पैदल चलकर अपने घर पहुचेंगे छ: मजदूर 14 दिनों में मनासा तक सफर तय किया
मनासा(रिपोर्टर-राकेश शर्मा)-हे ईश्वर,ऐसा किसी और दूसरे के साथ न हो अब। हालात विपरीत हैं और इंसानों में घबराहट बहुत ज्यादा विश्व मे कोरोना वाइरस जैसी महामारी में सभी जिलों में लॉक डाउन के चलते कई लोग बाहरी क्षेत्रों में अभी भी फसे हुए है ,जो लोग बाहर जाकर कम्पनियों में काम कर रहे थे उन्हें कम्पनियों से निकाल दिया गया जिसके चलते कई दिनों तक वहां रूम में रहकर भूखे मरने की नौबत आने लगी थी जिसके चलते पुणे से छः युवक पैदल चलकर सवाई माधोपुर जिले में करोली गांव के लिए पैदल निकले थे जिन्होंने 834 किलोमीटर पैदल चलकर 14 दिन में सफर तय करते हुए मनासा तक पहुंचे राजेन्द्र माली,श्रीफुुल माली,बलवीर माली,लखन माली,अनिरूपा माली,दिनेश माली ने बताया के दो दिन तक पैदल चलने के बाद जगह जगह चेक पोस्ट पर पुलिस ने खाना खिलाया व जगह जगह इनकी स्केनिंग की गई, लंबा सफर पैदल चलकर आए युवकों को जगह जगह पुलिस व लोगो ने खाना बिस्किट व कुछ पैसे भी दिए पैदल चल रहे युवको को देख सेवाभावी लोगो ने खाना भी खिलाया व पेसो की भी मदद की ,फिलहाल मनासा से कारोली तक तीन सौ किलोमीटर तक का सफर करीब इन युवकों को पैदल ही तय करना पड़ेगा अभी तक किसी भी प्रशासन ने घर पहुंचने की सुविधा इनको नहीं दी।
मनासा(रिपोर्टर-राकेश शर्मा)-हे ईश्वर,ऐसा किसी और दूसरे के साथ न हो अब। हालात विपरीत हैं और इंसानों में घबराहट बहुत ज्यादा विश्व मे कोरोना वाइरस जैसी महामारी में सभी जिलों में लॉक डाउन के चलते कई लोग बाहरी क्षेत्रों में अभी भी फसे हुए है ,जो लोग बाहर जाकर कम्पनियों में काम कर रहे थे उन्हें कम्पनियों से निकाल दिया गया जिसके चलते कई दिनों तक वहां रूम में रहकर भूखे मरने की नौबत आने लगी थी जिसके चलते पुणे से छः युवक पैदल चलकर सवाई माधोपुर जिले में करोली गांव के लिए पैदल निकले थे जिन्होंने 834 किलोमीटर पैदल चलकर 14 दिन में सफर तय करते हुए मनासा तक पहुंचे राजेन्द्र माली,श्रीफुुल माली,बलवीर माली,लखन माली,अनिरूपा माली,दिनेश माली ने बताया के दो दिन तक पैदल चलने के बाद जगह जगह चेक पोस्ट पर पुलिस ने खाना खिलाया व जगह जगह इनकी स्केनिंग की गई, लंबा सफर पैदल चलकर आए युवकों को जगह जगह पुलिस व लोगो ने खाना बिस्किट व कुछ पैसे भी दिए पैदल चल रहे युवको को देख सेवाभावी लोगो ने खाना भी खिलाया व पेसो की भी मदद की ,फिलहाल मनासा से कारोली तक तीन सौ किलोमीटर तक का सफर करीब इन युवकों को पैदल ही तय करना पड़ेगा अभी तक किसी भी प्रशासन ने घर पहुंचने की सुविधा इनको नहीं दी।

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