*भागीरथी सांस्कृतिक मंच की 749 वी काव्य गोष्ठी होली मिलन समारोह हुवा सम्पन्न*
*वरिष्ठ संवाददाता-बीपीमिश्र*
गोरखपुर।भागीरथी सांस्कृतिक मंच की 749 वी काव्य गोष्ठी होली मिलन समारोह के रुप में अरविन्द शर्मा , पूर्वआई.जी.स्टैम्प बलरामपुर के 10 नंबर बोरिंग, गोरखनाथ ,गोरखपुर स्थित आवास पर जोशो खरोश के साथ मनाई गई।इस कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि श्री चंद्रगुप्त प्रसाद वर्मा अकिँचन जी ने व संचालन सत्य नारायण 'पथिक' ने किया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ भाई प्रेमनाथ मिश्र की वाणी वंदना से हुआ।युवा कवि कुंदन वर्मा पूरब ने होली को अपने गीतों में कुछ इस तरह पिरोया -सतरंगी रंगों से हर रंग सजाने आया हूं ,जीवन में खुशियां हो सबके ये दुआ लाया हूं।वरिष्ठ कवि राम सुधार सिंह सैथवार ने होली मिलन को कुछ इस तरह से परिभाषित किया -मन के भीतर से उठल प्यार हवे होली मिलन ,भाई-चारा क जुड़ल तार हवे होली मिलन।वरिष्ठ कवि सत्य नारायण 'पथिक' ने प्रिय को रंग लगाने की बात कुछ यूं की -बनूं आज मैं श्याम , तुझे राधा बना दूं ,कहो तो रंग लगा दूं , कहो तो रंग लगा दूं।अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ कवि चंद्रगुप्त प्रसाद वर्मा अकिंचन ने प्रकृति भी होली मनाती है।उसको अपने शब्दों में कुछ यूं बयां किया -केसरिया रंगों की ये छिटकन अमराई गुंजित पिंक का पंचम ।
खेतों में पसरे बसंती आभा, है फहरा रहा ये किसका परचम।
अन्य जिन कवियों ने काव्य पाठ चाहिए उनके नाम है-बद्री प्रसाद विश्वकर्मा, दानिका प्रसाद विश्वकर्मा अजय यादव, प्रेमनाथ मिश्र व अरूण ब्रम्हचारी आदि।
श्रोताओं में उपस्थित रहे - ओमनारायण विश्वकर्मा, पूर्व संयुक्त निदेशक अभियोजन एवं मुकुन्द शरण त्रिपाठी , पूर्व विभागाध्यक्ष मध्यकालीन इतिहास, गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर एवं डा. अमिताभ शर्मा तथा अमरनाथ ओझा, शिवकुमार तिवारी , अरविंद शर्मा आदि उपस्थित रहे।अंत में सभी के प्रति आभार व्यक्त किया श्री अरविंद शर्मा जी ने।
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