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*सरकार की निष्ठुरता पर गरजे
समाज के विभिन्न वर्गों के प्रबुद्ध जन* 

-11वें शतक पर प्रतीकात्मक प्रतिकार का सत्याग्रहियों ने किया भव्य आयोजन 
*वरिष्ठ संवाददाता-,गोरखपुर*
गोरखपुर। लोक निर्माण विभाग गोरखपुर में कैग रिपोर्ट आधारित भ्रष्टाचार के विरुद्ध 13 जुलाई 2021 से प्रचलित सत्याग्रह संकल्प पर बैठे सत्याग्रहियों ने 11 शतक पूर्ण होने पर बेशर्म दमनकारी सरकार के कार्यशैली के विरुद्ध प्रतीकात्मक प्रतिकार व्यक्त करने के उद्देश्य से आज दिनांक 24 जुलाई 2024 को एक प्रतीकात्मक प्रतिकार सभा का सत्याग्रह स्थल पर आयोजन किया।उक्त आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा, विधि व व्यवसायिक क्षेत्र से प्रमुख वर्गों ने शिरकत किया।
 कार्यक्रम के आरंभ में संगठन के कर्मठ कार्यकर्ताओं एवं आमंत्रित अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।स्वागतो प्रांत पूर्वांचल के दूसरे गांधी कहे जाने वाले डॉ.सम्पूर्णा नंद मल्ल ने कहा कि शासन सत्ता में बैठे भ्रष्टाचारी आखिर कैग रिपोर्ट के अनुरूप कार्यवाही करने से असंतुष्ट क्यों है?क्या भ्रष्टाचार में उनका भी योगदान है?
ये भ्रष्ट शासन व प्रशासन के लोग जनता के गाढ़ी कमाई को लूटने में मशगुल हैं। मुख्यमंत्री के नगर में जिधर भी देखिए उधर लूट ही लूट है।उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ.जेपी नायक ने कहा कि सत्याग्रहियों के सत्याग्रह को कम आँकना सरकार के गले की फ़ास होगा, सत्याग्रही बिना अपने निष्कर्ष परिणाम को प्राप्त किये सत्याग्रह स्थल से बिमुख व बेदखल होने वाले नहीं है।जिला अधिवक्ता एसोसिएशन गोरखपुर के पूर्व मंत्री योगेंद्र कुमार मिश्रा एडवोकेट ने कहा कि संगठन के अहिंसात्मक आंदोलन के स्वरूप को औऱ बड़ा करना होगा और सड़कों पर उतर कर मार्च पास व अन्य माध्यमों से भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए जन सामान्य को जागरूक करना होगा।
उक्त के क्रम में सिविल कोर्ट के अधिवक्ता पिंटू साहनी ने कहा कि अगर 3 साल के सत्याग्रह की आवाज सरकार सुनने में असफल है तो उसके कर्ण पटह के समीप आंदोलन के गूंज की तेज आवाज देनी होगी। जिसमें अधिवक्ता वर्ग कंधे से कंधा मिलाकर सत्याग्रहियों के साथ चलने को तैयार है।तीसरी आंख मानवाधिकार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार मिश्र ने कहा कि वर्तमान सरकार में लोकतांत्रिक मूल्यों का कोई वजूद नहीं है, ऐसा लगता है कि शासकीय प्रशासकीय तंत्र का भ्रष्टाचार में चोली दामन का साथ है और अहिंसात्मक आन्दोलनों से परहेज है। ऐसे भ्रष्ट शासकीय तंत्र को सबक सिखाने का समय आ गया है जिसके लिए अभिलंब संगठन के प्रमुख लोगों की एक गंभीर बैठक कर, आगामी रणनीति पर विचार किया जाएगा।शिवसेना उत्तर प्रदेश महामंत्री लल्लन दुबे ने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह नगर में लगातार 3 वर्षों से अहिंसात्मक सत्याग्रह संकल्प कर रहे सत्याग्रहियों के धैर्य की सराहना करनी पड़ेगी और लोक निर्माण विभाग के बेख़ौफ़ भ्रष्ट अभियंताओं के निरंकुश भ्रष्टाचार की दाद देनी पड़ेगी।
 संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रमाकांत पाण्डेय "राजू" ने कहा कि विगत तीन सालों से सत्याग्रह संकल्प की उपेक्षा सरकार की अकर्मण्यता, संवेदनहीनता दमनकारी शासकीय कार्य शैली का परिचायक है जो लोकतंत्र को शर्मसार करने का विषय है।
कार्यक्रम का संचालन संगठन के वरिष्ठ कार्यकर्ता शशिकांत माथुर ने किया।कार्यक्रम के अंत में संगठन के कुशीनगर जिला अध्यक्ष पवन कुमार गुप्ता ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम में उपस्थित संगठन के 
संतोष गुप्ता, रामचंद्र दुबे,डीएन सिंह, सुधीर पाण्डेय,सन्तकबीरनगर जिलाध्यक्ष साहेब राम साहनी, महराजगंज जिलाध्यक्ष ज़ाकिर अली,चंद्रप्रकाश मणि, प्रदीप,वीरेंद्र वर्मा, अधिवक्ता स्पर्श श्रीवास्तव,राजमंगल गोंड, वीरेंद्र राय, वशी अहमद, सतीश कुशवाहा, शमशेर जमा खान,नदीम अजीज व अन्य अधिवक्ता व कार्यकर्तागण उपस्थित थे।

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