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DlightNews बीपीमिश्र Gorakhpur

(वरिष्ठ संवाददाता, मणि जी)


सुरक्षित गर्भसमापन की जानकारी व सुविधाओं की  अनुउपलब्धता बड़ी समस्या –ओमप्रकाश पाण्डेय  
आज दिनांक 29/10/2020 को-विकास खंड मुख्यालय जंगल कौड़िया में  बाबा राम करन दास ग्रामीण  विकास समिति गोरखपुर  व सहयोग लखनऊ  के सयुक्त तत्वाधान में कोबिड-19 हेल्प डेस्क सुरक्षित गर्भ समापन के अंतर्गत सुपरवाइजर महिलाओ को प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमे सहायक खंड विकास अधिकारी जंगल कौड़िया  ओमप्रकाश पाण्डेय ने बताया हर साल होने वाले  5.6  करोड़  गर्भसमापन में 2.5 करोड़ असुरक्षित होते है | इनमें 2200 लड़कियों और महिलाओं की मृत्यु होती है- जो की दुनियाभर में होनी वाली मातृत्व मृत्यु का 8% है और अन्य 70  लाख महिलाओं को गंभीर या स्थायी नुकसान होता है | इनमें से बहुत मृत्यु और नुकसान ऐसे है जो रोके जा सकते है और उन देशों /राज्यों में होते है जहां के क़ानून  गर्भसमापन पे अनेक तरह के प्रतिबन्ध  लगाते है | सुनीता सिंह सहयोग लखनऊ  ने बताया शोध बताते है के गर्भसमापन पे प्रतिबन्ध लगाने से गर्भसमापन  कम नहीं होते है, बल्कि असुरक्षित गर्भसमापन  को बढ़ावा देते है खासकर के गरीब और वंचित समुदायों की लड़कियों और महिलाओं के लिए  (ग्लोबल डिक्लेरेशन ऑन  एबॉर्शन , नैरोबी सबमिट ऑन  ICPD25).अवधेश कुमार ने बताया की लॉकडाउन के कारण गर्भनिरोधन हासिल करने और उसके प्रयोग में काफ़ी हद तक कमी  देखी गई। कोविड के चलते सरकार द्वारा  हेल्थ सेंटरों पर नसबंदी और आईयूसीडी की सेवाएँ भी रोकी गई ! बिना डॉक्टर के पर्चे पर  मेडिकल स्टोर से मिलने वाली गर्भ निरोधक दवाई, कंडोम, आदि को प्राप्त  करने में लोगों को काफ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लॉकडाउन के दौरान  फाउंडेशन फॉर रेप्रोडिकटिव हेल्थ ऑफ़ इंडिया के अध्यन के अनुसार इन गर्भनिरोधन सेवाओं के न हासिल करने की वजह से भारत में करीब 2.38 लाख अतिरिक्त अनचाहे गर्भधारण, 1.45 लाख अतिरिक्त गर्भपात जिसमे 834,042 असुरक्षित गर्भपात  और 1,743 अतिरिक्त मातृ मृत्यु होने की संभावना है। ज्यादा समय तक ऐसा रहा तो इसका प्रभाव और भी भयानक होगा। असुरक्षित गर्भ समापन को सुरक्षित बनाने के लिए ज़रूरी है कि, सेवाएं उपलब्ध कराने वाले लोगों को प्रशिक्षण दिया जाए, प्राथमिक उपचार केन्द्रों में उचित गर्भ समापन सेवाएं उपलब्ध कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि महिलाएं अप्रशिक्षित सेवा प्रदाताओं के पास न जाकर प्रशिक्षित सेवा प्रदाताओं तक पहुंच सकें| इस बदलाव का एक ज़रूरी पहलू ये है कि गर्भ समापन सेवाओं की उपलब्धता की जानकारी सार्वजनिक स्तर पर उपलब्ध कराई जाए| खासकर किशोरियों और एकल महिलाओं के बीच जिनके लिए आमतौर पर प्रजनन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध नहीं होती|इसलिए गोपनीयता की गारंटी भी दी जानी चाहिए, जिससे एकल महिलाएं बिना किसी डर या संकोच के इन सेवाओं का इस्ते  माल कर सकें|रामानन्द परामर्शदाता जिलाविधिकसेवा प्राधिकरण ने कहा आज जरुरी है  सरकार के द्वारा गर्भनिरोधक साधनों के बारे में जानकारी और सेवाएं, जिसमें आपातकालीन गर्भनिरोधक भी शामिल है को समुदाय के जरूरतमंद लोगों तक पहुचाया जाए साथ ही MTP कानून के तहत जानकारी और सेवाएं दी जाये तथा गर्भपात के बाद की देखभाल को सुनिश्तित किया जाये तथा समुदाय को इस बात की जानकारी दी जानी चाहिए कि वह सुरक्षित गर्भपात की सेवा किन किन  स्वास्थ्य सुविधाओं से से प्राप्त कर सकते हैं जिसको लेकर IEC/ पेपर/ TV आदि के माध्यम से विज्ञापन भी दिए जाएँ !शीला सिंह ने बताया भारत में गर्भ समापन से जुड़ा कलंक और शर्मिंदगी सुरक्षित और कानूनी सेवाओं तक पहुंच में बाधा डालती है। गर्भसमापन के सेवाओं के बारे में मिथकों और गलतफहमी को दूर करना जरुरी हैं तभी सभी के लिए प्रजनन स्वास्थ्य को न्याय संगत बनाना जा सकता है गायत्री यादव बी०एम्०एम् एन आर एल एम् ने बताया  भारत में चिकित्‍सकीय गर्भ समापन कानून (मेडिकल टर्मीनेसन आफ प्रेगनेंसी अधिनियम 1971) के अन्‍तर्गत महिलायें कुछ विशेष परिस्थितियों जैसे महिला की जान को कोई खतरा हो, उसे शारिरिक या मानसिक नुकसान पहुंचने की आशंका हो, उसका बलात्कार हुआ हो, या फ़िर उसके पास कोई सामाजिक और आर्थिक कारण हो आदि  में गर्भधारण के 20 हफ़्तों तक गर्भपात सरकारी अस्‍पताल में या सरकार की ओर से अधिकृत किसी भी चिकित्‍सा केन्‍द्र  में अधिकृत व प्रशिक्षित डॉक्‍टर द्वारा गर्भसमापन करा सकती है। जिसमे महिलाओ ने कोबिड 19 के दौरान हेल्प डेस्क पर महिलाओ और पुरुषो को परिवार नियोजन का साधन और सुरक्षित गर्भ समापन सेवाप्रदाताओ के बारे में जानकारी देकर सुरक्षित गर्भ समापन के लिए बने कानून एम् टी पी एक्ट के बारे,में 10गाव में समुदाय को जागरूक किया जिसमे हेल्पडेस्क सुपरवाईजर महिलाओ को प्रशस्ति पत्र वितरण किया गया अंत में शीला सिंह ने साथियो को धन्यबाद देकर कार्यक्रम का समापन किया इस कार्यक्रम रूबी भारती ,इंदु .तारा ,रत्ना गीता शिला मंजू  ,इन्द्रावती नइंदु  ,भारती रूबी को प्रमाण पत्र देकर सम्मनित किया गया ।

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