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गणेश उत्सव की तैयारियां जोर शोर से चल रही है. आज ही के दिन भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि में गणेश जी का जन्म हुआ था. हालांकि यह तिथि अगले दिन यानी 19 सितंबर तक रहेगी.
कल ही से गणेश उत्सव शुरू होगा. गणेश चतुर्थी पर व्रत भी रखा जाएगा. इस दिन गणपति बप्पा के भक्त उन्हें अपने घर में लेकर आएंगे. गणपतिजी की मूर्ति को बड़े विधि विधान से घर में विराजमान किया जाएगा. अगले दस दिनों तक बप्पा की पूजा अर्चना के साथ ही उनकी मनपसंद के भोग लगाएं जाएंगे.

अगर आप भी बप्पा को घर ला रहे हैं तो ज्योतिष के अनुसार कुछ बातों को ध्यान रखना बेहद जरूरी है. इनमें भगवान को घर लाने से लेकर उनकी पूजा अर्चना के विषय में बताया गया है. इनमें एक भी गलती होने पर भगवान के आशीर्वाद से वंचित रह सकते हैं. यह भगवान की नाराजगी की वजह बनते हैं. इसे बचने के लिए जानते हैं, गणेश जी को घर पर विराजमान करते समय किन बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.

गणेशजी को घर में विराजमान करते समय रखें इन बातों का ध्यान
-गणेश चतुर्थी यानी उनके जन्म के दिन नई मूर्ति लाकर ही स्थापित करनी चाहिए. मूर्ति गलती से भी आधी अधूरी या खंडित न हो. इसका विशेष ध्यान रखें

-गणेश भगवान की पूजा में केतकी के फूल या फिर तुलसी दल का प्रयोग भूलकर भी न चढ़ाएं. इन दोनों चीजों का इस्तेमाल भगवान गणेश जी की पूजा में नहीं किया जाता है.

-गणेश भगवान की पूजा भूलकर भी बिना स्नान के न करें. पहले अच्छे तन मन को शुद्ध करें. ब्रह्मचर्य का पालन करें. मन में नकारात्मक विचार न लाएं. भगवान का नाम लें और उनकी विधि विधान से पूजा अर्चना कर भोग लगाएं.

-गणेश चतुर्थी के दिन भूलकर भी दिन में न सोएं. ऐसा करने से भगवान रुष्ट होते हैं. अगर आप व्रत हैं और कमजोरी महसूस कर रहे हैं तो फलाहार कर लें.

-घर में गणेश जी की स्थापना करने के बाद भूलकर भी लहसुन या प्याज का इस्तेमाल न करें. खासकर गणेश भगवान की दोनों पहर पूजा करने वाले को लहसुन प्याज का खाना खाने से बचना चाहिए.

गणेश चतुर्थी पर जरूर करें ये काम

-गणपति बप्पा को लाल रंग सबसे ज्यादा प्रिय है. इसलिए संभव हो तो गणेश चतुर्थी पर खुद भी लाल कपड़े धारण करें. उनके साथ ही खुर भी लाल तिलक लगाएं. भगवान मोदक खिलाएं.

-भगवान गणेश जी की स्थापना घर के ईशान कोण में करनी चाहिए. बप्पा का मुख उत्तर पूर्व दिशा में रखकर ही पूजा करें.

-भगवान गणपति की पूजा में दूर्वा घास का बहुत महत्व है. पूजा में इसे जरुर शामिल करें. भगवान को दूर्वा चढ़ाने से मनोकामना पूर्ण हो जाएगी.

-गणेश भगवान की पूजा आरती एक सही समय पर करें. साथ ही भगवान को दस दिनों तक उनकी प्रिय चीजों का भोग लगाएं.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. DlightNews इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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