बरेली। खानकाहे वामिकिया मे आज हज़रत सय्यद वामिक मियां का 78वाँ विसाली कुल शरीफ सम्पन हुआ जिसमे काफी दूर दाराज़ से उनके मुरीदो ने उर्स मे शिरकत की और उनके माज़ार पर सारे उनके अकीददमंद व मुरीदो ने गुलाब क़े फूलो की चाँदरे चड़ाई और अपने हक क़े लिए लिए दुआये व मन्नते मांगी आपको बता दे की वामिक मियां क़े विसाले कुल का आगज़ सुबह कलाम ए पाक़ तिलावत से शुरू हुआ उसके बाद शाम 4 बजे खानकाह मे नातों मनकबत का सिलसिला शुरू हुआ हाफ़िज़ गंज से आये गुलामे निशात ने वामिक मियां क़े लिखें हुए कलाम पड़े बाँध दिया फिर साहिबे सज्जादा ने वामिक मियां की ज़िन्दगी पर प्रकाश डालने क़े लिए डा0 मेहमूद को खड़ा किया डा0 मेहमूद ने वामिक मियां की जिंदगी पर रौशनी ड़ालते हुए कहा की वामिक मियाँ का सिलसिला हुज़ूर गौसे आज़म से मिलता है बरेली कि पहेली खानकाह सय्यद की खानकाहे वामिकया है इनकी हर पीढ़ी मे वली गुज़रे है।इनका नाम रुहेलखण्ड की किताबो मे लिखा है वामिक मियां ने हाज़ारों क़े हिसाब से कलाम लिखें है बरेली से जिला संवाददाता अभिनय रस्तोगी की रिपोर्ट
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