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गोरखपु(यूएसएन):- छात्र या छात्राएं दिन रात मेहनत करके परीक्षा देते है और पंडित दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में अपना नाम दर्ज कराना चाहते है लेकिन उसका क्या फायदा जब पास होने के बाद भी साक्षात्कार के समय नाम ही गायब कर दिया जाता है।  आपको बता दे कि मामला पंडित दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय का है। जहा पर शोध पात्रता परीक्षा (रेट) का साक्षात्कार पिछले सोमवार से शुरू हो गया है। साक्षात्कार के लिए पास हुए अभ्यर्थियों की सूची में भी झोलझाल हो गया है।कृषि में रेट की परीक्षा पास करने वाले दो अभ्यर्थियों ने साक्षात्कार के लिए पात्रता सूची में नाम न होने का आरोप लगाया है। पास हुए दोनों अभ्यर्थी ने कृषि समन्यवक को प्रार्थना पत्र देकर जाच के लिए मांग किया है।आपको बता दे कि जिले के सहजनवां तहसील क्षेत्र केकररिया निवासी  स्वपनिल श्रीवास्तव ने कृषि समन्यवक को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उन्होंने कृषि प्रसार विषय से बीते 10  जनवरी  को  विश्व विद्यालय  परिसर के कंप्यूटर साइन्स विभाग  में उपस्थित होकर परीक्षा में भाग लिया था। 23 जनवरी को विश्वविद्यालय को वेबसाइट पर शोध परीक्षा का परिणाम में उत्तीर्ण रहा। मेरे साथ ही मऊ के अरविंद सिंह भी पास हुए थे दोनों का अंतिम चरण में साक्षात्कार होना था बीते 14 फरवरी जब विश्वविद्यालय द्वारा साक्षात्कार के लिए वेबसाइट पर सूची अपलोड हुई तो दोनों के नाम गायब था। जिस पर पीड़ित ने प्रार्थनापत्र देकर जाच की मांग किया है। फ़िलहाल समाचार लिखे जाने तक  विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कोई भी कार्यवाही नही की गई है। रिपोर्ट रबिंद्र निषाद।

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बामनपुरी रामलीला में धनुष यज्ञ लीला का हुआ मनमोहक मंचन , बरेली से जिला , संवाददाता अभिनय रस्तोगी की रिपोर्ट बरेली। बमनपुरी में चल रही 166 वीं श्री रामलीला के पाचवें दिन कलाकारों ने सीता स्वयंवर व धनुष यज्ञ की लीला का शानदार मंचन किया। सीता स्वयंवर में भगवान श्री राम ने शिव धनुष को उठाया तो पूरा पंडाल जय श्रीराम के जयकारे से गूंज उठा। रामलीला की शुरूआत में दिखाया गया कि जनकपुर में जनक जी अपनी पुत्री सीता के स्वयंवर के लिए देश देशांतर के राजाओं को बुलवाते हैं और शिव धनुष को उठाने व प्रत्यंचा चढ़ाने की शर्त रखते हैं, कोई भी राजा धनुष को हिला नहीं पाता है। राजा जनक के अभिनय ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इस दौरान रावण -बाणासुर के ओजस्वी संवादों को सुनकर श्रद्धालु रोमांचित हो उठे। अंततः रावण स्वयंवर सभा छोड़कर लंका वापस लौट जाता है उधर जब सारे राजा धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाना तो दूर, उसे तिल भर हिला तक नहीं पाते हैं तो यह देखकर राजा जनक अधीर हो उठते हैं और करुण विलाप करते हैं वो इस आशंका से भयभीत हो जाते हैं कि उनके इस कठिन प्रण के चलते सीता जी जीवन भर कुंवारी ना रह जाएं, वह हताशा...

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शाह समाज महासम्मेलन के पदाधिकारीयों आज राजधानी लखनऊ में बैठक अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री से करेंगे मुलाकात संक्षेप: Lucknow News - लखनऊ में उत्तर प्रदेश शाह अल्वी समाज की आगामी महासम्मेलन की तैयारी में पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री से मुलाकात करने का निर्णय लिया और प्रशासन से सहयोग की मांग की। बैठक विक्रमादित्य मार्ग स्थित लखनऊ मंत्री दानिश आजाद जी के आवास पर हुई। इस दौरान पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश भाषा विभाग के पूर्व अध्यक्ष श्री तुरज जैदी से भी औपचारिक मुलाकात की इस संबंध में शाह समाज के पदाधिकारियों ने मंत्री दानिश आजाद अंसारी जी से मुलाकात करने की बात कही। राष्ट्रीय सह संयोजक जियारत अली शाह मलंग ने कहा कि हमारा मकसद है कि बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश के लोंगो को एक मंच पर लाया जाए बैठक में प्रदेश अध्यक्ष शोहरत अली शाह मलंग,राष्ट्रीय सह संयोजक जियारत अली शाह मलंग राष्ट्रीय संयोजक ताहिर शाह, मारूफ,दानिश आदि रहे।