बिग ब्रेकिंग प्रतापगढ़
■आखिर ! कहां गए जिले के समाजसेवी एवं शासन के जिम्मेदार■
मामला मंगरौरा ब्लॉक के लाखीपुर बोझवा गांव का
कैंसर पीड़ित परिवार भुखमरी की कगार पर नहीं पसीजा अब तक शासन प्रशासन का कलेजा
■असहाय परिवार ग्राम प्रधान व कोटेदार से रोया दुखड़ा नहीं पसीजा किसी का दिल■
■मानवता को शर्मसार करता ग्राम प्रधान लाखी पुर बोझवा व कोटेदार का क्रियाकलाप■
प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगरौरा ब्लाक के लाखी पुर बोझवा गांव थाना कोहडौर के कैंसर पीड़ित गया प्रसाद विश्वकर्मा चारपाई पर पड़े जीवन की आखिरी सांस का इंतजार कर रहे घर में लगभग दर्जनभर परिवार छोटे बच्चे व महिलाएं हैं गया प्रसाद की पत्नी गेना देवी का कहना है कि लगभग साल भर से सरकार द्वारा दिया जा रहा खाद्यान्न कोटेदार नहीं दे रहा घर में कोई कमाने वाला नहीं है न हीं मेरे पास जमीन ही है कि उसी से परिवार का गुजारा हो सके लाक डाउन होने के कारण कहीं मजदूरी भी घर के कोई सदस्य नहीं कर पा रहे घर में खाने की भारी किल्लत है किसी तरह एक टाइम भोजन बनता है प्रधान व कोटेदार से कई बार जाकर अपनी माली हालत का दुखड़ा रोई परंतु वह लोग कहते हैं कि तुम्हें राशन नहीं मिलेगा तुम्हारे पास राशन कार्ड नहीं है जबकि गेना देवी की माने तो उनका कहना है कि मैं दो बार राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन प्रार्थना पत्र दी परंतु राशन कार्ड जिम्मेदार लोग नहीं बनाए जहां यह पीड़ित परिवार भुखमरी के संकट से बुरी तरह जूझ रहा वही पैसे के अभाव में कैंसर पीड़ित गया प्रसाद का दवा इलाज पूरी तरह बंद हो गया है बड़ा सवाल शासन प्रशासन बड़े-बड़े दावा करता है लेकिन यहां जमीनी हकीकत कुछ और देखने को मिल रहा जो प्रशासन के जिम्मेदारों पर सवालिया निशान लगा रहा प्रशासन के बड़े-बड़े दावो की पोल खुलता नजर आ रहा है। वहीं पड़ोस की मुन्नी देवी का कहना है कि उसके पास 6 यूनिट का कार्ड है परंतु कोटेदार दो यूनिट का राशन मात्र 10 किलो चावल दिया शेष चार यूनिट का राशन मांगने पर भला बुरा कहते हुए डांट कर भगा दिया।
*धमेंद्र दुबे की रिपोर्टdlight newsसे
कैंसर पीड़ित परिवार का मोबाइल नंबर
9918283058
■आखिर ! कहां गए जिले के समाजसेवी एवं शासन के जिम्मेदार■
मामला मंगरौरा ब्लॉक के लाखीपुर बोझवा गांव का
कैंसर पीड़ित परिवार भुखमरी की कगार पर नहीं पसीजा अब तक शासन प्रशासन का कलेजा
■असहाय परिवार ग्राम प्रधान व कोटेदार से रोया दुखड़ा नहीं पसीजा किसी का दिल■
■मानवता को शर्मसार करता ग्राम प्रधान लाखी पुर बोझवा व कोटेदार का क्रियाकलाप■
प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगरौरा ब्लाक के लाखी पुर बोझवा गांव थाना कोहडौर के कैंसर पीड़ित गया प्रसाद विश्वकर्मा चारपाई पर पड़े जीवन की आखिरी सांस का इंतजार कर रहे घर में लगभग दर्जनभर परिवार छोटे बच्चे व महिलाएं हैं गया प्रसाद की पत्नी गेना देवी का कहना है कि लगभग साल भर से सरकार द्वारा दिया जा रहा खाद्यान्न कोटेदार नहीं दे रहा घर में कोई कमाने वाला नहीं है न हीं मेरे पास जमीन ही है कि उसी से परिवार का गुजारा हो सके लाक डाउन होने के कारण कहीं मजदूरी भी घर के कोई सदस्य नहीं कर पा रहे घर में खाने की भारी किल्लत है किसी तरह एक टाइम भोजन बनता है प्रधान व कोटेदार से कई बार जाकर अपनी माली हालत का दुखड़ा रोई परंतु वह लोग कहते हैं कि तुम्हें राशन नहीं मिलेगा तुम्हारे पास राशन कार्ड नहीं है जबकि गेना देवी की माने तो उनका कहना है कि मैं दो बार राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन प्रार्थना पत्र दी परंतु राशन कार्ड जिम्मेदार लोग नहीं बनाए जहां यह पीड़ित परिवार भुखमरी के संकट से बुरी तरह जूझ रहा वही पैसे के अभाव में कैंसर पीड़ित गया प्रसाद का दवा इलाज पूरी तरह बंद हो गया है बड़ा सवाल शासन प्रशासन बड़े-बड़े दावा करता है लेकिन यहां जमीनी हकीकत कुछ और देखने को मिल रहा जो प्रशासन के जिम्मेदारों पर सवालिया निशान लगा रहा प्रशासन के बड़े-बड़े दावो की पोल खुलता नजर आ रहा है। वहीं पड़ोस की मुन्नी देवी का कहना है कि उसके पास 6 यूनिट का कार्ड है परंतु कोटेदार दो यूनिट का राशन मात्र 10 किलो चावल दिया शेष चार यूनिट का राशन मांगने पर भला बुरा कहते हुए डांट कर भगा दिया।
*धमेंद्र दुबे की रिपोर्टdlight newsसे
कैंसर पीड़ित परिवार का मोबाइल नंबर
9918283058

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