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*रक्षाबंधन आज,बहनें भाई कि कलाई पर बाधेंगी राखियां*

*रिपोर्टर-बी.पी.मिश्र,गोरखपुर*
गोरखपुर  भारतीय विद्वत् महासंघ के महामंत्री तथा युवा जनकल्याण समिति के संस्थापक व संरक्षक पं.बृजेश पाण्डेज्योतिषाचार्य ने बताया आज 22 अगस्त दिन रविवार को भाई बहन के प्रेम का प्रतीक। रक्षाबंधन,श्रावणी उपाकर्म व संस्कृत दिवस हर्षोल्लास केे साथ मनाया जायेगा.
भाई-बहन का यह त्योहार हर साल सावन मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। आज बहनें भाइयों के हाथों पर रक्षा सूत्र यानी राखी बांधती हैं और भाई अपनी बहनों को हमेशा रक्षा और साथ देने का वचन देते हैं और एक उपहार भी देते हैं।
शास्त्रों के अनुसार, पूर्णिमा का संबंध माता लक्ष्मी से है,अगर इस दिन कुछ उपाय करेंगे तो रक्षा बंधन का यह पर्व सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती है,साथ ही माता लक्ष्मी का भी आशीर्वाद मिलता है,कई क्षेत्रों में तो रक्षाबंधन के दिन ग्रह दोष संबंधी निवारण भी किए जाते हैं। इस वर्ष रक्षा बंधन के त्योहार पर शोभन योग बन रहा है राखी बांधने के लिए 12 घंटे का मुहूर्त है.
इस तिथि पर भद्राकाल और राहुकाल का विशेष ध्यान रखा जाता है। भद्राकाल और राहुकाल में राखी नहीं बांधी जाती है क्योंकि इन काल में शुभ कार्य वर्जित है। इस साल भद्रा का साया राखी पर नहीं है.
आज 22 अगस्त को सारे दिन राखी बंधेगी.आज शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 50 मिनट से शाम 6 बजकर 3 मिनट तक रक्षाबंधन के लिए कुल 12 घंटे 12मिनट तक का समय मिल रहा है। भद्राकाल राखी के अगले दिन यानी 23 अगस्त को सुबह 5 बजकर 34 मिनट से 6 बजकर 12 मिनट तक रहेगी।
 पूजा में इस दिन भाई को पूर्व मुख करके बैठाएं तथा खुद पश्चिम की ओर मुख कर, जल शुद्धि करके भाई को रोली और अक्षत का तिलक लगा कर इस मंत्र का उच्चारण करते हुए रक्षासूत्र बांधें -
येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबल: ।
तेन त्वां प्रतिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल:।।

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