प्रेस विज्ञप्ति
प्रमस्तिक घात (सेरेब्रल पाॅल्सी) के मूल्यांकन एवं प्रमाणन के दिषा-निर्देषों पर जागरूकता हेतु सी.आर.सी.गोरखपुर ने आयोजित की 57 वीं ई-परामर्ष श्रृंखला
दिव्यांगता पुनर्वास में दिव्यांगता का प्रमाणन एक चुनौती भरा काम है। जागरूकता के अभाव में अनेक औपचारिकताओं को पूरा करने में कभी-कभी कुछ अभिभावक इतने निराष हो जाते हैं कि वो प्रमाणन की प्रक्रिया को छोड़ देते हैं और व्यवस्था को कोसना षुरू कर देते हैं। अभिभावकोें की इस समस्या को देखते हुए सी.आर.सी. गोरखपुर ने 57 वीं ई-परामर्ष श्रृंखला का आयोजन किया। आज के मुख्य अतिथि एवं वक्ता बी.आर.डी0 मेडिकल कालेज के आर्थाेपेडिक सर्जन डाॅं0 अषोक यादव ने प्रमस्तिक घात (सेरेब्रल पाॅल्सी) सी.पी.के मूल्यांकन एवं प्रमाणन के बारे में बताते हुए बताया कि जो भी दिव्यांगजनों के अभिभावक गण दिव्यांगता प्रमाण-पत्र बनवाना चाह रहे हों उनको पहले किसी भी जन सुविधा केन्द्र पर जाकर अपना पंजीकरण करवाना पड़ता है। पंजीकरण के 21 दिन के अन्दर वे सोमवार के दिन जिला अस्पताल में जाकर प्रमाणन की प्रक्रिया को पूरा कर सकते है। प्रक्रिया पूरे होने के बाद प्रमाण-पत्र आॅनलाइन अपलोड हो जाता है जिसे जन सुविधा केन्द्र से जाकर डाउनलोड किया जा सकता ह,ै जिसके लिए दुबारा अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ती है परंतु इसके लिए उनको कुछ जरूरी कागजात जैसे आधार कार्ड, तथा फोटो आदि जरूर रखना चाहिए। आर.पी.डब्लू.डी.एक्ट के तहत निर्धारित मूल्यांकन प्रमाणन प्रक्रिया ग्रास मोटर फंक्सनल कलासी फिकेषन स्केल (जी.एम.एफ.सी.) के तहत होनी चाहिए।
बता दे कि 40 प्रतिषत दिव्यांगता वाले ही बेंच मार्क दिव्यांगता की श्रेणी में आते हैं और वह प्रमाण-पत्र बनवा कर सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं तथा 60 प्रतिषत से ज्यादा दिव्यांगता वाले व्यक्ति मेडिकल बोर्ड के अनुमोदन पर हाई सपोर्ट नीड (उच्च सहायता आवष्यकता) का लाभ ले सकते है।
सी.आर.सी. के निदेषक श्री रमेष कुमार पान्डेय जी के निर्देषन में गति विशयक दिव्यांगता पर जागरूकता की पूरी एक श्रंृखला चल रही है जिससे गति विशयक दिव्यांगता में मूल्यांकन और प्रमाणन करवाने वाले अभिभावकों को मदद मिलेगी।
कार्यक्रम समन्यवक विजय गुप्ता ने गति विशयक दिव्यांगता वाले कार्यक्रम की श्रृंखला की रूपरेखा तैयार की है। कार्यक्रम के सह-समन्यवक श्री संजय कुमार सिंह एवं राजेष कुमार यादव ने कार्यक्रम का संचालन किया तथा कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रहे सभी प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में आॅनलाइन माध्यम से 100 से ज्यादा लोगों ने प्रतिभाग किया। सभी प्रतिभागियों को ई-सर्टिफिकेट दिया गया।
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