*मानवाधिकार संगठन ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से किया प्रेषित।*
*ब्यूरो चीफ*
गोरखपुर ।ऑल इंडिया ह्यूमन राइट्स आर्गनाइजेशन ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दूबे एवं बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार के संरक्षण में सरकारी डॉक्टरों द्वारा निजी अस्पतालों एवं प्राइवेट प्रैक्टिस किए जाने तथा गोरखपुर शहर में संचालित सैकड़ों पैथलौजी में विभिन्न प्रकार की जांच की रेट लिस्ट न लगाने तथा नगर निगम गोरखपुर में विगत कई वर्षों से लोकहितों की उपेक्षा कर अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा आर्थिक अपराध के माध्यम से करोड़ों रुपए के बंदरबाट किए जाने तथा अन्य समस्याओं से संबंधित सात सूत्रीय मांगो को लेकर ज्ञापन माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ के समक्ष जिलाधिकारी गोरखपुर के द्वारा प्रेषित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए संगठन के मंडल अध्यक्ष मोहम्मद खालिद ने कहा की माननीय मुख्यमंत्री महोदय के गृह जनपद गोरखपुर में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी के संरक्षण में शासन के मंशा के विपरित सीनियर डॉक्टरों द्वारा धडल्ले से प्राइवेट प्रैक्टिस एवं निजी अस्पतालों में प्रैक्टिस का खेल विगत कई वर्षों से चला आ रहा है परंतु जिला प्रशासन इस संबंध में अपना ध्यान आकृष्ट नही कर रही है जबकि आए दिन समाचार पत्रों में सरकारी डॉक्टरों के करतूतों का प्रकाशन होता रहा है समाचार पत्रों के आधार पर हमारे संगठन के संस्थापक / महासचिव श्री पन्ने लाल यादव द्वारा कुछ डॉक्टरों को चिन्हित किया गया है जो मेडिकल कॉलेज के सरकारी सीनियर डॉक्टर है परंतु अपना प्राइवेट प्रैक्टिस कर लाखो रुपए अवैधानिक तरीके पैसा कमाने के कार्य में संलिप्त है।जो निम्न इस प्रकार है
डॉक्टर आशुतोष राय ,
डॉक्टर सुधीर गुप्ता,डॉक्टर अशोक कुमार यादव,डॉक्टर रंजीत कुमार, डॉक्टर श्रीमती नीलम राय, डॉक्टर श्रीमती गीता सिंह, डॉक्टर पी एन सिंह
डॉक्टर अवनीश मिश्रा,
डॉक्टर अशोक कुमार यादव, डॉक्टर आर एन यादव, डॉक्टर महीम मित्तल, डॉक्टर नीरज चौधरी, उपरोक्त चिन्हित डॉक्टरों के विरुद्ध शासन द्वारा जांच कराकर डॉक्टरों के विरुद्ध दंडात्मक एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित किया जाए ताकि भविष्य में उपरोक्त कृत्यो की पुनरावृत्ति न हो सके।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संगठन के जिला अध्यक्ष शिवेश चतुर्वेदी ने कहा कि नगर निगम गोरखपुर विगत कई वर्षों से लोक हितों की उपेक्षा कर अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा आर्थिक अपराध के माध्यम से करोड़ों रुपए का बंदरबांट करते हुए अपने मूलभूत दायित्यो से विमुख हो चुका है। जिसके कारण नगर के नागरिक अपने मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। उक्त कृत्य के लिए नगर के नागरिक किसी भी कीमत पर माफ नहीं करेंगे ।आज महानगर की सड़को पर वेखौफ घूम रहे छुट्टा पशुओं द्वारा आए दिन नागरिकों के घायल होने के उपरांत अस्वाभाविक मौत हो रही है। महानगर का ऐसा कोई सड़क या गली नही है ।जहा पर छुट्टा पशु दिखाई न देते हो। आज आम नागरिक दहशत भरी जीवन लेकर सड़कों पर चलने को मजबूर है कि कब कोई छुट्टा पशु उन्हें घायल कर दे और उनकी जान पर बन आए। , जबकि नगर निगम खोखली दावा करती है कि छुट्टा पशुओं को पकड़ कर काज़ी हाउस में डाला जा रहा है । जिसे जनसामान्य भली भांति समझ रहा है परंतु नगर निगम द्वारा छुट्टा पशुओं को पकड़ने की अब तक कोई ठोस उपाय नही किए गए तथा शासन द्वारा पशुओं को पकड़ने के लिए स्वीकृत धन राशि अधिकारियो एवं कर्मचारियों के बंदरबाट में समाप्त हो जा रही है।
महानगर अध्यक्ष इमरान खान ने कहा कि प्लास्टिक के थैले पर प्रतिबंध लगाने के बावजूद भी महानगर के सभी दुकानों पर दुकानदारों द्वारा खुलेआम प्लास्टिक के थैले का उपयोग करते हुए कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही है जिससे यह साफ जाहिर होता है कि कही न कही नगर निगम प्रशासन एवं जिला प्रशासन इस गैर कानूनी कार्य में लिप्त है। उन्होंने आगे कहा कि शहर में संचालित हो रहे सैकड़ों पैथालॉजी सेंट्रो में किसी भी जांच का रेट लिस्ट नही लगाने के कारण जन सामान्य से मनमानी पैसा लिया जाता है जिनके विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित किए जाए तथा जांच रेट लिस्ट लगाए जाना सुनिश्चित किए जाए।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से संगठन के जिला विधिक सलाहकार कमल कुमार श्रीवास्तव , जिला उपाध्यक्ष अभिनंदन सिंह , जिला संयोजक दिग्विजय नाथ मिश्रा , सह संयोजक संतोष कुमार सिंह , जिला मंत्री सूरज शर्मा , मीडिया प्रभारी शिवम शर्मा , कोषाध्यक्ष संतोष मल्ल, महानगर उपाध्यक्ष मोहित दूबे , महानगर सचिव परितोष कुमार बांगर एवं अशफाक अहमद , राजेश्वर शर्मा , अनिल पांडेय आदि सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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