*संस्कारयुक्त समाज का निर्माण शिक्षा का हो उद्देश्य - लालबिहारी द्विवेदी*
गोरखपुर बड़हलगंज शिक्षा वह अमूल्य निधि है। जिसे दान करना व ग्रहण करना हर काल खंड में श्रेयष्कर रहा है। संस्कारयुक्त समाज के लिए उत्कृष्ट शिक्षण पद्धति का पालन आवश्यक है।
यह बातें पार्वती पीजी कालेज के संस्थापक लालबिहारी द्विवेदी ने कही। गुरूवार को महाविद्यालय परिसर में इंटरमीडिएट के छात्राओं द्वारा आयोजित विदाई समारोह में छात्रों को संबोधित कर रहे थे। कहा कि विद्यालय वह स्थान होता है, जहां प्रतिभाएं निखरती हैं। रंजना द्विवेदी ने कहा कि शिक्षा के द्वारा मनुष्य का सर्वांगीण विकास होता है। आप सभी शिक्षक बनकर शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र व समाज को सशक्त बनाने में सहयोग करें। शिक्षा के द्वारा ही मानव मस्तिष्क का सही उपयोग किया जा सकता है।इसके पहले संस्थापक लालबिहारी द्विवेदी के द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का आरंभ किया गया।इसके बाद छात्राओं ने सरस्वती वंदना, तेरी मिट्टी में मिल जांवा पर नृत्य कर सबको झूमने पर मजबूर कर दिया। मधुबन में जो कन्हैया, मीठी मीठी बतिया, उसके बाद शहीदों की याद में वेवसी गीत चिठ्ठी ना कोई संदेश कहां तुम चले गये पुरे माहौल को शांत कर दिया। डा. सुनील त्रिपाठी, अनुपम गुप्ता, प्रीति रावत, प्रीति शाही, उषा तिवारी, रोबिन, जूही, प्रेमलता, संतोष, मंगल पांडेय, राजेश कुमार यादव, श्रेयांशी, निर्जला, अंकिता, प्रीति, स्नेहा, महक आदि मौजूद रहे।
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