उर्दू भाषा लादना आरंभ किया था ।फलस्वरूप उर्दू विरोधी बांग्लादेश के ढाका विश्वविद्यालय के छात्रों ने विरोध करने पर 21 फरवरी 1952 को यूएनओ ने प्रत्येक भाषा को मातृभाषा  दर्जा दिया गयाl  इस मौके पर कालू चंद्र दास, सूरज कुमार दास,    तारा कुमार दास ,तपन कुमार दास दीपक कुमार दास ,जयश्री सिंह सहित ग्रामीणआदि उपस्थित थे।

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