निरंकारी मिशन द्वारा वननेस वन परियोजना की
चौथे चरण की शुरुआत
(लालरू) 8 अगस्त, 2024:- सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज और पूज्य निरंकारी राजपिता जी के मार्गदर्शन और पवित्र आशीर्वाद से, संत निरंकारी मिशन ने पर्यावरण की रक्षा के लिए 2021 में 'वननेस वन' के तहत एक मेगा वृक्षारोपण परियोजना शुरू की। परियोजना का उद्देश्य 'पेड़ों के समूह' (लघु वन) लगाना और उनका रखरखाव करना था। जिसका आकार अब साल दर साल लगातार बढ़ता जा रहा है।
जानकारी साझा करते हुए संत निरंकारी मंडल के सचिव माननीय श्री जोगिंदर सुखीजा ने बताया कि वर्ष 2021 में आयोजित 'वननेस वन' परियोजना के पहले चरण के तहत पूरे भारत में लगभग 1.5 लाख पेड़ लगाए गए थे। जिस उत्साह से निरंकारी भक्तों द्वारा ये पौधे लगाए गए उसी उत्साह के साथ पूरे वर्ष उनकी निरंतर देखभाल की जाती रही। परिणामस्वरूप, इन 'पेड़ों के समूहों' का इतना विस्तार हो गया है कि अब ये 'मिनी वन' के रूप में दिखाई देते हैं। इन 'पेड़ों के समूहों' पर प्रवासी और दुर्लभ प्रजाति के पक्षी भी देखने को मिलते हैं, जो लगभग विलुप्त हो चुके थे। निस्संदेह, इन सभी जानवरों का प्रकृति के संतुलन में बहुत महत्व है।
वर्ष 2022 में भी 'वननेस वन' परियोजना का दूसरा चरण बड़े उत्साह के साथ आयोजित किया गया। जिसमें पेड़ों की संख्या 2 लाख के करीब पहुंच गई. उसके बाद साल दर साल इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और इसके परिणामस्वरूप लगभग 2.50 लाख पेड़ लगाए जा चुके हैं। जिनकी लगातार देखभाल की जा रही है. इन वृक्षों को फलदार एवं पौष्टिक बनाए रखने के लिए मिशन अमले द्वारा स्थानीय जलवायु एवं भौगोलिक वातावरण के अनुरूप पौधों का रोपण किया जा रहा है। जिसमें इनके संरक्षण एवं वृद्धि हेतु सर्वोत्तम जैविक खाद, स्वच्छ जल एवं नवीनतम सिंचाई तकनीकों का प्रयोग किया जाता है। उनका पूर्ण विकास हो सके | इस अवसर पर स्थानीय मुखी श्री ओम प्रकाश जी ने कहा कि समाज कल्याण के लिए आवश्यक इस परियोजना को क्रियान्वित करने के लिए संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन ने रविवार 11 अगस्त को पूरे भारत में 600 से अधिक स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किये हैं | इस अभियान के चौथे चरण की सेवाओं को 'मेगा ट्री प्लांटिंग कैंपेन' से जोड़कर शुरू किया गया है। मिशन के सभी अनुयायी और स्वयंसेवक इसमें भाग लेंगे और लगभग 10 लाख पेड़ लगाएंगे और अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए तीन से पांच साल तक इन पेड़ों की देखभाल भी करेंगे ताकि ये 'मिनी फॉरेस्ट' की तरह विकसित हो सकें।
आज स्थानीय संत निरंकारी संगत और सेवादल द्वारा निरंकारी परिसर में 200 नए पौधे लगाए गए और सरकारी अस्पताल लालड़ू में कई वर्षों से लगाए गए पौधे की देखभाल भी की गई जिसकी शुरुआत पंचकुला के क्षेत्रीय निदेशक श्री राकेस गोंड जी ने की और यह कार्य चंडीगढ़ के जोनल इंचार्ज श्री ओपी निरंकारी की देखरेख में किया गया।
वर्ष 2020 में कोरोना संकट ने हम सभी को प्रकृति के अनमोल उपहार, आवश्यक वायु यानी ऑक्सीजन का महत्व समझाया। जिसके लिए इन पेड़ों का अस्तित्व बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि बड़ी संख्या में इन पेड़ों के प्रभाव से न केवल आसपास का वातावरण प्रदूषित होने से बचेगा बल्कि स्थानीय तापमान भी नियंत्रित रहेगा। निरंकारी मिशन समय-समय पर ऐसी कल्याणकारी योजनाओं को क्रियान्वित करके 'पर्यावरण संरक्षण' और पृथ्वी के सौंदर्यीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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