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*राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास नाबार्ड के सहयोग से शरद मेला 2021 के दूसरे दिन राजकीय जुबली इंटरमीडिएट कॉलेज गोरखपुर के प्रांगण में बहुत बडी संख्या में आम जनमानस की भागीदारी रही*       *रिपोर्टर-बी.पी.मिश्र,गोरखपुर*                           गोरखपुर 18 दिसम्बर से 20 दिसम्बर तक आयोजित किया जा रहा है । 18 दिसंबर 2021  को मुख्य अतिथि मंडलायुक्त श्री रवि कुमार एनजी के द्वारा शरद मेला का विधिवत फीता काटकर उद्घाटन किया गया।इस शरद मेला मेंविभिन्नसमूह ग्रुपऔर सहकारीसमितियोंका उत्कृष्ट प्रदर्शन देखने को मिला। कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने बताया कि हम इन समूह ग्रुप को प्रोत्साहित करने के लिए इन लोगों को उचित प्लेटफार्म स्थापित कर रहे हैं। इन महिलाओं के द्वारा बनाए गए उत्पाद निश्चित रूप से उत्कृष्ट कोटि के हैं ।इन लोगों के द्वारा जो हमें प्रेरणा मिली उसको हम एक उचित आयाम देने का प्रयास करेंगे। आप लोगों के लिए बाजार व्यवस्था को सुदृढ़ करेंगे जहां बनाए गए उत्पादों का क्रय विक्रय किया जा सके ।जिससे उनको उचित पारिश्रमिक मिले और लोगों के लिए हम रोजगार सृजन करा सके नाबार्ड की वीडियो श्रीमती दीप्ति ने महिलाओं के द्वारा बनाए गए उत्पादों की कोटि कोटि प्रशंसा की आपने बताया कि वास्तव में इनके बनाए गए उत्पाद उच्चकोटि के हैं । इस अवसर पर
गीता समूह, मेरी आशा ग्रुप, समाधान वेल्फेयर फाउडेशन,जय मातासहायता समूह, संगीता प्रेरणाउत्पादक स्वयं सहायता समूह, रिया स्वयं सहायता समूह, शिव शक्ति सहायता समूह , गुलाब आजीविका स्वयं सहायता समूह ,दीक्षा प्रेरणा सहायता समूह ,पार्वती स्वयं सहायता समूह, सुई धागा स्वयं सहायता समूह,  गोरखनाथ फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, महाराजगंज सब्जी उत्पादक कंपनी लिमिटेड , जय मां काली सहायता समूह,प्रगति स्वयं सहायता समूह,सावित्रीबाई फुले सहायता समूह , आजीविका महिला स्वयं सहायता समूह, कृष्णा समूह, लक्ष्मी समूह जैसे अनेक स्वयंसेवी संस्थाओं के अध्यक्ष सदस्य पदाधिकारी उपस्थित थे।                 शरद मेला में आए हुए एक ऊर्जावान, युवा महिला लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत गीता समूह की अध्यक्ष श्रीमती दीपिका सिंह ने जो मुकाम हासिल किया। आपने छात्र जीवन से ही लोगों के लिए प्रेरणा एवं मार्गदर्शक बनी रहीं। उनके बनाए गए विभिन्न उत्पाद आयल पेंटिंग, क्लॉथ पेंटिंग,  हैंगिंग, क्राफ्ट से बनी वस्तुएं उच्चकोटी थी। उनके बनाए गए पोट्रेट सजीव लगते थे। ऐसा लगता था मानो पोट्रेट में जीवन का संचार कर दिया गया है ।निश्चित रूप से ही आपके सभी उत्पाद प्रशंसनीय थे।मेले में अनेक माताओं बहनों की सराहनीय भूमिका रही। लोगों ने क्रय विक्रय किया। इन महिलाओं के द्वारा बनाए गए उत्पादों को इन्होंने देखा। यहमहिलाएं किस प्रकार इन उत्पादों को बनाती हैं, और लोगों को रोजगार प्रदान करती हैं। जिससे महिलाएं और छात्राएं अपने पैरों पर खड़ी हो सके। हम लोग इन महिलाओं के जोश और जज्बे को हम पहचाने ।शासन प्रशासन की तरफ से इनको भरपूर सहयोग मिले । जिससे ये महिलाएं आत्मनिर्भर हो सकें और लोगों को रोजगार परक शैक्षिक वातावरण प्रदान कर सकें ।इसके लिए आयोजन समिति के अध्यक्ष, चाइल्डलाइन संस्था अनेक समाजसेवी संस्थाओं को हम दिल से हार्दिक बधाई देते हैं। जिन्होंने इतनी बड़ी संख्या में स्वयंसेवी संस्थाओं को एक मंच पर लाकर खड़ा किया। हम इनको दिल से बधाई देते हैं ।शरद मेला में नाबार्डके पदाधिकारी मुकुल जी, प्रसिद्ध चिकित्सक कश्यप जी, रमेशजी, क्रांतिसिंह, अखिलेश श्रीवस्तव, अतुल श्रीवास्तव, रामशरण मणि त्रिपाठी, सुमीत मिश्रा, अन्नु सिंह, अनिता मिश्रा, चाइल्ड लाइन के पधाधिकारी, सत्यप्रकाश जी, सुनील मणि त्रिपाठी मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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