Skip to main content

DlightNews

*सुभाष चंद्र बोस वह नाम है जो शहीद देश भक्तों की इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा हैउन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर किया- निखिल गुप्ता समाज सेवी*
*रिपोर्टर-(बी.पी.मिश्र)*

गोरखपुर 23 जनवरी 2022 सुभाष चंद्र बोस वह नाम है जो शहीद देश भक्तों की इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा हैउन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर किया सूरजकुंड सुभाष नगर स्थित उनके प्रतिमा के समक्ष युवाओं के साथ मिलकर उनके प्रतिमा पर माल्यार्पण धूप प्रज्वलित कर उनको नमन करते हुए उनकी जयंती मनाया।
निखिल ने बताया कि, सुभाष चंद्र बोस वह नाम है जो शहीद देश भक्तों के इतिहास मे स्वर्ण अक्षरों में लिखा है। सुभाष चंद्र बोस जी की लोकप्रियता इतनी अधिक थी कि , भारत के लोग उन्हें प्यार श्रद्धा से नेताजी कहते थे।नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी का जन्म23 जनवरी 1897 को उड़ीसा में कटक में हुआ था। नेताजी ने देश की आजादी के लिए आजाद हिंद फौज का गठन किया था, नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी ने देश को आजादी दिलाने में अपना सब कुछ न्यौछावर किया था।
इनकी मृत्यु 18 अगस्त 1945 को एक विमान हादसे में हुई। हम युवा इन जैसे महापुरुषों के बलिदान को कभी नहीं भूल पाएंगे।इस कार्यक्रम में उपस्थित,
 युवा समाजसेवी निखिल गुप्ता आशीष त्रिवेदी , अम्बिके प्रजापति छात्र नेता कुलदीप तिवारी, अभिषेक तिवारी, शशांक शेखर तिवारी, नितेश चौरसिया ,आशुतोष वर्मा आदि युवा रहे।

Comments

Popular posts from this blog

अलीराजपुर यूनिकेयर हॉस्पिटल यहां पर सभी प्रकार

अलीराजपुर यूनिकेयर हॉस्पिटल यहां  पर सभी प्रकार के चर्म रोग स्त्री रोग इलाज किया जाता है सभी को फायदा पहुंचता है दांत खाद खुजली मासा सभी प्रकार का इलाज किया जाता है आबिद हुसैन कुरेशी

DlightNews

बामनपुरी रामलीला में धनुष यज्ञ लीला का हुआ मनमोहक मंचन , बरेली से जिला , संवाददाता अभिनय रस्तोगी की रिपोर्ट बरेली। बमनपुरी में चल रही 166 वीं श्री रामलीला के पाचवें दिन कलाकारों ने सीता स्वयंवर व धनुष यज्ञ की लीला का शानदार मंचन किया। सीता स्वयंवर में भगवान श्री राम ने शिव धनुष को उठाया तो पूरा पंडाल जय श्रीराम के जयकारे से गूंज उठा। रामलीला की शुरूआत में दिखाया गया कि जनकपुर में जनक जी अपनी पुत्री सीता के स्वयंवर के लिए देश देशांतर के राजाओं को बुलवाते हैं और शिव धनुष को उठाने व प्रत्यंचा चढ़ाने की शर्त रखते हैं, कोई भी राजा धनुष को हिला नहीं पाता है। राजा जनक के अभिनय ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इस दौरान रावण -बाणासुर के ओजस्वी संवादों को सुनकर श्रद्धालु रोमांचित हो उठे। अंततः रावण स्वयंवर सभा छोड़कर लंका वापस लौट जाता है उधर जब सारे राजा धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाना तो दूर, उसे तिल भर हिला तक नहीं पाते हैं तो यह देखकर राजा जनक अधीर हो उठते हैं और करुण विलाप करते हैं वो इस आशंका से भयभीत हो जाते हैं कि उनके इस कठिन प्रण के चलते सीता जी जीवन भर कुंवारी ना रह जाएं, वह हताशा...

DlightNews

शाह समाज महासम्मेलन के पदाधिकारीयों आज राजधानी लखनऊ में बैठक अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री से करेंगे मुलाकात संक्षेप: Lucknow News - लखनऊ में उत्तर प्रदेश शाह अल्वी समाज की आगामी महासम्मेलन की तैयारी में पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री से मुलाकात करने का निर्णय लिया और प्रशासन से सहयोग की मांग की। बैठक विक्रमादित्य मार्ग स्थित लखनऊ मंत्री दानिश आजाद जी के आवास पर हुई। इस दौरान पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश भाषा विभाग के पूर्व अध्यक्ष श्री तुरज जैदी से भी औपचारिक मुलाकात की इस संबंध में शाह समाज के पदाधिकारियों ने मंत्री दानिश आजाद अंसारी जी से मुलाकात करने की बात कही। राष्ट्रीय सह संयोजक जियारत अली शाह मलंग ने कहा कि हमारा मकसद है कि बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश के लोंगो को एक मंच पर लाया जाए बैठक में प्रदेश अध्यक्ष शोहरत अली शाह मलंग,राष्ट्रीय सह संयोजक जियारत अली शाह मलंग राष्ट्रीय संयोजक ताहिर शाह, मारूफ,दानिश आदि रहे।