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*सूफ़ी सैय्यद जियारत अली शाह मलंग ने जिंदाशाह मदारीयों में एकता का आह्वान किया, कहा ' " सूफ़ीसंत फकीर किसी का विरोध करने के लिए नहीं जीते हैं हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं"*

कानपुर: मकनपुर 13 अगस्त मंगलवार को राष्ट्रीय सूफ़ीसंत फकीर शाह मलंग समाज गोष्ठी में अलग-अलग अखाड़े के धर्मगुरु प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए (मुस्लिम राष्ट्रीय मंच) सूफ़ी शाह मलंग प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संयोजक ताहिर शाह और राष्ट्रीय सह-संयोजक सूफ़ी सैय्यद जियारत अली शाह मलंग ने मदारिया सिलसिला के लोंगो को एकजुट होने और खुद को संगठित करने का आह्वान करते हुए मकनपुर दरगाह के सज्जादानसीन सैय्यद मिजुबुलबाकी मदारी सहित परिवारजनों, मदारिया सिलसिला के राष्ट्रीय मदरसा बोर्ड के अधिकारी मुफ्ती इशराफ़ील शाह मदारी और ग्राम प्रधान सैय्यद मज़ाहिर मदारी से मुलाकात की. 
राष्ट्रीय संयोजक ने जोर देकर कहा कि मदारियों ने बारह सौ सालों तक कष्ट झेले हैं और जिंदाशाह मदारियों को प्रभुत्वशाली बनने की भी कोई आकांक्षा नहीं है और समुदाय तभी समृद्ध होगा जब वह एक समाज के रूप में मिलकर काम करेगा।
उन्होंने कहा, "मदारियों का एकजुट होना अपने आप में एक मुश्किल काम है। हमारे काम के शुरुआती दिनों में, जब हमारे कार्यकर्ता अखण्ड फकीरवाद को लेकर आगे बढ़े तो फकीर समाज के विभिन्न सिलसिले के नेताओं ने कहा कि शेर कभी झुंड में नहीं चलता। लेकिन वह शेर, वह रॉयल बंगाल टाइगर, अपने जंगल का राजा, अगर अकेला हो, तो जंगली कुत्ते मिलकर उस पर हमला कर सकते हैं और उसे खत्म कर सकते हैं।"
(मुस्लिम राष्ट्रीय मंच) सूफ़ी शाह मलंग प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सह-संयोजक सूफ़ी सैय्यद जियारत अली शाह मलंग ने सूफ़ीसंत फकीरों शाह मलंगो की अंतर्निहित सहिष्णुता पर जोर दिया और कहा कि यह लोग किसी का विरोध करने के लिए नहीं जीते हैं हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं" फकीरी लेने का मतलब किसी भी तरह की पूजा पद्धति या किसी भगवान को मानना नहीं है। परम सत्य के बारे में सोचें। राष्ट्रीय संयोजक ताहिर शाह ने फकीर समाज को मजबूत करने के लिए एकजुट होने की आवश्यकता के बारे में बात की । उन्होंने कहा कि फकीरों को एक साथ काम करना सीखना चाहिए और सभी अच्छे लोगों को शामिल करने और लोगों को एकजुट करने की पहल करनी चाहिए, जो उनके अनुसार "समय की मांग है, फकीर समाज का कर्तव्य है और हम में से हर एक का जिंदा शाह मदारी होना आवश्यक है"।
राष्ट्रीय सह-संयोजक सूफ़ी सैय्यद जियारत अली शाह मलंग ने कहा कि हिन्दू हमसे अलग नहीं हैं, वह भी हमारे ही हैं बस हमारी पूजा पद्धति अलग है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच सम्पूर्ण समाज को संगठित करना चाहता है इसमें पराया कोई नहीं। जो आज हमारा विरोध करते हैं, वे भी हमारे हैं। उन्होंने कहा कि लेकिन यह पक्का है, कि उनके विरोध से हमारी क्षति न हो, इतनी चिंता हम जरूर करेंगे।
राष्ट्रीय संयोजक ताहिर शाह ने कहा कि हिंदुस्तान में जन्म लेने वाला हर व्यक्ति की जड़ें एक है, उनमें कोई खड़ी मूर्ति पूजा करता है तो कोई पड़ी मूर्ति की पूजा करता यदि इनमे कोई नहीं है तो वही विदेशी इस्लामोफोबिया से ग्रसित हैं, उन्होंने मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मार्गदर्शक डा़ इंद्रेश कुमार जी के आह्वान पर हर घर तिरंगा फहराने की अपील की. 
      सूत्रों का कहना है कि गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मार्गदर्शक इंद्रेश कुमार जी का शुभ-आगमन विश्व प्रसिद्ध सूफीसंत फकीर सैय्यद बदीउद्दीन जिंदाशाह मदार दरगाह मकनपुर कानपुर में आगामी सितंबर में राष्ट्रीय स्तर का सम्मेलन मदारियों का होना है. अलग-अलग गोष्ठियों में प्रमुख रूप से आदिल मियां मदारी, अल्तमस मियां मदारी, अली हम्माद शाह मदारी, मोहम्मद हादी मदारी, अल्पसंख्यक मोर्चा भाजपा नेता सैय्यद ताजदार मदारी सहित मदारी सिलसिले के सैकड़ों प्रबुद्धजन मौजूद रहें.

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