*राष्ट्रीय -अंतरराष्ट्रीय परिकल्पना ओं को साकार करने के उद्देश्य से मानव अधिकार के जागरूकता हेतु एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।* *रिपोर्टर-बी.पी.मिश्र,गोरखपुर* गोरखपुर 10 दिसम्बर 2021ऑल इंडिया मानव सेवा संगठन 10 दिसंबर विश्व मानव अधिकार दिवस के अवसर पर आज दिनांक 10:12 21 दिन शुक्रवार समय 12:00 बजे चेतना तिराहा गोलघर गोरखपुर पर सर्वप्रथम शहीद बिपिन रावत सहित सभी मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई ।कार्यक्रम में जन सामान्य को मास्क वाह सैनिटाइजर वितरण कर कोविड-19 एवं उसके नए वेरिएंट ओमी कान के बढ़ते हुए प्रभाव से बचने के लिए उन्हें जागरूक करने का काम किया गया।वाहन यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वाले जैसे बिना हेलमेट गाड़ी चलाना, दो पहिया वाहन पर तीन सवारी बैठ कर चलना ,वाहन चलाते समय मोबाइल से बात करना इत्यादि ।जैसे लोगों को गुलाब का फूल एवं यातायात निर्देशों से संबंधित एक पंपलेट देकर देकर उन्हें जागरूक करने का कार्य किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश प्रवक्ता शिवेंद्र पांडे ने कहा कि भारत में 18 सितंबर 1993 से मानव अधिकार कानून अमल में लाया गया था ।और 12 अक्टूबर 1993 को राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग का गठन किया गया था ।लेकिन संयुक्त राष्ट्र महा सभा द्वारा 10 दिसंबर 1948 को घोषणा पत्र को मान्यता दिए जाने पर 10 दिसंबर का दिन मानव अधिकार दिवस के लिए निश्चित किया गया। हमारा संगठन विगत कई वर्षों से मानव अधिकार के क्षेत्र में अपने कार्यों को बखूबी अंजाम देता आ रहा है। आज इसी क्रम में जन सामान्य को जागरूक करने के उद्देश्य से हमारा संगठन कोविड-19 एवं उसके नए वेरिएंट ओमी क्रांन के बढ़ते हुए के प्रभाव से बचने के लिए मास्क और सैनिटाइजर बांटने का कार्य कर रहा है। तथा साथ ही साथ वाहन चलाने वालों को गुलाब का फूल देकर हेलमेट एवं सीट बेल्ट लगाने के लिए प्रोत्साहित करने का काम कर रहा है ।कार्यक्रम का संचालन करते हुए संगठन के कार्यवाहक जिला अध्यक्ष मोहम्मद रजी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानव अधिकार मैं अभिवृद्धि का भविष्य बहुत उज्जवल नहीं दिखाई पड़ता ।ऐसा उस समय तक रहने के लिए संभाव्य है जब तक विकासशील देशों के प्रति विकसित देशों की प्रवृत्ति में परिवर्तन नहीं होता ।वास्तव में मानव अधिकार के संबंध में कागजी कार्यवाही बहुत ही अधिक की गई है ।किंतु वास्तव में स्थिति पूर्णता भिन्न है ।लाखों लोग अत्यधिक बिगड़ी हुई आर्थिक तथा सामाजिक स्थिति के कारण जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं अब भी वंचित हैं ।सू संपन्न राज्य तथा उनके निवासी जो संयुक्त राष्ट्र के भीतर या बाहर मानव अधिकारों के लिए वकालत करते हैं ।उनकी ओर से इस बात की आवश्यकता है कि वे उन व्यक्तियों की स्थिति का अनुभव करें ।जो इन मूल आवश्यकताओं से वंचित है ।उनसे ए अनुभव करने की अपेक्षा की जाती है मानव जाति एक है ।और सभी मानव समान हैं ।और उन्हें कम से कम न्यूनतम अधिकार तथा स्वतंत्रता व्यावहारिक स्तर पर मिलना चाहिए। कार्यक्रम में विशेष रूप से संगठन के मोहम्मद खालिद, राजेश पांडे, जया फरमान, मोहम्मद अफजल, मोहम्मद इमरान, अनिल पांडे ,अनिल जायसवाल, अली मिर्जा, मोहित दुबे, शिवेश दुबे, अंजुम तारीक, मोहम्मद शाहिब हुसैन, मुरली गुप्ता, पिंटू कश्यप, सीटू चौधरी, राजेंद्र निषाद, मोहम्मद अरशद बीडी अंसारी मोहम्मद वसीम, डॉक्टर तबरेज, राजू शर्मा, संजय सिंह, सुशील अग्रहरि, सुनील श्रीवास्तव सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
शाह समाज महासम्मेलन के पदाधिकारीयों आज राजधानी लखनऊ में बैठक अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री से करेंगे मुलाकात संक्षेप: Lucknow News - लखनऊ में उत्तर प्रदेश शाह अल्वी समाज की आगामी महासम्मेलन की तैयारी में पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री से मुलाकात करने का निर्णय लिया और प्रशासन से सहयोग की मांग की। बैठक विक्रमादित्य मार्ग स्थित लखनऊ मंत्री दानिश आजाद जी के आवास पर हुई। इस दौरान पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश भाषा विभाग के पूर्व अध्यक्ष श्री तुरज जैदी से भी औपचारिक मुलाकात की इस संबंध में शाह समाज के पदाधिकारियों ने मंत्री दानिश आजाद अंसारी जी से मुलाकात करने की बात कही। राष्ट्रीय सह संयोजक जियारत अली शाह मलंग ने कहा कि हमारा मकसद है कि बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश के लोंगो को एक मंच पर लाया जाए बैठक में प्रदेश अध्यक्ष शोहरत अली शाह मलंग,राष्ट्रीय सह संयोजक जियारत अली शाह मलंग राष्ट्रीय संयोजक ताहिर शाह, मारूफ,दानिश आदि रहे।
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