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*सीआरसी गोरखपुर में आयोजित हुई एक दिवसीय अभिभावक संगोष्ठी।*             *रिपोर्टर-बी.पी.मिश्र,गोरखपुर*गोरखपुर 29 दिसंबर 2021 को सी.आर.सी. गोरखपुर में दिव्यांगता की पहचान और हस्तक्षेप संबंधी रणनीतियां विषय पर एक दिवसीय अभिभावक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में दिव्यांगजन और उनके अभिभावकों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि गोरखपुर विश्वविद्यालय की प्रोफेसर श्रीमती उषा सिंह रही। श्रीमती सिंह ने कहा कि हमें अपने दिव्यांग बच्चों के साथ में न थकना  है न हारना है, बल्कि सीखकर के अपना और उनका मनोबल बढ़ाना है। वक्ता के रूप में  श्रवण एवं वाणी विभाग के सहायक प्राध्यापक एवं सीआरसी-गोरखपुर के रेजिडेंट  कोऑर्डिनेटर श्री रवि कुमार ने दिव्यांगता की पहचान के अनेक पहलुओं का जिक्र किया। जिसमें जन्म के बाद बच्चे में होने वाली गतिविधियों के प्रभाव के अनुसार दिव्यांगता की पहचान शामिल है। दूसरे वक्ता  सीआरसी गोरखपुर के व्यवसायिक चिकित्सा विभाग के प्रवक्ता श्री अमित कुमार कच्छप ने दिव्यांगता पहचान की अलग-अलग रणनीतियों पर चर्चा की। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान के निदेशक डॉ हिमांग्शु दास के निर्देशन में संपन्न हुआ।कार्यक्रम का संचालन सी.आर.सी. गोरखपुर के विशेष शिक्षक  अरविंद कुमार पांडे ने किया तथाकार्यक्रम समन्वयक  रॉबिन ने सबके प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

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अलीराजपुर यूनिकेयर हॉस्पिटल यहां पर सभी प्रकार

अलीराजपुर यूनिकेयर हॉस्पिटल यहां  पर सभी प्रकार के चर्म रोग स्त्री रोग इलाज किया जाता है सभी को फायदा पहुंचता है दांत खाद खुजली मासा सभी प्रकार का इलाज किया जाता है आबिद हुसैन कुरेशी

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बामनपुरी रामलीला में धनुष यज्ञ लीला का हुआ मनमोहक मंचन , बरेली से जिला , संवाददाता अभिनय रस्तोगी की रिपोर्ट बरेली। बमनपुरी में चल रही 166 वीं श्री रामलीला के पाचवें दिन कलाकारों ने सीता स्वयंवर व धनुष यज्ञ की लीला का शानदार मंचन किया। सीता स्वयंवर में भगवान श्री राम ने शिव धनुष को उठाया तो पूरा पंडाल जय श्रीराम के जयकारे से गूंज उठा। रामलीला की शुरूआत में दिखाया गया कि जनकपुर में जनक जी अपनी पुत्री सीता के स्वयंवर के लिए देश देशांतर के राजाओं को बुलवाते हैं और शिव धनुष को उठाने व प्रत्यंचा चढ़ाने की शर्त रखते हैं, कोई भी राजा धनुष को हिला नहीं पाता है। राजा जनक के अभिनय ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इस दौरान रावण -बाणासुर के ओजस्वी संवादों को सुनकर श्रद्धालु रोमांचित हो उठे। अंततः रावण स्वयंवर सभा छोड़कर लंका वापस लौट जाता है उधर जब सारे राजा धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाना तो दूर, उसे तिल भर हिला तक नहीं पाते हैं तो यह देखकर राजा जनक अधीर हो उठते हैं और करुण विलाप करते हैं वो इस आशंका से भयभीत हो जाते हैं कि उनके इस कठिन प्रण के चलते सीता जी जीवन भर कुंवारी ना रह जाएं, वह हताशा...

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शाह समाज महासम्मेलन के पदाधिकारीयों आज राजधानी लखनऊ में बैठक अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री से करेंगे मुलाकात संक्षेप: Lucknow News - लखनऊ में उत्तर प्रदेश शाह अल्वी समाज की आगामी महासम्मेलन की तैयारी में पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री से मुलाकात करने का निर्णय लिया और प्रशासन से सहयोग की मांग की। बैठक विक्रमादित्य मार्ग स्थित लखनऊ मंत्री दानिश आजाद जी के आवास पर हुई। इस दौरान पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश भाषा विभाग के पूर्व अध्यक्ष श्री तुरज जैदी से भी औपचारिक मुलाकात की इस संबंध में शाह समाज के पदाधिकारियों ने मंत्री दानिश आजाद अंसारी जी से मुलाकात करने की बात कही। राष्ट्रीय सह संयोजक जियारत अली शाह मलंग ने कहा कि हमारा मकसद है कि बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश के लोंगो को एक मंच पर लाया जाए बैठक में प्रदेश अध्यक्ष शोहरत अली शाह मलंग,राष्ट्रीय सह संयोजक जियारत अली शाह मलंग राष्ट्रीय संयोजक ताहिर शाह, मारूफ,दानिश आदि रहे।