*मुतवल्लियों और अखाड़ों के उस्तादों के स्वाभिमान के लिए किये गये संघर्ष को सलाम*
*वरिष्ठ संवाददाता-गोरखपुर*
गोरखपुर।इंसान की क्षमता उसकी जाति और उसके धर्म से नहीं आंकी जा सकती है। उसकी पहचान उसके संघर्ष से होती है। संघर्ष करने वाला समाज में सदैव सबसे आगे रहता है। कुछ इसी तरह का संघर्ष इमामचौक मुतवल्ली एक्शन कमेटी गोरखपुर के प्रवक्ता एवं वरिष्ठ पत्रकार मुर्तजा हुसैन रहमानी ने जिले के 1848 मुतवल्लियों और अखाड़ों के उस्तादों को उनके स्वाभिमान और सम्मान के लिए निरंतर संघर्ष करते हैं। उन्होंने अपने संघर्षों से मुतवल्लियों और अखाड़ों के उस्तादों को शासन और प्रशासन के बीच संवाद स्थापित कर मुहर्रम के जुलूस को शांतिपूर्वक संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुतवल्लियों और अखाड़ों के उस्तादों के विकास में गोरखपुर जिले और महानगर के कुछ बड़े समाजसेवियों ने इमामचौक मुतवल्ली एक्शन कमेटी के संघर्षों को अपना समर्थन देकर स्वयं को सम्मान पाने जैसी भूमिका निभाई है। आपके जज्बे और संघर्षों को सलाम, युवा पीढ़ी के लिए आप एक अध्याय हैं। जिसे हर किसी को आपके इस संघर्ष को पढ़ना चाहिए। साथ ही इमामचौक मुतवल्ली एक्शन कमेटी के संरक्षक एवं वरिष्ठ काउंसलर खैरूल बशर साहब और कमेटी अध्यक्ष अब्दुल्लाह साहब के संघर्षों को भी नजरंदाज नहीं किया जा सकता है। मुतवल्लियों और अखाड़ों के उस्तादों की तरक्की के साथ ही उनके परिवार के बच्चों को तालीम हासिल कराने में इमामचौक मुतवल्ली एक्शन कमेटी द्वारा उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है। आपको और आपके पूरी टीम को बहुत- बहुत बधाई।
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