*बच्चों के अति चंचल समस्यात्मक व्यवहार को कम करने के लिए उपयोग करें क्रेनियोसैक्राल थेरेपी-डॉ नरकेश*
*सब एडिटर चीफ-बीपीमिश्र*
गोरखपुर । डॉ नरकेश अरुमंगम प्रोफेसर पंजाब यूनिवर्सिटी पटियाला ने सीआरसी द्वारा विकासात्मक दिव्यांगता वाले बच्चों के बचपन में खेल के महत्व विषय पर आयोजित दो दिवसीय ऑनलाइन सीआरई कार्यक्रम के समापन के दौरान कहीं। प्रोफेसर अरुमंगम कार्यक्रम को बतौर वक्ता संबोधित कर रहे थे। प्रोफ़ेसर ने कहा कि आज बहुत सारे बच्चे नींद की समस्या, हाइपरएक्टिव व्यवहार की समस्या से ग्रसित है। उनकी इस समस्या को कम करने के लिए क्रेनियोसैक्राल थेरेपी का उपयोग किया जा सकता है। जिसमें विशेष रुप से मशीनों के माध्यम से मस्तिष्क को उद्दीप्त किया जाता है तथा दिमाग के अंदर स्थित तरल को संतुलित किया जाता है। जिससे बच्चों की समस्या कम हो जाती है। इसके अलावा कार्यक्रम को अन्य वक्तागण डॉ जगरुप गवनमेंट मेडिकल कॉलेज अमृतसर, पटियाला, पंजाब, सीआरसी गोरखपुर के विशेष शिक्षक श्री अरविंद कुमार पांडे ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन सीआरसी गोरखपुर के प्रवक्ता श्री विजय कुमार गुप्ता ने किया। सीआरसी गोरखपुर के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर श्री नीरज मधुकर ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया।ऑनलाइन माध्यम से इस कार्यक्रम में 100 लोगों ने प्रतिभाग किया।
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