खबर है up की सुल्तानपुर के कादीपुर तहसील क्षेत्र का मामला है सरकार और प्रशासन कानून व्यवस्था को लेकर व्यवस्था चुस्त दुरुस्त करने के दावे भले ही करें वहीं दूसरी तरफ पूर्व में कारित घटनाओं के खुलासे को लेकर पुलिस विभाग 9 दिन चले अढ़ाई कोष पूरी तरह चरितार्थ होती नजर आ रही है कप्तान साहब कादीपुर कोतवाली की पुलिस वाकई में काबिले तारीफ है जहां कादीपुर की पुलिस के द्वारा पूर्व में हुई लूट की घटना का कादीपुर पुलिस के द्वारा खुलासा किया गया वही पर कादीपुर कोतवाली के बगल में ही सरकारी खजाने से एक करोड़ 15 लाख कि चोरी के मामले में पुलिस अभी भी खाली हाथ है आपको बताते चलें की 14 -15 अक्टूबर वर्ष 2016 कि रात को गायब हुए सरकारी खजाने से एक करोड़ 15 लाख रुपए का हाल भी अजब गजब है ना तो प्रशासन को बरामदगी की चिंता है ना ही कादीपुर पुलिस को खुलासे की फिक्र जनप्रतिनिधि भी इतने बड़े मामले को लेकर के भी बेखबर है वजह क्या है यह भी किसी रहस्य से कम नहीं है खुलासे को लेकर पुलिस और प्रशासन कटघरे में है आपको यह भी बता दे वर्ष 1882,में स्थापित कादीपुर तहसील परिसर में स्थित डबल लाक कोषागार से 14- 15 अक्टूबर वर्ष2016 कि रात में एक करोड़ 15 लाख रुपए रहस्य तरीके से गायब हो गया सरकारी खजाने का ताला तोड़कर बड़ी रकम ले जाने में चोर कामयाब रहे इतनी बड़ी रकम पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के लिए अधिग्रहित बैनामा कराने के लिए आई थी जिस की जानकारी चोरो को थी उन्होंने लंबा हाथ मारते हुए सरकार की खजाने में सेध लगा दी और खजाने की रकम गायब हो गया अभिलेखो में कोषागार पर रात्रि ड्यूटी में पुलिसकर्मी विशेष चंद्र राय तैनात थे लेकिन ड्यूटी पर कोई भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था तैनात पुलिस कर्मियों को तत्कालीन पुलिस अधीक्षक पवन कुमार ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था सरकारी खजाने से चोरी का प्रकरण लंबे समय तक सुर्खियों में रहा तत्कालीन सक्षम अधिकारियों ने खुलासे के लिए लंबे चौड़े दावे किए थे लेकिन समय के साथ ही दावो की भी हवा निकल गई सरकारी खजाने से हुए चोरी के लगभग 4 साल पूरे कर चुके हैं लेकिन अभी तक चोरी का खुलासा करने में नाकाम है कादीपुर कोतवाली की पुलिस कादीपुर कोषागार का दुर्भाग्य ही है आजाद भारत के इतिहास सरकारी खजाने से चोरी का शायद पहला ही मामला है जहां चोरों ने इतनी बड़ी सनसनी खेज वारदात को अंजाम दिया और प्रशासन को इसकी भनक तक भी नहीं लगी अहम सवाल यह है कि वारदात के पहले 5 दिन का अवकाश था हालांकि 34 लाख रुपए कोषागार में पहले से ही मौजूद था एक करोड़ रुपए बैंक से निकाल कर के रखा गया था जिसमें से 1700000 रुपये का स्टांप खरीद लिया गया था और 1700000 रुपये अलग से झोले में भर कर रखा गया था जिसे चोर नहीं ले गए आखिर चोरों ने ऐसा क्यों किया वही दोनों रखे गए थे दोनों में से बोरे में भरा रुपया पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के ही धन पर हाथ मार ट्रेज़री विभाग के रुपयों पर चोरों ने रहमदिली दिखाया बताया यह भी जाता है कि कोषागार की छमता महज 3 लाख रुपये का ही है आखिर किन परिस्थितियों में बगैर किसी सुरक्षा व्यवस्था के एक करोड़ की भारी भरकम धनराशि यहां पर रखी गई थी किसके लिखित अथवा मौखिक आदेश पर छमता से अधिक धन राशि को कोषागार में रखा गया था इसका जवाब किसी अधिकारी के भी पास नहीं है तत्कालीन उप जिला अधिकारी मोतीलाल सिंह और तहसीलदार रामचंद्र सरोज जोकि अब दिवंगत हो चुके हैं उनसे भी उस समय वार्ता कि गई थी उन्होंने भी इस बिषय से इंकार कर दिया था 4 वर्ष घटना को बितने को चले हैं लेकिन मामला ढांक के तीन पात के बराबर ही है या तो कादीपुर कोतवाली की पुलिस मामले की खुलासा नहीं करना चाहती या तो मामले की लीपा पोती कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया सुल्तानपुर पुलिस अधीक्षक शिवहरी मीणा सुल्तानपुर जनपद में हुई कई घटनाओं का अनावरण किया अभी कुछ दिन पूर्व में हुयी लूट कि घटना को दिनांक 11 -12-2020 कादीपुर में हुई लूट की घटना का खुलासा करते हुए दो बदमाशों को पुलिस ने जेल भेज कर घटना का खुलासा किया था और कोतवाली कादीपुर पुलिस के द्वारा कल दिनांक 15 -12- 2020को दो इनामिया बदमाशों को भी जेल भेजा था देखना यह होगा कि मामले का खुलासा करने सुल्तानपुर जनपद की काबिल पुलिस घटना की खुलासा कब करती है
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