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*विकासात्मक दिव्यांगता वाले बच्चों के बचपन में खेल की भूमिका पर सीआरसी गोरखपुर में दो दिवसीय सीआरई कार्यक्रम शुरुआत।*

*सब एडिटर चीफ-बी.पी.मिश्र*
गोरखपुर06फरवरी 2023 सीआरसी गोरखपुर में विकासात्मक दिव्यांगता वाले बच्चों के बचपन में खेल के महत्व पर दो दिवसीय ऑनलाइन सीआरई कार्यक्रम की शुरुआत हुई। कार्यक्रम को देशभगत विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर श्रीमती सिमरनजीत कौर, सीआरसी गोरखपुर के संजय प्रताप सिंह, एपेक्स कॉलेज आफ फिजियोथैरेपी वाराणसी के डॉ जयश्री और सीआरसी गोरखपुर के श्री अमित कुमार कच्छप ने संबोधित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्तागण ने कहा किविकासात्मक दिव्यांगता वाले बच्चों के बचपन के विकास में खेलों का बहुत ज्यादा महत्व है। खेलों के माध्यम से उनके संवेदी करण, सामाजिक तथा भावनात्मक कौशल एवं गामक कौशल को बढ़ाया जा सकता है। साथ ही साथ उनके संज्ञानात्मक विकास में भी मदद मिलती है। इसलिए बच्चों को नियंत्रित स्वतंत्रता के साथ स्वाभाविक रूप में खेलने देना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन सीआरसी गोरखपुर के प्रवक्ता  विजय कुमार गुप्ता ने किया। सीआरसी गोरखपुर के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर  नीरज मधुकर ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान के निदेशक इंजीनियर मनीष कुमार वर्मा एवं सीआरसी गोरखपुर के कार्यवाहक निदेशक  सुनील कुमार सिरपुरकर ने अपनी शुभकामनाएं प्रदान की। ऑनलाइन माध्यम से इस कार्यक्रम में 100 लोगों ने प्रतिभाग किया।

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