मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ जी के द्वारा मुख्यमंत्री बनते ही अखबारों और चैनलों की सुर्खियां बटोरने के लिए जो बयान दिया गया था पत्रकारों से अभद्र व्यवहार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा अभद्र व्यवहार करने वालों को ₹50000 का जुर्माना और 3 साल तक की कैद बताया गया था सिर्फ मुख्यमंत्री द्वारा बयान
जारी किया गया था इस बयान को पत्रकार हितों को गंभीरता से नहीं लिया गया जिससे प्रेस मीडिया पत्रकार कल्याण संघ के संस्थापक श्री रविंद्र सिंह पवैया जी द्वारा भोपाल प्रदेश कार्यालय पर मीटिंग कर संघ के प्रतिनिधि मंडल बनाकर जिम्मेदार मंत्रियों को ज्ञापन दिया जिसमें मुख्य रूप से मध्यप्रदेश के गृहमंत्री श्री बाला बच्चन जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा सामान्य प्रशासन मंत्री गोविंद सिंह पशुपालन मंत्री लाखन सिंह और मुख्यमंत्री के नाम पर पत्र दिया गया पत्र में कहा गया कि 1पत्रकार सुरक्षा कानून
2 पत्रकारों के हित में मुख्यमंत्री जी ने जो बयान दिया वह पूरा नहीं हुआ
3 पत्रकारों पर पुलिस विभाग द्वारा एफ आई आर दर्ज करने से पहले उच्च स्तरीय जांच की जाए।
जिसका आदेश तत्काल प्रभाव से समस्त जिले के पुलिस अधीक्षक के पास भेजा जाए मुख्यमंत्री जी वास्तव में ही पत्रकार हितेषी है तो जमीनी स्तर पर कार्य करें और पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करें 1 वर्ष के सैकड़ों पत्रकारों पर फर्जी f.i.r. और सैकड़ों जानलेवा हमले होते हैं इसमें मुख्य रूप से उपस्थित रहे रहे रविंद्र सिंह पवैया
संस्थापक दिनेश नागर प्रदेश संयोजक प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष राजू मेहरा राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मुरारी सिंह राजपूत प्रदेश सचिव अवतार सिंह राजपूत राष्ट्रीय प्रचारक पवन सिंह चौहान मुख्य रूप से मौजूद रहे।
जारी किया गया था इस बयान को पत्रकार हितों को गंभीरता से नहीं लिया गया जिससे प्रेस मीडिया पत्रकार कल्याण संघ के संस्थापक श्री रविंद्र सिंह पवैया जी द्वारा भोपाल प्रदेश कार्यालय पर मीटिंग कर संघ के प्रतिनिधि मंडल बनाकर जिम्मेदार मंत्रियों को ज्ञापन दिया जिसमें मुख्य रूप से मध्यप्रदेश के गृहमंत्री श्री बाला बच्चन जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा सामान्य प्रशासन मंत्री गोविंद सिंह पशुपालन मंत्री लाखन सिंह और मुख्यमंत्री के नाम पर पत्र दिया गया पत्र में कहा गया कि 1पत्रकार सुरक्षा कानून
2 पत्रकारों के हित में मुख्यमंत्री जी ने जो बयान दिया वह पूरा नहीं हुआ
3 पत्रकारों पर पुलिस विभाग द्वारा एफ आई आर दर्ज करने से पहले उच्च स्तरीय जांच की जाए।
जिसका आदेश तत्काल प्रभाव से समस्त जिले के पुलिस अधीक्षक के पास भेजा जाए मुख्यमंत्री जी वास्तव में ही पत्रकार हितेषी है तो जमीनी स्तर पर कार्य करें और पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करें 1 वर्ष के सैकड़ों पत्रकारों पर फर्जी f.i.r. और सैकड़ों जानलेवा हमले होते हैं इसमें मुख्य रूप से उपस्थित रहे रहे रविंद्र सिंह पवैया

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