Skip to main content

DlightNews

श्रीं रामजी का हुआ राज्याभिषेक, प्रजा भयी खुशहाल 

बरेली। राजमहल पहुँचने पर मुनि वशिष्ठ ने कहा कि सुबह राम का राज्याभिषेक होगा | पूरा नगर सजाया गया था | शत्रुघ्न ने राज्याभिषेक की सब तैयारियाँ पहले से ही कर दी थीं।रात के समय समस्त नगर में दीपोत्सव मनाया गया। अगले दिन मुनि वशिष्ठ ने राम का राजतिलक किया। राम और सीता सोने के रत्नजड़ित सिंहासन पर बैठे तथा लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न उनके पास खड़े थे। हनुमान जी नीचे बैठ गए। माताओं ने आरती उतारी। सबको उपहार दिए गए। रामजी सीताजी के साथ सिंहासन पर विराज रहे हैं। सब ओर हर्षोल्लास है, उमंग उत्साह है। पर न मालूम क्यों, भगवान के मुखमंडल पर प्रतीक्षा का भाव है। आँखें हर एक आने वाले की ओर उठती हैं, और बार बार निराश होकर झुक जाती हैं। हनुमानजी को चिंता लगी। पूछने लगे- प्रभु! आप किसकी प्रतीक्षा कर रहे हैं?
भगवान की आँखों की कोर में नमीं स्पष्ट मालूम पड़ती है। भगवान ने कहा- हनुमान! केवट नहीं आए।
सद्गुरू ही केवट हैं, वही नाम रूपी नाव और नियम रूपी चप्पू द्वारा पार कराते हैं। उन्होंने मुझे पार लगाया, मैं उनकी कोई सेवा नहीं कर पाया, वे नहीं आए। हनुमानजी ने चारों ओर नजर दौड़ाई, तो उन्हें एक बात का बड़ा आश्चर्य हुआ, केवट तो वहाँ थे ही नहीं, भरत लाल जी भी नहीं थे।
विस्मित स्वर से हनुमानजी भगवान से पूछते हैं- प्रभु! यहाँ तो भरतजी भी नजर नहीं आ रहे हैं, आपको उनका खयाल नहीं है? वे कहाँ हैं?
भगवान ने कहा- हनुमान! जिस सिंहासन पर मेरा राज्याभिषेक होने जा रहा है, इस पर लगा यह छत्र देख रहे हो? जिस छत्र की छत्रछाया में मैं बैठा हूँ। भरतजी इसी छत्र का दण्ड पकड़ कर, इस सिंहासन के पीछे खड़े हैं। हनुमानजी ने पीछे जाकर देखा तो भरतजी वहीं थे, और रो रहे थे। हनुमानजी ने भगवान से कहा- प्रभु! भरतजी तो रो रहे हैं। भगवान! जब आप जानते हैं कि भरतजी पीछे खड़े हैं, तो आपको नहीं चाहिए कि उनको आगे बुला लें। जिनकी आँखें आपके राज्याभिषेक को देखने को तरस रही थीं, वे इस दृश्य से वंचित क्यों रहें?
भगवान ने बड़ी महत्वपूर्ण बात कही। बोले- हनुमान! भरतजी अगर आगे आ जाएँगे तो इस छत्र का दण्ड कौन पकड़ेगा? हनुमानजी ने कहा- उसे तो कोई भी पकड़ लेगा प्रभु। भगवान ने कहा- भरतजी यदि उस दण्ड को छोड़ देंगे, तो मेरा राज्याभिषेक आज भी टल जाएगा।
भगवान कहते हैं- मैं दुनियावालों को बताना चाहता हूँ कि दुनियावालों! यदि अपने हृदय के राजसिंहासन पर मुझ परमात्मा राम का राज्याभिषेक कराना चाहते हो, तो यह बात ध्यान रखना कि उसी के हृदय रूपी राजसिंहासन पर मेरा राज्याभिषेक होना संभव है, जिसके हृदय पर भरत जैसे किसी संत की छत्रछाया हो। सीता जी ने अपने गले का हार हनुमान को दिया।
धीरे-धीरे सभी अतिथि विदा हो गए तथा ऋषि-मुनि अपने-अपने आश्रमों में चले गए। हनुमान राम की सेवा में ही रहे। राम ने लंबे समय तक राज्य किया। उनके राज्य में किसी को कष्ट नहीं हुआ |
जा पर कृपा राम की होई।
ता पर कृपा करहिं सब कोई॥
जिनके कपट, दम्भ नहिं माया।
तिनके ह्रदय बसहु रघुराया।
राम दरबार से अध्यक्ष सर्वेश रस्तोगी  ने सभी परोक्ष व प्रत्यक्ष रूप से सेवा करने वाले, सहयोगीगण, गणमान्य अतिथियों, दर्शकों इत्यादि सभी का आभार व्यक्त किया और अगले साल रामलीला को अधिक भव्य बनाने का संकल्प लिया। प्रवक्ता विशाल मेहरोत्रा ने कहा कि रामलीला भवन को इसी वर्ष भव्यता प्रदान की जाएगी साथ ही गरीब कन्या विवाह हेतु और गरीब बच्चो की पढ़ाई हेतु व्यवस्था भी कमेटी द्वारा की जाएगी।             आज के कार्यक्रम में श्री रामलीला कमेटी के सभी पदाधिकारी महामंत्री अंशु सक्सेना, उपाध्यक्ष महेश पंडित, पंकज मिश्रा, राजू मिश्रा, राजकुमार गुप्ता, लवलीन कपूर, नवीन शर्मा, विवेक शर्मा, गौरव सक्सेना, दिनेश दद्दा, अखिलेश अग्रवाल, पंडित सुरेश कटिहा, सत्येंद्र पांडेय, महिवाल रस्तोगी, नीरज रस्तोगी, पंडित विनोद शर्मा, अनमोल रस्तोगी, सुनील रस्तोगी, अजीत रस्तोगी, शिवम रस्तोगी, संजीव रस्तोगी मुक्की, बंटी रस्तोगी, अनिल कुमार सैनी, सुरेश रस्तोगी, मीडिया प्रभारी सचिन श्याम भारतीय, कौशिक टंडन, अभिनय रस्तोगी मौजूद रहे। बरेली से जिला संवाददाता अभिनय रस्तोगी की रिपोर्ट

Comments

Popular posts from this blog

DlightNews

 मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक संपन्न, 27 सितंबर को दिल्ली में होगा ऐतिहासिक राष्ट्रीय महासम्मेलन नई दिल्ली: देश की राजधानी नई दिल्ली के हरियाणा भवन में सोमवार को मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (एमआरएम) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बड़े उत्साह और एकजुटता के साथ संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में देश के विभिन्न हिस्सों से राष्ट्रीय संयोजक, राष्ट्रीय सह-संयोजक, क्षेत्रीय संयोजक और प्रकोष्ठ संयोजकों ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ नेता और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मार्गदर्शक इंद्रेश कुमार जी ने की, जिनके मार्गदर्शन में सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। 27 सितंबर को दिल्ली में भव्य राष्ट्रीय महासम्मेलन: बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि आगामी 27 सितंबर 2025 को नई दिल्ली में एक भव्य राष्ट्रीय महासम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस महासम्मेलन में देशभर से लाखों की संख्या में कार्यकर्ता एकत्र होंगे, जो सामाजिक एकता, भाईचारा और राष्ट्रीय विकास के लिए मं...

DlightNews

शाह समाज महासम्मेलन के पदाधिकारीयों आज राजधानी लखनऊ में बैठक अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री से करेंगे मुलाकात संक्षेप: Lucknow News - लखनऊ में उत्तर प्रदेश शाह अल्वी समाज की आगामी महासम्मेलन की तैयारी में पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री से मुलाकात करने का निर्णय लिया और प्रशासन से सहयोग की मांग की। बैठक विक्रमादित्य मार्ग स्थित लखनऊ मंत्री दानिश आजाद जी के आवास पर हुई। इस दौरान पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश भाषा विभाग के पूर्व अध्यक्ष श्री तुरज जैदी से भी औपचारिक मुलाकात की इस संबंध में शाह समाज के पदाधिकारियों ने मंत्री दानिश आजाद अंसारी जी से मुलाकात करने की बात कही। राष्ट्रीय सह संयोजक जियारत अली शाह मलंग ने कहा कि हमारा मकसद है कि बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश के लोंगो को एक मंच पर लाया जाए बैठक में प्रदेश अध्यक्ष शोहरत अली शाह मलंग,राष्ट्रीय सह संयोजक जियारत अली शाह मलंग राष्ट्रीय संयोजक ताहिर शाह, मारूफ,दानिश आदि रहे।

DlightNews

*उज्जैन विकास प्राधिकरण की हरिफाटक आवासीय योजना अन्तर्गत 7 अवैध निर्मित निमार्णो को हटाया गया* जून 12, 2025 दीपक टण्‍डन उज्जैन, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं नगर निगम एवं उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा बुधवार ,11 जून को उज्जैन विकास प्राधिकरण की हरिफाटक आवासीय योजना अन्तर्गत भूखण्ड कं. 20, 30, 59 एवं 64 पर कुल 7 अवैध निर्मित निमार्णो को हटाया गया। उक्त भुखण्डो को लगभग 40-45 वर्ष पूर्व आवासीय उ‌द्देश्य के लिये लीज पर भूखण्ड आवंटित किये गये थे। उक्त भूखण्डो पर विगत कई वर्षों से रहवासियों द्वारा लीज की शर्तों का अत्यधिक उल्लंघन जैसे रहवासी उपयोग के स्थान पर व्यवसायिक उपयोग किया जाना, भूखण्डों को बिना विकास प्राधिकरण की सहमति के विक्रय किया जाना, भूखण्ड को विभाजित किया जाना इत्यादि किये जाने से उज्जैन विकास प्राधिकरण संचालक मण्डल द्वारा उक्त भुखण्डो की लीज वर्ष 2023 में निरस्त की गई थी। उक्त लीज निरस्ती के उपरात भुखण्ड कं. 20, 30, 59, 64 के अवैध कब्जे को हटाने हेतु उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा धारा 248 के अन्तर्गत आदेश पारित किया गये थे।बुधवार, 11 जून को जिला प्र...