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*जन्मजात कमर के ऊपरी हिस्से की शारीरिक विकृति के प्रबंधन हेतु सीआरसी गोरखपुर ने ऑनलाइन माध्यम से ई-परामर्श श्रृंखला 140 का आयोजन किया*                                  *रिपोर्टर-बी.पी.मिश्र,गोरखपुर*
 गोरखपुर 29 सितंबर 2021 को सीआरसी गोरखपुर ने  वेबीनार की ई-परामर्श श्रंखला 140 का आयोजन किया। इस अवसर पर आज के की नोट स्पीकर  ऑल इंडिया  इंस्टिट्यूट ऑफ फिजिकल मेडिकल रिहैबिलिटेशन, मुंबई के डॉ ए जी एंडालकर, विभागाध्यक्ष पी एंड ओ विभाग ने व्यक्ति में जन्मजात कमर से ऊपर की किसी भी प्रकार की विकृति के प्रबंधन के ऊपर अपना प्रेजेंटेशन दिया। डॉ एंडालकर ने कहा कि इस प्रकार की विकृति में कमर की बेल्ट बहुत ही सहायक होती है, यहां तक कि ब्रेसेज के प्रयोग से मरीज काफी हद तक ठीक भी हो जाते हैं। लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल नई दिल्ली के डॉ तरुण सूरी ने भी की कमर के ऊपर के हिस्से में किसी भी प्रकार के विकृति को सुधार करने के लिए मधुमेह के रोगियों को सलाह दिया कि वे भी भी रात में कमर के बेल्ट प्रयोग कर सकते हैं तथा अपनी समस्या का निदान कर सकते हैं। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान के निदेशक डॉ हिमांग्शु दास के निर्देशन में संपन्न हुआ। सीआरसी गोरखपुर के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर श्री रवि कुमार कार्यक्रम के प्रति अपनी शुभकामना व्यक्त की। कार्यक्रम समन्वयक श्री अभिमन्यु मल्होत्रा पी एंड ओ, सीआरसी गोरखपुर ने कार्यक्रम का संचालन किया तथा विशेष शिक्षक श्री अरविंद कुमार पांडे ने सबके प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। इस कार्यक्रम में ऑनलाइन माध्यम से लगभग 100 लोगों ने प्रतिभाग किया।

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