Skip to main content

DlightNews

*यशदेव मणि उर्फ सुधाविंदु त्रिपाठी की 107वीं जयंती पर साहित्यकारों ने साहित्यकारों ने आपसी सद्भावना का दिया संदेश* ।
 
*वरिष्ठ संवाददाता बीपीमिश्र*
 
      गोरखपुर। यशदेव मणि उर्फ सुधाविन्दु त्रिपाठी की 107 वीं जयंती समाधान वेलफेयर फाउण्डेशन, सुधा संस्मृति संस्थान, स्मार्ट कम्प्यूटर पिपराइच एवं सुधाविन्दु सांस्कृतिक मंच के संयुक्त तत्वावधान में विष्णु मंदिर, असुरन के प्रांगण में मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता वयोवृद्ध कवि श्री राम राव एवं संचालन राम कृष्ण शरण मणि त्रिपाठी ने किया। मुख्य अतिथि हरिनाथ कुशवाहा जी रहे। कार्यक्रम का आरंभ वेद मंत्रोंच्चारण एवं स्व. सुधाविन्दु त्रिपाठी के चित्र पर पुष्पार्पण के साथ हुआ। कार्यक्रम में वक्ताओं ने स्व.त्रिपाठी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला साथ ही वरिष्ठ लोगों ने उनसे जुड़े संस्मरणों को साझा किया। स्व.त्रिपाठी के सुपुत्र एवं संरक्षक श्री रवीन्द्र मोहन त्रिपाठी ने अपने पिता के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अंतर्गत कवि चन्देश्वर 'परवाना', अरविंद 'अकेला', रामाराव, धर्मेन्द्र त्रिपाठी, कुमार अभिनीत, सुनीसा श्रीवास्तव, शिवांगी मिश्रा आदि ने संबोधन के साथ साथ काव्य पाठ भी किया ।कार्यक्रम में शशि रंजन पाण्डेय, रोहित सिंह, पुजारी शिवम पाण्डेय, दुर्गेश मिश्र, मनोज राय, राजेश पाण्डेय, राजेश यादव, विशाल सिंह, मनीष शर्मा, मुन्ना शुक्ला, चंदन शुक्ल, अनुप्रिया त्रिपाठी आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही।संवादसूत्र सुनील मणि त्रिपाठी की रिपोर्ट।

Comments

Popular posts from this blog

अलीराजपुर यूनिकेयर हॉस्पिटल यहां पर सभी प्रकार

अलीराजपुर यूनिकेयर हॉस्पिटल यहां  पर सभी प्रकार के चर्म रोग स्त्री रोग इलाज किया जाता है सभी को फायदा पहुंचता है दांत खाद खुजली मासा सभी प्रकार का इलाज किया जाता है आबिद हुसैन कुरेशी

DlightNews

बामनपुरी रामलीला में धनुष यज्ञ लीला का हुआ मनमोहक मंचन , बरेली से जिला , संवाददाता अभिनय रस्तोगी की रिपोर्ट बरेली। बमनपुरी में चल रही 166 वीं श्री रामलीला के पाचवें दिन कलाकारों ने सीता स्वयंवर व धनुष यज्ञ की लीला का शानदार मंचन किया। सीता स्वयंवर में भगवान श्री राम ने शिव धनुष को उठाया तो पूरा पंडाल जय श्रीराम के जयकारे से गूंज उठा। रामलीला की शुरूआत में दिखाया गया कि जनकपुर में जनक जी अपनी पुत्री सीता के स्वयंवर के लिए देश देशांतर के राजाओं को बुलवाते हैं और शिव धनुष को उठाने व प्रत्यंचा चढ़ाने की शर्त रखते हैं, कोई भी राजा धनुष को हिला नहीं पाता है। राजा जनक के अभिनय ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इस दौरान रावण -बाणासुर के ओजस्वी संवादों को सुनकर श्रद्धालु रोमांचित हो उठे। अंततः रावण स्वयंवर सभा छोड़कर लंका वापस लौट जाता है उधर जब सारे राजा धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाना तो दूर, उसे तिल भर हिला तक नहीं पाते हैं तो यह देखकर राजा जनक अधीर हो उठते हैं और करुण विलाप करते हैं वो इस आशंका से भयभीत हो जाते हैं कि उनके इस कठिन प्रण के चलते सीता जी जीवन भर कुंवारी ना रह जाएं, वह हताशा...

DlightNews

शाह समाज महासम्मेलन के पदाधिकारीयों आज राजधानी लखनऊ में बैठक अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री से करेंगे मुलाकात संक्षेप: Lucknow News - लखनऊ में उत्तर प्रदेश शाह अल्वी समाज की आगामी महासम्मेलन की तैयारी में पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री से मुलाकात करने का निर्णय लिया और प्रशासन से सहयोग की मांग की। बैठक विक्रमादित्य मार्ग स्थित लखनऊ मंत्री दानिश आजाद जी के आवास पर हुई। इस दौरान पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश भाषा विभाग के पूर्व अध्यक्ष श्री तुरज जैदी से भी औपचारिक मुलाकात की इस संबंध में शाह समाज के पदाधिकारियों ने मंत्री दानिश आजाद अंसारी जी से मुलाकात करने की बात कही। राष्ट्रीय सह संयोजक जियारत अली शाह मलंग ने कहा कि हमारा मकसद है कि बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश के लोंगो को एक मंच पर लाया जाए बैठक में प्रदेश अध्यक्ष शोहरत अली शाह मलंग,राष्ट्रीय सह संयोजक जियारत अली शाह मलंग राष्ट्रीय संयोजक ताहिर शाह, मारूफ,दानिश आदि रहे।